लद्दाख के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस केंद्र शासित प्रदेश में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक नई बेंच स्थापित करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को अपने ही इलाके में न्याय सुलभ हो सकेगा और कानूनी प्रक्रिया में लगने वाला समय भी काफी कम होगा।
दूरदराज के इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि लद्दाख जैसे दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को अब अदालती कामों के लिए लंबी यात्राएं नहीं करनी पड़ेंगी। इस बेंच के शुरू होने से आम जनता के समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। केंद्र सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रशासनिक व न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ा कदम
न्यायिक सुविधा के विस्तार से पहले लद्दाख में प्रशासनिक सीमाओं का भी पुनर्गठन किया जा चुका है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख में पांच नए जिलों के गठन को मंजूरी दी थी, जिससे जिलों की कुल संख्या दो से बढ़कर सात हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे और सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कारगिल में 10,000 लीटर क्षमता वाले प्लांट का ऐलान भी इसी विकास यात्रा का हिस्सा रहा है। हाई कोर्ट की बेंच स्थापित होने से लद्दाख का प्रशासनिक और कानूनी तंत्र अधिक मजबूत होगा।


















