पोलैंड की मौद्रिक नीति को लेकर वित्तीय बाजारों में स्थिति स्पष्ट बनी हुई है। नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड (NBP) की मॉनेटरी पॉलिसी काउंसिल (MPC) 7 अक्टूबर बुधवार को होने वाली अपनी बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत के स्तर पर यथावत बनाए रखने की तैयारी में है। अर्थव्यवस्था में हालिया घटनाक्रम और मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम उठाने से बचेगा। नीति में किसी भी संभावित बदलाव के लिए नवंबर का समय सबसे पहला अवसर माना जा रहा है, क्योंकि उस दौरान नीति निर्माताओं के सामने नए व्यापक आर्थिक अनुमान मौजूद होंगे।
मुद्रास्फीति का दबाव और सरकारी राहत के उपाय
पोलैंड में मूल्य वृद्धि का स्तर अभी भी नीति निर्माताओं की निगरानी में है। सितंबर के दौरान वार्षिक आधार पर मुद्रास्फीति बढ़कर 4.0 प्रतिशत तक पहुंच गई। हालांकि, ईंधन बाजार में सरकारी हस्तक्षेप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 0.7 प्रतिशत अंक की कमी आने का अनुमान है। इसके बावजूद आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति के तय लक्ष्य के सहनशीलता बैंड की ऊपरी सीमा के आसपास बने रहने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है। इस परिस्थिति का सीधा प्रभाव वास्तविक दरों पर पड़ेगा, जिससे अल्पावधि में वास्तविक ब्याज दर शून्य के बेहद करीब बनी रहेगी।
ईंधन बाजार में सरकार का यह तीसरा बड़ा हस्तक्षेप है, जिसके तहत उत्पाद शुल्क और वैट में 2026 के अंत तक कटौती की गई है। इस नीतिगत निर्णय से अनुमानित मुद्रास्फीति के पथ में गिरावट दर्ज की गई है और मूल्य वृद्धि लक्ष्य के सहनशीलता बैंड के ऊपरी दायरे की तरफ लौट रही है। हालांकि, इस तरह के कदमों से कमोडिटी की कीमतों और मुद्रास्फीति के लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर टिके रहने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसी परिदृश्य को देखते हुए 2027 की पहली तिमाही में एहतियाती तौर पर 25 आधार अंकों की दो ब्याज दर बढ़ोतरी की आवश्यकता पड़ सकती है, ताकि कीमतों को ऊंचे स्तरों पर जड़ें जमाने से रोका जा सके। फिलहाल नीति निर्माताओं के लिए इंतजार करो और देखो की रणनीति ही सबसे व्यावहारिक रास्ता मानी जा रही है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और बॉन्ड यील्ड का उतार-चढ़ाव
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा है। फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली का दौर खिंचने की वजह से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर को निरंतर समर्थन मिल रहा है, भले ही अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं कमजोर पड़ती दिखी हों। इसके विपरीत, मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुआ इसका दो दिवसीय सुधार थम गया। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा चालू महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे सकती हैं।
यूरोपीय कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) फिसलकर एक बार फिर 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की तरफ से सख्त रुख की उम्मीदों और सरकारी हस्तक्षेप के मंडराते खतरों के बावजूद जापानी मुद्रा को कोई विशेष गति नहीं मिल सकी। जापानी आंकड़ों से भरे आगामी सप्ताह और बैंक ऑफ जापान की अनिर्णीत समय-सारणी के चलते मुद्रा 158.00 के आसपास अस्थिर चाल दिखा रही है। दूसरी तरफ, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के समक्ष भी दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। आम तौर पर जब मुद्रास्फीति तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो ब्याज दरों में सीधे बढ़ोतरी करना सामान्य विकल्प होता है, लेकिन वर्तमान हालात अलग हैं। बॉन्ड बाजार पहले ही आंशिक रूप से वित्तीय सख्ती कर चुका है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक के सामने नीतिगत चयन का गंभीर असमंजस बना हुआ है।
सोने की कीमतों में सुधार और क्रिप्टोकरेंसी का मिजाज
कमोडिटी बाजार की बात करें तो मंगलवार के कारोबारी सत्र में सोने (XAU/USD) ने मजबूती से वापसी दर्ज की। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाया, जिसके चलते पीली धातु को संभलने का मौका मिला। एशियाई बाजार के घंटों के दौरान सोना गिरकर 4,104 डॉलर प्रति औंस के दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद आई रिकवरी के साथ सोना 0.82 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में बिटकॉइन ने सकारात्मक रुझान बनाए रखा है। मंगलवार को बिटकॉइन 85,837 डॉलर के स्तर पर मजबूती से टिका रहा, जबकि बिकवाल इस ट्रेंड पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयास में सक्रिय रहे। मुख्यधारा के अन्य क्रिप्टो कॉइन्स में बिटकॉइन के सीमित दायरे की हलचल का असर दिखाई दिया। इस दौरान एथेरियम 2,700 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा, जबकि रिपल 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष करता नजर आया।

















