साल 1976 में आई फिल्म नागिन को आज भी हिंदी सिनेमा में इच्छाधारी नाग-नागिन की कहानियों की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है। राजकुमार कोहली के निर्देशन में बनी यह फिल्म अपनी रहस्यमयी कहानी, डरावने मोड़ों और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के बनाए कालजयी संगीत खासकर मशहूर नागिन की धुन के लिए आज भी याद की जाती है। फिल्म को रिलीज हुए करीब पांच दशक हो चुके हैं, फिर भी इसकी कहानी और संगीत आज भी दर्शकों के जहन में ताजा बने हुए हैं। इस फिल्म ने अभिनेत्री रीना रॉय को रातों-रात स्टार बना दिया था, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि नागिन के मुख्य और सबसे ताकतवर किरदार के लिए रीना रॉय पहली पसंद नहीं थीं।
रेखा और आशा पारेख ने पहले ठुकराया था यह किरदार
एक्ट्रेस रीना रॉय ने द कपिल शर्मा शो में बतौर मेहमान पहुंचकर इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प और कम सुना गया किस्सा साझा किया था। उन्होंने बताया कि जब निर्देशक राजकुमार कोहली नागिन की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे, तब वे इस ताकतवर और रहस्यमयी किरदार के लिए उस दौर की स्थापित और टॉप अभिनेत्रियों को साइन करना चाहते थे, क्योंकि यह किरदार फिल्म की पूरी कहानी की धुरी था और मेकर्स कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। रीना रॉय के मुताबिक, सबसे पहले रेखा, आशा पारेख और उस समय की कुछ और दिग्गज अभिनेत्रियों से इस रोल के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन इन सभी ने अलग-अलग वजहों से इस फिल्म का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया। एक के बाद एक बड़ी अभिनेत्रियों के मना करने के बाद निर्माताओं की तलाश आखिरकार रीना रॉय पर आकर टिकी।
कैसे रीना रॉय के हाथ लगा करियर बदलने वाला मौका
रीना रॉय ने खुद इंटरव्यू में इस मौके को याद करते हुए बताया, जब दूसरी बड़ी अभिनेत्रियों ने इस फिल्म को करने से मना कर दिया, तब मेकर्स को लगा कि मैं इस रोल के लिए एकदम परफेक्ट रहूंगी। मैं अभिनय के साथ-साथ डांस में भी काफी सहज थी। यह मौका मेरे पास आया और यही मेरे करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यानी जिस भूमिका को उस दौर की कई बड़ी और स्थापित हीरोइनों ने ठुकरा दिया था, वही भूमिका आगे चलकर रीना रॉय की सबसे बड़ी पहचान बन गई और उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग और खास मुकाम दिलाया।
मां को पसंद नहीं था बेटी का यह किरदार
फिल्म में इच्छाधारी नागिन का किरदार निभाना रीना रॉय के लिए इतना आसान भी नहीं था, क्योंकि उनका अपना परिवार ही इस फैसले के खिलाफ खड़ा था। रीना रॉय ने बताया था कि उनकी मां इस प्रोजेक्ट को लेकर बिल्कुल भी खुश नहीं थीं। मां का मानना था कि यह किरदार पूरी तरह नेगेटिव और ग्रे शेड वाला है, जो पूरी फिल्म में सिर्फ बदला लेने के लिए इंसानों की जान लेती है। उन्होंने रीना रॉय से यह भी पूछा था कि करियर की शुरुआत में ही वे ऐसा खूंखार और नकारात्मक किरदार क्यों चुन रही हैं, जिससे आगे चलकर उनकी स्क्रीन इमेज को नुकसान पहुंच सकता है।
चुनौती स्वीकार कर रीना रॉय ने लिया साहसिक फैसला
मां की इन आपत्तियों के बावजूद रीना रॉय को फिल्म की कहानी में एक अलग तरह की मजबूती और आकर्षण नजर आया था। उन्होंने मां की चिंता को दरकिनार करते हुए अपने दिल की सुनी और इस चुनौतीपूर्ण किरदार को निभाने का साहसिक फैसला लिया। यही फैसला बाद में उनके करियर के लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। फिल्म नागिन में रीना रॉय के इस रोल ने न सिर्फ उनकी किस्मत चमकाई, बल्कि उन्हें उस दौर की सबसे चर्चित और सफल अभिनेत्रियों की फेहरिस्त में भी शामिल कर दिया।













