जब भी भारतीय सिनेमा में इच्छाधारी नागिन के किरदार की बात आती है, दर्शकों के जेहन में 1986 में प्रदर्शित फिल्म नगीना में श्रीदेवी का बेमिसाल अभिनय उभरकर आता है। निर्देशक हरमेश मल्होत्रा की इस फैंटेसी थ्रिलर फिल्म में श्रीदेवी ने रजनी नामक इच्छाधारी नागिन की भूमिका निभाई थी, जो अपने साथी की अकाल मृत्यु का बदला लेने के लिए प्रतिबद्ध होती है। उनकी कजरारी नीली आंखें, अद्वितीय शारीरिक भाषा और अमरीश पूरी के सामने उनका मनमोहक नगीना डांस आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम इतिहास का अटूट हिस्सा माना जाता है। इस फिल्म का बहुचर्चित गीत मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा दर्शकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हुआ था। हालांकि, बहुत से लोग इस तथ्य से अनजान हैं कि नागपंचमी की पौराणिक लोककथाओं पर आधारित नागिन के रूप को श्रीदेवी से कई दशक पहले ही भारतीय रजत पट पर स्थापित किया जा चुका था।
1954 की नागिन: वैजयंतीमाला ने रखा इस पौराणिक विधा का आधार
हिंदी सिनेमा के इतिहास में इच्छाधारी नागिन की अवधारणा को पहली बार व्यावसायिक सफलता 1954 में रिलीज़ हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म नागिन से मिली थी। इस ऐतिहासिक फिल्म में अपने दौर की दिग्गज और सुप्रसिद्ध अभिनेत्री वैजयंतीमाला ने मुख्य किरदार को जीवंत किया था। फिल्म में उनके प्रभावशाली नागिन अवतार और अमर संगीत धुन मन डोले मेरा तन डोले ने पूरे देश के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। इस फिल्म ने पहली बार भारतीय सिनेमा के पर्दे पर इच्छाधारी नागिन के मिथक और सर्प लोककथाओं को बेहद भव्य और कलात्मक शैली में स्थापित करने का काम किया था।
1976 की नागिन: रीना रॉय का खौफनाक बदला और सुपरस्टारडम
साल 1976 में आई मल्टीस्टारर फिल्म नागिन ने इस विधा को एक नया और आक्रामक मोड़ दिया। इस सुपरहिट फिल्म में अभिनेत्री रीना रॉय ने एक ऐसी इच्छाधारी नागिन की मुख्य भूमिका अदा की, जो अपने नाग साथी की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए इंसानी रूप धारण करती है। फिल्म में उनके साथी का किरदार प्रसिद्ध अभिनेता जितेंद्र ने निभाया था। रीना रॉय के प्रतिशोध की आग में जलते खौफनाक रूप और उनके संजीदा अभिनय ने उन्हें रातों-रात फिल्म उद्योग का सुपरस्टार बना दिया। इस फिल्म का सदाबहार गाना तेरे संग प्यार में नहीं तोड़ना दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा में एक कल्ट क्लासिक के रूप में जानी जाती है।
1966 की नागिन और सपेरा: बेला बोस का शास्त्रीय नृत्य और अभिनय
साठ के दशक की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री बेला बोस ने साल 1966 में बनी फिल्म नागिन और सपेरा में नागिन की मुख्य भूमिका निभाई थी। यह फिल्म पारंपरिक लोककथाओं में वर्णित सपेरे और नागिन के जटिल व दिलचस्प रिश्तों पर आधारित थी। बेला बोस ने अपने शानदार अभिनय और निपुण शास्त्रीय नृत्य के बल पर इस किरदार में जान फूंक दी थी। उस दौर के दर्शकों ने पर्दे पर सपेरे की बीन और नागिन के नृत्य के इस अनूठे समन्वय की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी।
नाग पूजा: इंदिरा बिल्ली का पौराणिक और भक्ति रस से भरपूर अभिनय
पौराणिक और भक्ति रस से सराबोर फैंटेसी फिल्म नाग पूजा में अभिनेत्री इंदिरा बिल्ली ने नागिन का मुख्य किरदार निभाया था। इस फिल्म की कहानी मुख्य रूप से सर्प पूजा की प्राचीन परंपराओं, नाग और नागिन के पवित्र भावनात्मक संबंध तथा मानव जगत और नाग लोक के बीच उत्पन्न होने वाले टकरावों के इर्द-गिर्द घूमती थी। इस धार्मिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म में इंदिरा बिल्ली के सशक्त अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया था।
भारतीय सिनेमा में सर्प कथाओं की अनवरत परंपरा
इन ऐतिहासिक फिल्मों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि भारतीय बड़े पर्दे पर इच्छाधारी नागिन का विषय सदैव ही दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। 1954 में वैजयंतीमाला के मनमोहक अभिनय से शुरू हुआ यह सफर, 1966 में बेला बोस के शास्त्रीय नृत्य, 1976 में रीना रॉय के बदले की कहानी और 1986 में श्रीदेवी के प्रतिष्ठित रूप तक निरंतर विकसित होता रहा। इन सभी दिग्गज अभिनेत्रियों ने अपनी अनूठी अभिनय क्षमता से नागिन के लोककथात्मक चरित्र को अमर बना दिया।


















