भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसे कई दौर आए हैं जब किसी अभिनेता की एक के बाद एक रिलीज हुई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की। साल 1978 और 1979 का समय शशि कपूर के अभिनय सफर के लिए बेहद यादगार और स्वर्णिम साबित हुआ था। महज 24 महीनों की अवधि में सिनेमाघरों में पहुंची उनकी 5 प्रमुख फिल्मों ने टिकट खिड़की पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। इस शानदार सफर के दौरान उनके खाते में 2 सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, 2 सुपरहिट और 1 हिट फिल्म आई। इन फिल्मों ने न सिर्फ दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई, बल्कि शशि कपूर की अदाकारी और बहुमुखी क्षमता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
1978 की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म त्रिशूल
साल 1978 में जब 'त्रिशूल' बड़े पर्दे पर आई, तो यह उस वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ब्लॉकबस्टर साबित हुई। चोपड़ा के कुशल निर्देशन में तैयार की गई इस बहुतारका फिल्म की कहानी और संवादों ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी मजबूत स्टार कास्ट थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजीव कुमार, शशि कपूर, राखी, हेमा मालिनी और वहीदा रहमान जैसे दिग्गज कलाकारों का संगम देखने को मिला था। हर एक अभिनेता ने अपने किरदार को बेहद संजीदगी और बारीकी से निभाया। बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ इस फिल्म के संगीतमय गानों ने भी चार्टबस्टर्स में अपनी जगह बनाई और बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने जबरदस्त आर्थिक सफलता हासिल की।
सत्यम शिवम सुंदरम का बोल्ड अंदाज और कल्ट क्लासिक दर्जा
1978 की ही एक और बेहद चर्चित और मील का पत्थर मानी जाने वाली फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' थी, जिसका निर्देशन राज कपूर ने किया था। यह फिल्म अपनी अनूठी विषयवस्तु और दृश्यों के कारण आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। इस फिल्म में शशि कपूर और जीनत अमान की मुख्य जोड़ी पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आई थी। कहानी एक गांव की मासूम लड़की रूपा और शहर से आए बाबू राजीव के जटिल रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार शशि कपूर ने निभाया था।
राज कपूर के निर्देशन में बने इस प्रोजेक्ट में कई ऐसे बोल्ड और संवेदनशील दृश्य फिल्माए गए थे, जिनकी चर्चा आज इतने दशकों बाद भी की जाती है। फिल्म के सदाबहार गीत जैसे 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'भोर भये पनघट पे' और 'सईया निकस गए' में जिस तरह का फिल्मांकन किया गया था, उसे देखकर लोग दंग रह गए थे। तकनीक और रचनात्मकता के उस बेहतरीन तालमेल के कारण ही इस फिल्म को आज एक कल्ट क्लासिक का दर्जा प्राप्त है।
एक्शन और फैमिली ड्रामा का अनोखा मेल अपना खून
उसी वर्ष 1978 में दर्शकों के बीच पहुंची फिल्म 'अपना खून' एक विशुद्ध एक्शन-ड्रामा प्रोजेक्ट थी। इस फिल्म में शशि कपूर के साथ हेमा मालिनी मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। कहानी में एक्शन, रोमांस और पारिवारिक भावनाओं का इतना सटीक संतुलन रखा गया था कि दर्शक इससे खुद को आसानी से जोड़ सके। इस फिल्म का सुरीला संगीत भी लोगों को खूब पसंद आया और टिकट खिड़की पर फिल्म ने कमर्शियल रूप से काफी अच्छा कारोबार किया। आज भी पुरानी फिल्मों के शौकीन इसे देखना बेहद पसंद करते हैं।
बदले और न्याय पर आधारित थ्रिलर फिल्म फांसी
1978 के ही दौर में सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली 'फांसी' एक थ्रिलर और सस्पेंस से भरपूर फिल्म थी। इसमें शशि कपूर के साथ सुलक्षणा पंडित ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में अभिनय किया था। इस फिल्म की पूरी पटकथा न्याय की तलाश और बदले की भावना के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल रही। इस अनूठे कॉन्सेप्ट, दमदार अभिनय और कर्णप्रिय गानों के बल पर 'फांसी' ने सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी भीड़ जुटाई और बॉक्स ऑफिस पर एक सफल फिल्म के रूप में दर्ज हुई।
1979 में आई सुहाग: करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर
1978 की लगातार सफलताओं के बाद साल 1979 में आई फिल्म 'सुहाग' ने सफलता के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी यह मल्टीस्टारर फिल्म शशि कपूर के पूरे करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर मानी जाती है। यद्यपि फिल्म में अमिताभ बच्चन की भी मुख्य उपस्थिति थी, फिर भी शशि कपूर, रेखा, परवीन बाबी, अमजद खान और निरूपा रॉय जैसे बड़े सितारों से सजी इस फिल्म को शशि कपूर की यादगार अदाकारी के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। मनमोहन देसाई के निर्देशन और फिल्म के गानों जैसे 'आने दो आने दो' और 'तेरी रब ने बना दी जोड़ी' के सुपरहिट होने से यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में अमर हो गई।



















