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मध्य प्रदेश में फर्नीचर व्यापारी बनकर छिपा था राजस्थान का वांटेड तस्कर विश्नाराम, जोधपुर के कारीगरों की मदद से पकड़ा गयाराजस्थान
6 अक्तू॰ 2026, 6:52 pm (7 मिनट पहले)· 0

मध्य प्रदेश में फर्नीचर व्यापारी बनकर छिपा था राजस्थान का वांटेड तस्कर विश्नाराम, जोधपुर के कारीगरों की मदद से पकड़ा गया

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दो साल से फरार और एक लाख रुपये के इनामी नशा तस्कर विश्नाराम जाट को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से गिरफ्तार कर लिया है।

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF ने मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान पूरा करते हुए कुख्यात तस्कर विश्नाराम जाट को अपनी हिरासत में ले लिया है। विश्नाराम पर राजस्थान पुलिस मुख्यालय की तरफ से एक लाख रुपये का नकद इनाम घोषित था और वह पिछले दो वर्षों से लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस की आधिकारिक सूची के मुताबिक वह राज्य के शीर्ष पच्चीस मोस्ट वांटेड नार्को अपराधियों में शामिल था। उसके अवैध धंधे की जड़ें राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश और हरियाणा तक फैली हुई थीं। जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड में अलग-अलग पुलिस थानों में अठारह से ज्यादा संगीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं।

ऑपरेशन मद्वैतेश के तहत मंदसौर में बड़ी घेराबंदी

ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने इस पूरे अभियान का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि विश्नाराम को पकड़ने की यह सुनियोजित कार्रवाई ऑपरेशन मद्वैतेश के अंतर्गत पूरी की गई है। कार्यबल के गठन को लगभग एक वर्ष पूरा हुआ है और इस समयावधि के भीतर यह इकाई की 101वीं बड़ी सफलता दर्ज की गई है। विश्नाराम लंबे समय से पुलिस की रडार पर था, लेकिन वह हर बार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर फरार होने में कामयाब हो जाता था। राजस्थान में लगातार बढ़ते पुलिसिया शिकंजे के बाद उसने राज्य की सीमा से बाहर निकलकर पड़ोसी राज्य में शरण ले ली थी, ताकि निगरानी टीमों को चकमा दिया जा सके।

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खलासी से अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना बनने का सफर

जांच में सामने आए विवरण के अनुसार बत्तीस वर्षीय विश्नाराम बाड़मेर जिले के रीको थाना क्षेत्र स्थित कुड़ला गांव का मूल निवासी है। उसने बारहवीं कक्षा तक औपचारिक शिक्षा हासिल की है। पूछताछ और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उसके दादा डोडा-पोस्त के भारी नशे के आदी थे। बचपन से परिवार में दादा की इस लत को देखते हुए विश्नाराम के मन में भी इस धंधे को लेकर आकर्षण पैदा हुआ। शुरुआत में उसने वाहनों पर खलासी के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसी दौरान उसका संपर्क नीमच और मंदसौर क्षेत्र के बड़े मादक पदार्थ सप्लायरों से हुआ। इसके बाद वह मध्य प्रदेश की मंडियों और ठिकानों से नशीले पदार्थों की खेप उठाकर राजस्थान के मारवाड़ अंचल में खपाने लगा। पिछले करीब बारह वर्षों से वह लगातार अपराध जगत में सक्रिय रहकर अपना खुद का एक बड़ा सिंडिकेट खड़ा करने में जुटा हुआ था।

पहचान छिपाने के लिए फर्नीचर कारोबारी का मुखौटा

जब राजस्थान के भीतर ANTF और स्थानीय पुलिस टीमों की दबिश बेहद तेज हो गई, तो विश्नाराम ने अपनी योजना बदलते हुए मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का रुख किया। वहां अपनी असली पहचान छिपाए रखने के लिए उसने खुद को एक सामान्य फर्नीचर व्यापारी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों को दिखाने के लिए वह सामान्य व्यापारिक गतिविधियों में शामिल दिखता था, ताकि किसी को उसकी असलियत पर रत्ती भर भी संदेह न हो। हालांकि, विशेष जांच दल उसके हर कदम पर लगातार तकनीकी और जमीनी स्रोतों के जरिए नजर बनाए हुए था। इसी दौरान टीम को गोपनीय सूचना मिली कि आरोपी मंदसौर में फर्नीचर का निर्माण कार्य करवा रहा है और उसने इस काम के लिए जोधपुर से कुछ विशेष कारीगरों को बुलवाया है।

उमरिया गांव में पार्टी के दौरान दबिश

जोधपुर से मंदसौर के लिए रवाना हुए कारीगरों की गतिविधियों का पीछा करते हुए विशेष कार्यबल के दल मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में स्थित उमरिया गांव तक पहुंच गए। वहां विश्नाराम अपने एक पुराने सहयोगी के रिश्तेदार के मकान में उन कारीगरों और कुछ अन्य साथियों के साथ मौजूद था। जिस समय पुलिस दल ने मकान को चारों तरफ से घेरा, उस समय आरोपी अपने साथियों के साथ नशे की महफिल जमाए बैठा था। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले से उसे संभलने या हथियार उठाने का कोई अवसर नहीं मिला और टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

तीन राज्यों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले

विश्नाराम के खिलाफ बाड़मेर के सदर, कोतवाली, महिला थाना, रीको, नागाणा, चौहटन और गिड़ा थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट, पाली जिले के सुमेरपुर, प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी और हरियाणा राज्य के गुरुग्राम स्थित सुशांत लोक थाने में भी उसके खिलाफ आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। इन मामलों में एनडीपीएस अधिनियम, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, जालसाजी और जानलेवा मारपीट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। कुल मिलाकर उसके खिलाफ अठारह से अधिक गंभीर आपराधिक प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं। अब पुलिस उससे पूछताछ कर मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के बाकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी कर रही है।

सवाल-जवाब

विश्नाराम जाट कौन है और उसे क्यों पकड़ा गया?
विश्नाराम जाट राजस्थान के टॉप 25 नार्को अपराधियों में शामिल एक लाख रुपये का इनामी नशा तस्कर है, जिसके खिलाफ 18 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी को किस जगह से और किस पुलिस टीम ने पकड़ा?
उसे राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी स्थित उमरिया गांव से गिरफ्तार किया।
विश्नाराम कितने समय से फरार था?
विश्नाराम पिछले करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
आरोपी ने मध्य प्रदेश में अपनी पहचान कैसे छिपाई थी?
उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए मंदसौर में खुद को एक सामान्य फर्नीचर कारोबारी के रूप में स्थापित कर रखा था।
पुलिस टीम आरोपी के ठिकाने तक कैसे पहुंची?
उसने जोधपुर से फर्नीचर बनाने के लिए कुछ कारीगर बुलाए थे, जिनका पीछा करते हुए टास्क फोर्स की टीम सीधे उसके ठिकाने तक पहुंच गई।
यह कार्रवाई किस पुलिस अभियान के तहत की गई?
यह कार्रवाई ANTF द्वारा संचालित 'ऑपरेशन मद्वैतेश' के तहत की गई, जो टास्क फोर्स की 101वीं बड़ी सफलता है।
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