भारतीय सिनेमा के इतिहास में 30 सालों से अधिक समय से सक्रिय रहे शाहरुख खान की पहचान केवल रोमांटिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं रही है। नब्बे के दशक में बादशाह और रोमांस किंग के खिताब हासिल करने के बाद, साल 2000 से 2009 के दशक में उन्होंने अपने अभिनय के फलक को काफी विस्तार दिया। इस दौर में उन्होंने गंभीर त्रासदियों से लेकर एक्शन थ्रिलर और स्पोर्ट्स ड्रामा जैसी विविध शैलियों की फिल्मों में काम किया। सबसे खास बात यह रही कि प्रयोगधर्मिता के बावजूद ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त कामयाब रहीं। आइए विस्तार से नजर डालते हैं इस दशक की उन पांच प्रमुख फिल्मों पर, जिन्होंने सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।
डॉन (2006): जब स्टाइलिश अंदाज में निभाया दोहरा किरदार
साल 2006 में आई एक्शन थ्रिलर फिल्म 'डॉन' ने अभिनेता के करियर को एक नया स्टाइलिश मोड़ दिया। फरहान अख्तर के निर्देशन में तैयार हुई यह फिल्म वास्तव में साल 1978 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन की ऐतिहासिक क्लासिक 'डॉन' की रीमेक थी। इस आधुनिक संस्करण में मुख्य अभिनेता दोहरे रोल में नजर आए, जहां उन्होंने एक शातिर अंतरराष्ट्रीय अपराधी डॉन और उसके हमशक्ल विजय दोनों का किरदार निभाया। फिल्म की स्टारकास्ट में प्रियंका चोपड़ा, अर्जुन रामपाल, बोमन ईरानी, ईशा कोप्पिकर और ओम पुरी जैसे कलाकार शामिल थे। पर्दे पर तेज रफ्तार एक्शन और अप्रत्याशित मोड़ों से सजी यह फिल्म वर्तमान में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर देखने के लिए उपलब्ध है।
देवदास (2002): दर्द और भव्यता से सजा पीरियड रोमांटिक ड्रामा
साल 2002 में सिनेमाघरों में उतरी 'देवदास' संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी एक भव्य पीरियड रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी। यह कहानी प्रसिद्ध बंगाली नोवल पर आधारित थी, जिसमें प्यार में टूटे एक प्रेमी की त्रासदी और उसकी आंतरिक उथल-पुथल को बेहद संजीदगी से पेश किया गया। इस फिल्म में ऐश्वर्या राय, माधुरी दीक्षित, जैकी श्रॉफ और किरण खेर ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। भव्य सेट्स, सशक्त संवाद और चार्टबस्टर संगीत के दम पर यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। आज भी इस क्लासिक रचना को दर्शक यूट्यूब पर इरॉस यूनिवर्स के चैनल के जरिए देख सकते हैं।
वीरजारा (2004): सीमा पार के प्रेम की अमर दास्तान
साल 2004 में रिलीज हुई 'वीरजारा' यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी एक ऐसी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी, जिसे हिंदी सिनेमा के बेहतरीन रोमांटिक नाटकों में गिना जाता है। फिल्म में शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से बांधे रखा। इस प्रेम कहानी की आत्मा इसका संगीत था, जिसे मदन मोहन और संजीव कोहली की संगीत रचनाओं से सजाया गया था। इस फिल्म के सभी गाने लंबे समय तक संगीत चार्ट्स में शीर्ष पर रहे। आज भी इस सदाबहार फिल्म का लुत्फ दर्शक नेटफ्लिक्स पर उठा सकते हैं।
चक दे इंडिया (2007): महिला हॉकी टीम और कोच का ऐतिहासिक सफर
रोमांटिक छवि से बिल्कुल अलग हटकर अभिनेता ने एक प्रेरक स्पोर्ट्स ड्रामा 'चक दे इंडिया' में भी काम किया। शिमित अमीन के निर्देशन और जयदीप साहनी के लेखन में तैयार हुई यह फिल्म यश चोपड़ा के बैनर तले बनाई गई थी। फिल्म की कहानी भारत की महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम और उसके दृढ़ निश्चयी कोच के संघर्ष और विजय को पर्दे पर दर्शाती है। सकारात्मक संदेश और जबरदस्त पटकथा की बदौलत इसे आईएमडीबी पर 8.1 की शानदार रेटिंग प्राप्त हुई है। यह सुपरहिट स्पोर्ट्स फिल्म नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए उपलब्ध है।
ओम शांति ओम (2007): पुनर्जन्म और बॉलीवुड के सुनहरे दौर का उत्सव
रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'ओम शांति ओम' साल 2007 में रिलीज हुई थी। इसकी कहानी सत्तर के दशक में शुरू होती है, जहां एक जूनियर कलाकार तत्कालीन फीमेल सुपरस्टार शांति के प्यार में पड़ जाता है। इसके बाद कहानी 30 साल आगे का सफर तय करती है, जब उस किरदार का पुनर्जन्म सुपरस्टार ओम कपूर के रूप में होता है। फिल्म का शीर्षक सुभाष घई की मशहूर फिल्म 'कर्ज' के एक गीत से प्रेरित था। भावना, ड्रामा और मनोरंजक संगीत के मिश्रण ने इस फिल्म को उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करा दिया।



















