मैंग्रोव जंगलों की सुरक्षा के लिए हवा में बनेगा थाने का बुलेट ट्रेन स्टेशन, उल्हास नदी की लहरों से प्रेरित होगी छतलातेहार के मिरचैया जलप्रपात में उमड़ रही पर्यटकों की भीड़, मानसून में दिखता है दूधिया पानी का विहंगम दृश्यरक्षाबंधन से ठीक पहले बेंगलुरु में सस्ता हुआ सोना, जानिए 24, 22 और 18 कैरेट के नए भावहैदराबाद के खैराताबाद में 69 फीट ऊंचे पंचमुख संकष्टहर महा गणपति की भव्य तैयारी, दिखेगा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और मां कालिका का दिव्य रूपऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स पर हुए अनपेक्षित प्रहार से बदला घटनाक्रम, पूर्व सीडीएस अनिल चौहान की टिप्पणी के बाद सामने आए रणनीतिक पहलूजौनपुर के आशीष मौर्य हत्याकांड में सांसद के प्रतिनिधि मनोज मौर्य समेत 4 भाइयों को मिली उम्रकैदराजस्थान निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही आप ने जयपुर की 11 सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कीकाइलियन एम्बाप्पे के तीन शानदार गोलों से रियल मैड्रिड की बड़ी जीत, टोटेनहैम भी चमकाईरान और ओमान के बीच कूटनीतिक बातचीत से होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद, अमरीकी क्रूड तेल के दाम गिरेरक्षाबंधन 2026 पर मुख्य द्वार की खूबसूरती बढ़ाने के 10 आसान तरीके, कम खर्च में मिलेगा पैलेस जैसा अहसास
तामुलपुर में बीटीसी के उपाध्यक्ष बिजित ग्वरा नार्जारी का निधन, पुलिस जांच में जुटीअसम
27 अग॰ 2026, 11:33 am (1 घंटे पहले)· 4

तामुलपुर में बीटीसी के उपाध्यक्ष बिजित ग्वरा नार्जारी का निधन, पुलिस जांच में जुटी

असम के बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के उपाध्यक्ष बिजित ग्वरा नार्जारी का तामुलपुर जिले स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

असम के तामुलपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के उपाध्यक्ष बिजित ग्वरा नार्जारी का 26 अगस्त 2026 की शाम निधन हो गया। उनका शव कुमरीकाटा स्थित उनके निजी आवास पर पाया गया। बिजित ग्वरा नार्जारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े वरिष्ठ नेता थे और स्वायत्त परिषद में दरंगाजुली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके अचानक निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र के राजनीतिक हलकों और स्थानीय जनता में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जांच जारी

आवास पर नेता का शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए घटना से जुड़ी तमाम परिस्थितियों की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है।

ये भी पढ़ें

बीटीसी प्रमुख हग्रामा मोहिलारी ने जताया गहरा शोक

नार्जारी के असामयिक निधन पर क्षेत्र के कई प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के प्रमुख और बोडोलैंड पीपुल्स पार्टी (बीपीएफ) के अध्यक्ष हग्रामा मोहिलारी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बिजित ग्वरा नार्जारी के निधन को सार्वजनिक जीवन और स्थानीय समाज के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया। मोहिलारी ने दिवंगत नेता के शोकाकुल परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

सांसद प्रमोद बोरो ने अर्पित की श्रद्धांजलि

यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के अध्यक्ष और सांसद प्रमोद बोरो, जो पूर्व में बीटीसी के प्रमुख भी रह चुके हैं, ने भी नार्जारी की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रमोद बोरो ने परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि वह इस कठिन समय में परिवार को शक्ति मिलने की ईश्वर से कामना करते हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सवाल-जवाब

बिजित ग्वरा नार्जारी कौन थे?
बिजित ग्वरा नार्जारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और असम के बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के उपाध्यक्ष थे, जो दरंगाजुली क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।
बिजित ग्वरा नार्जारी का निधन कहां हुआ?
उनका शव असम के तामुलपुर जिले के कुमरीकाटा स्थित उनके आवास पर पाया गया।
क्या उनकी मौत के कारण का पता चल पाया है?
नहीं, पुलिस ने कहा है कि वे घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं और अभी तक मौत के सटीक कारण का पता नहीं चल सका है।
किन राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है?
बीटीसी प्रमुख हग्रामा मोहिलारी और सांसद प्रमोद बोरो सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 मिनट पहले

एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि का उनके निजी आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया जाना आपराधिक जांच के लिहाज से बेहद संवेदनशील मामला है। पुलिस के लिए यह आवश्यक है कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के फोरेंसिक साक्ष्यों, विसरा रिपोर्ट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की सूक्ष्मता से समीक्षा करे, ताकि मौत के वास्तविक कारणों पर से पर्दा उठ सके और किसी भी प्रकार की अटकलों पर विराम लग सके।

Ravikash Gupta@ravikash·8 मिनट पहले

एक प्रमुख क्षेत्रीय नेता और जनप्रतिनिधि की इस तरह की अप्रत्याशित मृत्यु से न केवल राजनीतिक स्थिरता प्रभावित होती है, बल्कि असम के इस संवेदनशील स्वायत्त क्षेत्र के आर्थिक और विकासात्मक माहौल पर भी गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। जब तक प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ इस मामले में स्पष्टता नहीं लाता, तब तक स्थानीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है, जिसका असर क्षेत्रीय गतिविधियों और भावी राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR