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'सतलुज' के ओटीटी से गायब होने पर मचा बवाल, दिलजीत दोसांझ का तीखा बयान वायरलबॉलीवुड
6 जुल॰ 2026, 11:31 am (45 दिन पहले)· 4

'सतलुज' के ओटीटी से गायब होने पर मचा बवाल, दिलजीत दोसांझ का तीखा बयान वायरल

रिलीज के महज दो दिन बाद ही जी5 से हटाई गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज', यूजर्स ने जताई नाराजगी, दिलजीत बोले, अब फिल्म नहीं रुकेगी।

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं, इस बार वजह उनकी फिल्म 'सतलुज' है। रिलीज के महज दो दिन के भीतर ही इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर गुस्से का सैलाब आ गया है। यूजर्स लगातार फिल्म के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं और इसे हटाए जाने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

चार साल तक अटका रहा सर्टिफिकेट, फिर बिना कट रिलीज

'सतलुज' को लेकर सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी पिछले करीब 4 साल से सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रही थी। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इसे सिनेमाघरों की बजाय सीधे अनकट वर्जन में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज कर दिया गया। लेकिन दर्शकों की खुशी ज्यादा दिन टिक नहीं पाई। रिलीज के ठीक दो दिन बाद ही यह फिल्म प्लेटफॉर्म से गायब हो गई। जी5 ने फिल्म हटाए जाने को लेकर एक आधिकारिक बयान भी जारी किया, जिसके सामने आते ही दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी और बढ़ गई।

दिलजीत दोसांझ बोले, अब फिल्म नहीं रुकेगी

फिल्म हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ ने भी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'सतलुज' की एक स्क्रीनिंग का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, अब फिल्म नहीं रुकेगी, खालरा साब की आवाज को कोई नहीं दबा सकता। जो वीडियो उन्होंने शेयर किया, वह पंजाब के किसी गांव का है, जहां एक दीवार पर लगी बड़ी स्क्रीन पर सैकड़ों गांव वाले इकट्ठा होकर 'सतलुज' देखते नजर आ रहे हैं। एक्स यानी ट्विटर पर 5 जुलाई 2026 को अपने पोस्ट में उन्होंने पंजाबी में भी लिखा कि खालरा साब की आवाज को कोई नहीं दबा सकता। इस पोस्ट के बाद एक्स पर भी लोगों ने खुलकर नाराजगी जताई।

सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा

फिल्म हटाए जाने के बाद एक्स पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि फिल्म हट गई, लेकिन राजनीति नहीं हटी, और जी5 से 'सतलुज' के हटने से सभी संबंधित पक्षों को राजनीति करने का एक नया मौका मिल गया है। एक अन्य यूजर ने आरोप लगाया कि 'सतलुज' पर इसलिए रोक लगाई गई क्योंकि इसमें कुछ ऐसी सच्चाइयां दिखाई गई थीं जो सत्ता में बैठे लोगों को पसंद नहीं आईं। इस यूजर ने पंजाब पुलिस के अत्याचार का भी जिक्र करते हुए लिखा कि फिल्म में पुलिस का भ्रष्टाचार, फर्जी एनकाउंटर, सत्ता का दुरुपयोग और यह दिखाया गया था कि कैसे आम आदमी सिस्टम के नीचे कुचला जाता है, और सभी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी और पूरी तरह से भ्रष्ट हैं। एक और यूजर ने लिखा कि भारत में 'सतलुज' पर लगाई गई रोक की निंदा की जानी चाहिए, क्योंकि इससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का असली चेहरा सामने आता है। इस यूजर के मुताबिक, प्रोपेगैंडा फिल्मों को टैक्स में छूट और प्रमोशन मिलता है, लेकिन जब पंजाब अपनी कहानी बताने और अपना दर्द जाहिर करने की कोशिश करता है, तो सेंसरशिप के जरिए उसकी आवाज दबा दी जाती है। एक और यूजर ने लिखा कि भारत में जी5 से सतलुज को मनमाने ढंग से हटाया जाना बेहद परेशान करने वाला है, क्योंकि यह फिल्म पंजाब के इतिहास के एक दर्दनाक अध्याय पर रोशनी डालती है और सरदार जसवंत सिंह जी खालरा के बेमिसाल साहस व बलिदान को सम्मान देती है, इसलिए इसे देखा और इस पर चर्चा की जानी चाहिए, न कि इसे दबाया जाना चाहिए। इसी यूजर ने आगे लिखा कि पंजाब के इतिहास को ईमानदारी, न्याय और संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए, न कि खामोशी में दबा दिया जाना चाहिए, और उसने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए अपील की कि पूरे भारत में दर्शकों के लिए 'सतलुज' को फिर से उपलब्ध कराया जाए।

जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित है फिल्म

'सतलुज' असल में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित फिल्म है। इस फिल्म का पहले नाम 'पंजाब 95' था, लेकिन सर्टिफिकेशन से जुड़ी दिक्कतों के चलते यह करीब 4 साल तक रिलीज ही नहीं हो सकी। सीबीएफसी की मंजूरी को लेकर लंबी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार यह फिल्म जी5 पर रिलीज हुई। दिलजीत ने एक बयान में यह भी बताया था कि ओटीटी पर यह फिल्म अपने अनकट वर्जन में ही रिलीज हो रही है, यानी इसमें किसी तरह की कोई कटौती नहीं की गई थी। अब रिलीज के दो दिन बाद ही इसे हटाए जाने से जसवंत सिंह खालरा की कहानी को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

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सवाल-जवाब

'सतलुज' फिल्म ओटीटी से कब हटाई गई?
यह फिल्म रिलीज के महज दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दी गई।
फिल्म को सीबीएफसी से सर्टिफिकेट मिलने में कितना समय लगा?
फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने में करीब 4 साल लग गए।
'सतलुज' फिल्म किस पर आधारित है?
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित है।
फिल्म का पहले क्या नाम था?
इस फिल्म का पहले नाम 'पंजाब 95' था।
दिलजीत दोसांझ ने फिल्म हटाए जाने पर क्या प्रतिक्रिया दी?
दिलजीत ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अब फिल्म नहीं रुकेगी और खालरा साब की आवाज को कोई नहीं दबा सकता।
क्या 'सतलुज' अनकट वर्जन में रिलीज हुई थी?
हां, दिलजीत ने बयान में कहा था कि ओटीटी पर यह फिल्म अनकट वर्जन में रिलीज हो रही है।
फिल्म हटाए जाने पर सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
कई यूजर्स ने फिल्म हटाए जाने की निंदा की और इसे सेंसरशिप बताते हुए इसे फिर से उपलब्ध कराने की मांग की।
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