महाराष्ट्र के कर्जत में समाज के सबसे कमजोर तबके को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक बड़ा मानवीय कदम उठाया गया है। 1 नवंबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी, मुकेश अंबानी और पूरे अंबानी परिवार ने एक खास कल्याणकारी टाउनशिप की नींव रखी। इस नए केंद्र को 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' नाम दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बेसहारा बच्चों, अकेले रह रहे बुजुर्गों और विकासात्मक दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्तियों को एक सुरक्षित, स्थायी और पारिवारिक माहौल प्रदान करना है।
100 एकड़ में विकसित होगी आधुनिक सुविधाओं से लैस टाउनशिप
मुंबई से सटे कर्जत के शांत प्राकृतिक वातावरण में तैयार होने वाला यह परिसर 100 एकड़ के विशाल भूभाग पर फैला होगा। इस प्रोजेक्ट का विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास रविवार को संपन्न हुआ। योजना के मुताबिक, यह कोई पारंपरिक आश्रय स्थल नहीं बल्कि एक पूर्ण टाउनशिप समुदाय होगा, जहां 5000 से ज्यादा जरूरतमंद नागरिकों को जीवन पर्यंत रहने की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
संस्थान परिसर में रहने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा और देखभाल का पूरा तंत्र स्थापित किया जा रहा है। यहां रहने वाले अनाथ बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और कौशल विकास की सुविधाएं होंगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें। वहीं उम्रदराज बुजुर्गों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, मानसिक सुकून और आत्मीय संगति का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण और गरिमा पर जोर
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान परियोजना की रूपरेखा रखते हुए नीता अंबानी ने कहा कि भगवान और बड़ों के आशीर्वाद तथा परिवार के सहयोग से इस सेवा कार्य की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टाउनशिप एक स्नेहपूर्ण समुदाय के रूप में काम करेगी, जहां अनाथालय, वृद्धाश्रम और शारीरिक व बौद्धिक चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों और वयस्कों के लिए समर्पित केंद्र एक साथ संचालित होंगे।
भावुक संदेश साझा करते हुए X पर लिखा गया कि हर बच्चे को प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए, भले ही उसके माता-पिता साथ हों या न हों। नीता अंबानी ने इस बात पर बल दिया कि एक मां के तौर पर उनकी सबसे बड़ी खुशी बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित देखना है। जिन्होंने अपने माता-पिता खो दिए हैं या जिन्हें कभी पारिवारिक सुरक्षा का अहसास नहीं मिला, यह आश्रय उनके लिए एक स्थायी परिवार बनने का प्रयास करेगा।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष तंत्र
इस परिसर में विकासात्मक और बौद्धिक अक्षमताओं से प्रभावित लोगों के लिए विशेष थेरेपी, दैनिक सहयोग और प्रशिक्षित सहायकों की चौबीसों घंटे मौजूदगी रहेगी। अक्सर परिवारों के लिए ऐसे सदस्यों की आजीवन देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह मॉडल तैयार किया गया है। बुजुर्गों को अकेलापन महसूस न हो, इसके लिए सामाजिक संवाद और सम्मानजनक दिनचर्या की व्यवस्था भी इस विस्तृत आवासीय योजना का अहम हिस्सा होगी।

















