देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों से अपनी डिग्री पूरी करने वाले युवाओं का भरोसा एक बार फिर पारंपरिक और मजबूत उद्योगों की ओर लौट रहा है। करीब चार वर्षों के अंतराल के बाद रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों से जुड़ा एफएमसीजी क्षेत्र प्रबंधन स्नातकों के बीच नौकरियों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है। कैम्पस में भर्ती प्राथमिकताओं का विश्लेषण करने वाले नील्सन कैम्पस ट्रैक बिजनेस स्कूल सर्वे 2018 के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि अस्थिरता के दौर में छात्र सुरक्षित और निरंतर वृद्धि देने वाले उद्योगों को वरीयता दे रहे हैं।
मैनेजमेंट स्नातकों के बीच प्राथमिकताओं का बदलाव
देशभर के 36 प्रमुख बिजनेस स्कूलों से वर्ष 2018 में पास होने वाले छात्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर सामने आया कि हर पांच में से दो स्नातक उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करना चाहते हैं। इस उद्योग में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों की हिस्सेदारी बढ़कर 46 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले वर्ष दर्ज किए गए 42 प्रतिशत के स्तर से उल्लेखनीय बढ़त दर्शाती है। करियर की शुरुआत में स्थिरता और ब्रांड की साख को प्राथमिकता देने वाले छात्र इस क्षेत्र के विस्तृत परिचालन नेटवर्क और पेशेवर अनुभव को अपने विकास के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
केवल उपभोक्ता वस्तुएं ही नहीं, बल्कि वित्तीय और औद्योगिक क्षेत्र भी युवा प्रबंधकों को बड़े पैमाने पर आकर्षित कर रहे हैं। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा यानी बीएफएसआई क्षेत्र 43 प्रतिशत स्नातकों के साथ पसंद के मामले में दूसरे पायदान पर रहा। वहीं वाहन और ऑटो सहायक पुर्जे बनाने वाला उद्योग 34 प्रतिशत छात्रों की पसंद के साथ तीसरे प्रमुख विकल्प के रूप में दर्ज किया गया है।
उद्योगों के रुझान में पिछले वर्षों का उतार-चढ़ाव
रोजगार परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। वर्ष 2014 में भी उपभोक्ता उत्पाद उद्योग छात्रों की सूची में सबसे ऊपर रहा था। इसके बाद वर्ष 2015 और 2016 के दौर में डिजिटल कारोबार और ई-कॉमर्स कंपनियों की तेजी ने युवाओं को जबरदस्त तरीके से लुभाया और यह क्षेत्र कैम्पस में शीर्ष आकर्षण बन गया। हालांकि, बाद के वर्षों में ई-कॉमर्स उद्योग में आई कारोबारी अनिश्चितताओं और पुनर्गठन के कारण छात्रों का झुकाव बदल गया।
डिजिटल बाजार में जोखिम बढ़ने के चलते स्नातकों ने एक बार फिर स्थिरता की ओर रुख किया। इसी बदलाव के परिणामस्वरूप वर्ष 2017 के अध्ययन में बीएफएसआई क्षेत्र ने शीर्ष स्थान हासिल किया था, जिसके ठीक पीछे उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र मौजूद था। वर्ष 2018 में यह समीकरण फिर बदला और एफएमसीजी ने अपनी शीर्ष स्थिति दोबारा हासिल कर ली।
नियोक्ताओं की रैंकिंग और मूल्यांकन पद्धति
संस्थानों में कंपनियों के प्रति आकर्षण को मापने वाले कैम्पस रिक्रूटर इंडेक्स यानी सीआरआई के पैमाने पर कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी ने पहला स्थान प्राप्त किया है। इस वैश्विक परामर्शदाता कंपनी ने शानदार प्रगति दिखाई है, जो वर्ष 2016 में नौवें पायदान पर और वर्ष 2017 में तीसरे पायदान पर रहने के बाद अब सीधे शिखर पर पहुंच गई है। छात्रों को आकर्षित करने में आकर्षक वेतन पैकेज के साथ-साथ उच्च स्तरीय प्रतिभाओं के साथ काम करने और सीखने के बेहतरीन अवसरों ने इस कंपनी को शीर्ष पर पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
नील्सन के इस अध्ययन में छात्रों से उन कंपनियों के बारे में सीधे पूछा गया था जहां वे आवेदन करने के इच्छुक हैं। इसके तहत छात्रों द्वारा चुनी गई शीर्ष कंपनी को उनकी ड्रीम कंपनी माना गया। अध्ययन में संभावित नियोक्ताओं के प्रति छात्रों की धारणाओं का मूल्यांकन कई प्रमुख कसौटियों पर किया गया, जिनमें मिलने वाला वेतन, प्रस्तावित पद और कार्य संस्कृति मुख्य रूप से शामिल थे। इन्हीं सभी पैमानों पर कंपनियों के समग्र प्रदर्शन के आधार पर अंतिम सीआरआई अंक निर्धारित किए गए।
शीर्ष नियोक्ताओं की सूची में प्रमुख नाम
मैकिन्से एंड कंपनी के शीर्ष पर आने से लंबे समय से पहले पायदान पर काबिज हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड यानी एचयूएल का दबदबा समाप्त हुआ। रैंकिंग में दिग्गज सर्च इंजन गूगल दूसरे स्थान पर रहा, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड और निवेश बैंकिंग संस्थान गोल्डमैन सैक्स संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर रहे। गोल्डमैन सैक्स के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2017-18 सत्र के छात्रों के लिए यह लगातार नौवें वर्ष उनकी सबसे पसंदीदा ड्रीम कंपनियों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रहा।
सीआरआई की शीर्ष 10 कंपनियों की समग्र सूची में कई अन्य वैश्विक और भारतीय दिग्गज भी अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे। इनमें भारतीय तंबाकू और उपभोक्ता सामान निर्माता आईटीसी लिमिटेड, प्रॉक्टर एंड गैंबल, वित्तीय दिग्गज जेपी मॉर्गन चेस, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी, उपभोक्ता स्वास्थ्य उत्पाद कंपनी रेकिट बेंकिज़र और सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख रूप से शामिल हैं।

















