निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी ने हाल ही में बड़े बदलावों की घोषणा करते हुए बाजार में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ शीर्ष स्तर से एक और बड़े अधिकारी के जाने की खबर सामने आई है। बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने अपने पद से हटने का निर्णय लिया है और वह 31 दिसंबर को अपनी आखिरी कार्यदिवस के बाद बैंक से विदा हो जाएंगे।
कैजाद भरूचा का इस्तीफा और आरबीआई को प्रस्ताव
बैंक द्वारा शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा 31 दिसंबर को अपना कार्यभार छोड़ देंगे। बैंक ने उनकी इस अपील को आगे की प्रक्रिया के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के पास भेज दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक में नए प्रबंध निदेशक और सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। आईसीआईसीआई समूह के दिग्गज अनूप बाग्ची को एचडीएफसी बैंक का नया एमडी और सीईओ बनाए जाने की बात तय की गई है।
बैंक के विकास में भरूचा का योगदान
एचडीएफसी बैंक के बोर्ड और समिति ने संस्था के विकास और सुदृढ़ीकरण में कैजाद भरूचा की लंबी सेवाओं की सराहना की है। बैंक की ओर से बताया गया कि भरूचा ने संस्थान के डेट इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने और उसे मजबूती देने में बेहद अहम भूमिका निभाई है। उनके इस योगदान को बैंक के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जाता है।
लिली वढ़ेरा की नई स्वतंत्र निदेशक के रूप में एंट्री
कैजाद भरूचा के जाने के साथ ही बैंक ने बोर्ड में बड़ा बदलाव करते हुए लिली वढ़ेरा को तीन साल की अवधि के लिए नया स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने का ऐलान किया है। उनकी यह नियुक्ति 26 नवंबर से प्रभावी होगी और यह कार्यकाल 25 नवंबर तक चलेगा। इसके लिए बैंक जल्द ही शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी भी हासिल कर लेगा। लिली वढ़ेरा के पास बैंकिंग क्षेत्र का 34 साल का लंबा और समृद्ध अनुभव है, साथ ही उनके पास इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री भी मौजूद है। वह अक्टूबर 2020 में आरबीआई की कार्यकारी निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुई थीं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेगुलेशन विभाग संभालते हुए देश के बैंकों तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए नियामक फ्रेमवर्क तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे और मुनाफा
प्रबंधन स्तर पर इन बड़े बदलावों के बीच एचडीएफसी बैंक ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के शानदार आंकड़े भी सार्वजनिक किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर बैंक के शुद्ध मुनाफे में 5.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और यह बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा बैंक की ब्याज से होने वाली आय भी 9.7 फीसदी की छलांग लगाकर 34,619 करोड़ रुपये हो गई है। बैंक की कुल एसेट क्वालिटी में भी सकारात्मक सुधार देखा गया है, जो निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर है।















