सिनेमाघरों में 14 सितंबर 2012 को प्रदर्शित हुई फिल्म बर्फी ने व्यावसायिक सिनेमा के कई पुराने ढर्रे तोड़ दिए थे। बिना किसी भारी भरकम संवाद और बिना पारंपरिक मारधाड़ के यह फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने में कामयाब रही। संवेदनशील निर्देशन के जरिए अनुराग बसु ने पर्दे पर एक ऐसी दुनिया रची, जिसने दर्शकों को गहरे भावनात्मक स्तर पर प्रभावित किया।
बॉक्स ऑफिस पर बजट से कई गुना ज्यादा कमाई
इस पूरे प्रोजेक्ट का कुल निर्माण खर्च लगभग 35 करोड़ रुपये था। सीमित संसाधनों और बिल्कुल लीक से हटकर बुनी गई पटकथा के बावजूद फिल्म ने टिकट खिड़की पर जबर्दस्त कारोबार किया। घरेलू बाजार में इसने 112 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध संग्रह किया, वहीं दुनिया भर के सिनेमाघरों से 175 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज हुआ। इन मजबूत आंकड़ों के आधार पर फिल्म को आधिकारिक तौर पर सुपरहिट घोषित किया गया।
रणबीर कपूर का मूक अभिनय और जीवंत किरदार
फिल्म की मुख्य धुरी मर्फी उर्फ बर्फी का किरदार था, जिसे रणबीर कपूर ने साकार किया। सुनने और बोलने की क्षमता न होने के बावजूद रणबीर ने संवादों की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने अपनी भावभंगिमाओं, शारीरिक भाषा और सहज कॉमिक टाइमिंग के सहारे दर्शकों को खूब हंसाया भी और भावुक भी किया। यह अभिनय उनके पूरे फिल्मी सफर के सबसे यादगार और मील के पत्थर माने जाने वाले कामों में शुमार हुआ।
प्रियंका चोपड़ा का संजीदा रूप और इलियाना डिक्रूज का पदार्पण
ऑटिज्म से जूझती युवती झिलमिल का बेहद पेचीदा किरदार प्रियंका चोपड़ा के हिस्से आया था। अपनी स्थापित ग्लैमरस छवि को किनारे रखकर उन्होंने झिलमिल की मासूमियत और मानसिक स्थिति को पर्दे पर जिस बारीकी से उभारा, उसने समीक्षकों के साथ आम दर्शकों को भी चकित कर दिया। वहीं दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी पहचान बना चुकीं इलियाना डिक्रूज ने इसी फिल्म के साथ हिंदी सिनेमा में अपना पहला कदम रखा। श्रुति के रूप में उनकी सादगी और पहले प्रेम की कसक ने इस त्रिकोणीय कहानी को संतुलित और संवेदनशील दिशा दी।
प्रीतम की मधुर धुनें और अंतरराष्ट्रीय मंच पर दस्तक
फिल्म की कहानी को गति और आत्मा देने में संगीतकार प्रीतम के संगीत का बहुत बड़ा योगदान रहा। इत्ती सी हंसी, सांवली सी रात और फिर ले आया दिल जैसे गीतों ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। संवादहीन दृश्यों में वायलिन और अकॉर्डियन की धुनों ने जान फूंक दी। व्यावसायिक कामयाबी के अलावा बर्फी को 85वें एकेडमी अवॉर्ड्स में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुना गया था। इसके साथ ही फिल्मफेयर और IIFA जैसे प्रमुख पुरस्कार समारोहों में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता सहित कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया।
















