भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का लंबे समय से चला आ रहा विकेटों का सूखा आखिरकार समाप्त हो गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के बाद उन्हें यह सफलता हासिल हुई है, जिसके लिए उन्हें करीब 1434 दिनों का इंतजार करना पड़ा था। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने डेरिल मिचेल को आउट करके अपनी इस लंबी खामोशी को तोड़ा। इससे पहले उन्होंने आखिरी बार 20 नवंबर 2022 को न्यूजीलैंड के खिलाफ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई विकेट हासिल किया था।
वापसी के सफर में भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती राह आसान नहीं रही थी। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज के अंतिम मैच की प्लेइंग इलेवन में भी जगह दी गई थी, लेकिन बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाने वाला वह मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। इसके बाद जब वह टीम के साथ न्यूजीलैंड दौरे पर पहुंचे, तो पहले टी20 मुकाबले में उनका प्रदर्शन काफी महंगा साबित हुआ था। उस मैच में उन्होंने अपने चार ओवर के कोटे में 49 रन खर्च किए थे और उनके हाथ कोई सफलता नहीं लगी थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में उनकी मेहनत रंग लाई और उनका इंतजार खत्म हो गया।
क्राइस्टचर्च में फिर पलटा टॉस का पासा
न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भी टॉस का सिक्का भारतीय टीम के पक्ष में गिरा। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार दूसरी बार टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इससे पहले सीरीज के शुरुआती मैच में भी भारत ने ही टॉस जीता था। हेगली ओवल की यह पिच अमूमन बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है, जहां गेंदबाजों को काफी अनुशासन के साथ गेंदबाजी करनी पड़ती है।
शुरुआती मैच में इस मैदान की प्रकृति का असर साफ देखने को मिला था, जब कीवी टीम ने भारत के सामने जीत के लिए 225 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था। हालांकि, इसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 226 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था और मैच अपने नाम किया था। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में भारत का यह सबसे बड़ा रनचेज साबित हुआ था। इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की थी, और दूसरे मुकाबले में उनकी नजरें इस बढ़त को 2-0 तक पहुंचाने पर टिकी हुई थीं।

















