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बारिश के दिनों में गोबर से जैविक खाद बनाकर किसान बढ़ा सकते हैं अगली फसल की पैदावारव्यापार
4 जुल॰ 2026, 6:14 am (45 दिन पहले)· 3

बारिश के दिनों में गोबर से जैविक खाद बनाकर किसान बढ़ा सकते हैं अगली फसल की पैदावार

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के मौसम में खेत में गोबर डालकर जुताई करने से यह जल्दी जैविक खाद में बदल जाता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ जाती है.

अगर आप खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं और मवेशियों का गोबर यूं ही बर्बाद हो जाता है, तो यह खबर आपके काम की है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेत में गोबर की खाद डालने के लिए अभी का समय सबसे उपयुक्त है. बारिश के दिनों में मिट्टी में पहले से नमी बनी रहती है, इसलिए गोबर खेत में डालकर अच्छी तरह जुताई कर देने पर वह जल्दी ही मिट्टी में घुल जाता है. इससे कुछ ही समय में यह पूरी तरह जैविक खाद का रूप ले लेता है और भूमि की उर्वरा शक्ति काफी बढ़ जाती है.

रासायनिक खाद पर घटेगी निर्भरता

खेत में जैविक गोबर खाद डालने के कई फायदे किसानों को मिलते हैं. सबसे बड़ा फायदा यह है कि महंगे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे खेती पर आने वाला खर्च घटता है. साथ ही जो गोबर पहले बेकार पड़ा रहता था, उसका भी सही इस्तेमाल हो जाता है. इस मौसम में जुताई के वक्त गोबर मिला देने से मिट्टी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा उपजाऊ बन जाती है.

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छाया में गड्ढा खोदकर बनाएं बेहतर खाद

विशेषज्ञों के मुताबिक गांवों में ज्यादातर किसान गोबर को खुले आसमान के नीचे ही छोड़ देते हैं. तेज धूप और गर्मी की वजह से गोबर में मौजूद कई फायदेमंद सूक्ष्म जीव और जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जबकि यही सूक्ष्म जीव और जीवाणु मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पौधों को पोषण देने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. इसलिए सही तरीका यह है कि किसी छायादार जगह पर एक गड्ढा खोदा जाए. इस गड्ढे में गोबर इकट्ठा करते रहें और ध्यान रखें कि उसमें हल्की नमी हमेशा बनी रहे.

कैसे पहचानें कि खाद तैयार हो गई है

अगर गड्ढा बनाने की सुविधा न हो, तो छायादार जगह पर गोबर का ढेर लगाकर भी रखा जा सकता है. ऐसे में समय-समय पर उस पर पानी छिड़कते रहना जरूरी है, ताकि नमी बनी रहे. धीरे-धीरे यह गोबर सड़ने लगता है और भुरभुरा होता जाता है. जब ढेर के नीचे का गोबर पूरी तरह भुरभुरा और काले रंग का दिखने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि बेहतरीन जैविक खाद तैयार हो चुकी है. इस वैज्ञानिक तरीके से बनाई गई खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में सबसे ज्यादा असरदार साबित होती है.

सवाल-जवाब

गोबर खाद डालने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश का मौसम सबसे उपयुक्त है, क्योंकि इस दौरान मिट्टी में नमी होने से गोबर जल्दी और अच्छी तरह मिल जाता है.
खेत में गोबर डालने से क्या फायदा होता है?
इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, महंगे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है और खेती की लागत घटती है.
गुणवत्तापूर्ण गोबर खाद कैसे तैयार करें?
किसी छायादार जगह पर गड्ढा खोदकर उसमें गोबर इकट्ठा करें और उसमें हल्की नमी बनाए रखें.
अगर गड्ढा बनाने की सुविधा न हो तो क्या करें?
गोबर को छायादार जगह पर ढेर लगाकर रखा जा सकता है, बस समय-समय पर उस पर पानी छिड़कते रहना चाहिए.
कैसे पता चलेगा कि खाद तैयार हो गई है?
जब ढेर के नीचे का गोबर पूरी तरह भुरभुरा और काले रंग का दिखने लगे, तो समझें बेहतरीन जैविक खाद तैयार हो चुकी है.
गोबर को धूप में खुला क्यों नहीं छोड़ना चाहिए?
तेज धूप और गर्मी से गोबर में मौजूद फायदेमंद सूक्ष्म जीव और जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में जरूरी होते हैं.
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