भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में बुनियादी डिजिटल ढांचे को मजबूती देने के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना पर आगे बढ़ रही है। कंपनी अपने आंतरिक डिजिटल बुनियादी ढांचे को संचालित करने वाली तकनीकों को पूर्ण व्यावसायिक उत्पादों में तब्दील कर वैश्विक स्तर पर पेश करने की तैयारी में है। इस पहल के तहत कंपनी अपने 5G नेटवर्क सॉल्यूशंस, एआई टूल्स, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टेड डिवाइसेज और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर का दायरा दुनिया भर के बाजारों तक बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
पारंपरिक दूरसंचार से सॉफ्टवेयर और उत्पादों की ओर बदलाव
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर बदलने के करीब एक दशक बाद कंपनी केवल पारंपरिक कनेक्टिविटी सेवाओं तक सीमित न रहकर एक संपूर्ण प्रौद्योगिकी निर्यातक बनने की रणनीति पर काम कर रही है। घरेलू बाजार में व्यापक स्तर पर परखे जा चुके तकनीकी समाधानों को अब वैश्विक उद्यमों और दूरसंचार प्रदाताओं के लिए उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस बदलाव से कंपनी का राजस्व मॉडल केवल घरेलू उपभोक्ताओं के डेटा और वॉयस प्लान पर निर्भर रहने के बजाय बहुराष्ट्रीय एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधानों से भी जुड़ जाएगा।
एंड टू एंड वर्टिकल इंटीग्रेशन से मिला रणनीतिक फायदा
जियो वैश्विक स्तर पर ऐसा अकेला टेलीकॉम ऑपरेटर है जिसने नेटवर्क कोर, रेडियो एक्सेस, नेटवर्क सॉफ्टवेयर और ओएसएस व बीएसएस प्रणालियों को पूरी तरह अपने स्तर पर एंड टू एंड विकसित किया है। इस संपूर्ण स्वदेशी तकनीकी ढांचे को पूरे भारत में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर यह पूर्ण वर्टिकल नियंत्रण कंपनी को तकनीकी विकास की गति और नवाचार चक्रों पर मजबूत पकड़ प्रदान करता है। इसी परखी हुई घरेलू प्रणाली को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य ऑपरेटरों और कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए वाणिज्यिक पेशकश के तौर पर तैयार किया जा रहा है।

















