सिनेमा जगत में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो दशकों बाद भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं। फिल्म 'प्रिंस' का सदाबहार गाना 'बदन पे सितारे लपेटे हुए' भी इसी श्रेणी में आता है, जिसे दिग्गज गायक मोहम्मद रफी ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था। साल 1969 में रिलीज हुई इस फिल्म में शम्मी कपूर और वैजयंतीमाला मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। इस रोमांटिक ट्रैक के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे, जबकि इसका मनमोहक संगीत शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने तैयार किया था। स्क्रीन पर शम्मी कपूर का एनर्जेटिक डांस और रफी साहब की सुरीली आवाज ने इस गाने को उस दौर का सबसे बड़ा रोमांटिक हिट बना दिया था।
रूस में कैसे आया गाने का विचार
इस मशहूर गाने के निर्माण से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा काफी प्रचलित है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगीतकार शंकर-जयकिशन और गीतकार हसरत जयपुरी एक बार किसी कार्यक्रम के सिलसिले में रूस गए हुए थे। उस दौरान उन्होंने वहां एक मंच पर ऐसे कलाकार को देखा जिसने बेहद चमकदार और आकर्षक कपड़े पहन रखे थे। रूसी कलाकार के उस अनोखे लिबास और वहां के माहौल को देखकर गीतकार और संगीतकारों के मन में एक नया विचार कौंधा। भारत लौटने के बाद या उसी सफर के दौरान इस अनूठी प्रेरणा ने 'बदन पे सितारे लपेटे हुए' जैसे आइकॉनिक गानों को जन्म दिया, जिसने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
आधुनिक दौर में रीक्रिएट हुआ गाना
इस गाने की लोकप्रियता समय के साथ कम होने के बजाय और अधिक बढ़ती गई। साल 2018 में आई फिल्म 'फन्ने खां' के लिए इस क्लासिक गाने को एक बार फिर से आधुनिक संगीत के साथ रीक्रिएट किया गया था। नए वर्जन में अभिनेता अनिल कपूर स्क्रीन पर थिरकते नजर आए थे, जबकि इसे अपनी आवाज मशहूर गायक सोनू निगम ने दी थी। हालांकि आज भी मूल गाने का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है और यह हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों की पसंद बना हुआ है।


















