राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख रियल एस्टेट केंद्र गुरुग्राम में लग्जरी आवासीय संपत्तियों की मांग नई ऊंचाइयों को छू रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े शहरों की तर्ज पर यहां प्रीमियम वर्ग के खरीदारों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की जा रही एक खास रिहायशी योजना ने बिक्री के अभूतपूर्व आंकड़े हासिल कर रियल एस्टेट बाजार में बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है। बुजुर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे इस महंगे प्रोजेक्ट में हर एक इकाई करोड़ों रुपये में बिकी है और इसकी पूरी इन्वेंट्री कुछ ही समय में पूरी तरह बिक चुकी है।
सेक्टर 63 में विकसित हो रही द ऑरेवा परियोजना
रियल एस्टेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी डीएलएफ ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेश की गई उसकी नई आवासीय योजना ‘द ऑरेवा’ के सभी फ्लैट पूरी तरह बिक गए हैं। यह महत्वाकांक्षी टाउनशिप गुरुग्राम के सेक्टर 63 में बनाई जा रही है, जो लगभग 4.17 एकड़ भूखंड पर फैली हुई है। कंपनी के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट से 1,985 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इस परियोजना के तहत कुल 172 प्रीमियम फ्लैट तैयार किए जाने हैं, जहां खरीदारों ने बुजुर्गों के अनुकूल शांत और सुविधाजनक परिवेश को प्राथमिकता दी है।
28 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंचा बिक्री का स्तर
इस परियोजना में फ्लैटों की खरीद के लिए चुकाई गई कीमतें हैरान करने वाली हैं। द ऑरेवा में प्रत्येक फ्लैट की औसत लागत लगभग 11.5 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। डेवलपर ने बताया कि इन आवासों की खरीद-फरोख्त 28,000 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से संपन्न हुई है। यह भारी-भरकम दर दर्शाती है कि देश में संपन्न वर्ग अब रिटायरमेंट के बाद आम वृद्धाश्रमों के बजाय अत्याधुनिक सुविधाओं, बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं तथा सक्रिय सामाजिक माहौल से युक्त आलीशान लाइफस्टाइल पसंद कर रहा है।
प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल और बिक्री योग्य दायरा
डीएलएफ की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 172 सुपर लग्जरी फ्लैटों वाली इस परियोजना का कुल कार्पेट एरिया 4 लाख वर्गफुट से अधिक है। वहीं इसका कुल बिक्री योग्य क्षेत्र 7.5 लाख वर्गफुट से ज्यादा मापा गया है। इतनी विशाल योजना को बुजुर्गों की दैनिक दिनचर्या और शारीरिक जरूरतों को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे उन्हें पूरी स्वतंत्रता के साथ-साथ सुरक्षित माहौल भी मिल सके।
डीएलएफ होम डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कारोबार अधिकारी आकाश ओहरी ने इस सिलसिले में कहा कि यह योजना भारत में सेवानिवृत्ति के पश्चात बेहद आलीशान जिंदगी जीने का शानदार अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवनभर कठोर परिश्रम करने के बाद बुजुर्गों का बुढ़ापा पूरी तरह आरामदायक और भव्य होना चाहिए, और इसी विचार को धरातल पर उतारने के लिए यह निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
चिकित्सा सुविधाएं और कंपनी का कारोबारी ट्रैक रिकॉर्ड
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रोजेक्ट के भीतर चौबीसों घंटे आपातकालीन सहायता का पुख्ता ढांचा बनाया जा रहा है। किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या से निपटने के लिए ऑन-साइट मेडिकल सपोर्ट और त्वरित इमरजेंसी चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी के अनुसार, खरीदारों की ओर से मिला यह शानदार रिस्पांस दर्शाता है कि भारत में बुजुर्गों के लिए प्रीमियम और विशिष्ट आवासीय विकल्पों का बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है।
डीएलएफ का देश के निर्माण उद्योग में लंबा अनुभव रहा है और वह अब तक 185 से अधिक रियल एस्टेट परियोजनाएं सफलतापूर्वक विकसित कर चुकी है, जिनका कुल क्षेत्रफल 35.2 करोड़ वर्गफुट से अधिक है। हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्तवर्ष 2025-26 में डीएलएफ की कुल बिक्री बुकिंग 5 फीसदी घटकर 20,143 करोड़ रुपये रही, जो कि इससे ठीक पिछले वित्तवर्ष के दौरान 21,223 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गई थी। इसके बावजूद प्रीमियम सेगमेंट में कंपनी की संपत्तियों का क्रेज लगातार बरकरार है।
















