क्रिप्टो बाजार में बिकवाली का दबाव गहराने से बिटकॉइन की कीमतों में लगातार चौथे हफ्ते गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को बिटकॉइन फिसलकर 78,000 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। संस्थागत निवेशकों की ओर से सुस्त पड़ती मांग और प्रमुख स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ से लगातार पूंजी बाहर निकलने की वजह से बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है। इसके साथ ही पिछले हफ्ते क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस में हुई बड़ी सुरक्षा सेंधमारी के बाद उपजी अनिश्चितता भी निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही है, जिससे रिकवरी की हर कोशिश सीमित साबित हो रही है।
संस्थागत मांग में कमजोरी और ईटीएफ से लगातार निकासी
अमेरिकी शेयर बाजारों में लिस्टेड बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी कम होती नजर आ रही है। सोसोवैल्यू के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ से कुल 202.59 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। यह भारी आउटफ्लो इस बात का सीधा संकेत है कि बड़े फंड्स और पारंपरिक निवेशक फिलहाल क्रिप्टो संपत्तियों से अपना जोखिम घटा रहे हैं।
मासिक स्तर पर भी आंकड़े चिंताजनक स्थिति बयां कर रहे हैं। अक्टूबर के दौरान स्पॉट ईटीएफ से कुल 515.03 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज हुई। इस निकासी ने पिछले तीन महीनों से लगातार चले आ रहे इनफ्लो के सिलसिले को पूरी तरह तोड़ दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि पूंजी निकासी का यह रुख आने वाले दिनों में भी जारी रहता है या और तेज होता है, तो बिटकॉइन पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसमें एक गहरा करेक्शन देखने को मिल सकता है।
बाइनेंस सुरक्षा सेंधमारी और बाजार की अनिश्चितता
बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला दूसरा बड़ा कारण पिछले हफ्ते क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस में हुई सुरक्षा सेंधमारी है। एक्सचेंज के अनुसार, रविवार को निकासी में आई शुरुआती तेजी के बाद अब हालात धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं, जबकि जमा होने वाले फंड्स की मात्रा अभी भी पर्याप्त बनी हुई है। बाइनेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने चोरी हुई 6.3 अरब डॉलर की संपत्तियों में से 95 प्रतिशत हिस्से को या तो रिकवर कर लिया है या सुरक्षित कर लिया है।
इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा चूक, ग्राहकों द्वारा भारी मात्रा में फंड निकालना और चोरी हुई संपत्तियों का लगातार इधर-उधर ट्रांसफर होना निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर रहा है। इसी झिझक के चलते सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में तेज उछाल देखने को नहीं मिल रहा है और खरीदार किसी भी बड़े स्तर पर कदम बढ़ाने से बच रहे हैं।
साप्ताहिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और प्रमुख स्तर
साप्ताहिक चार्ट पर तकनीकी तस्वीर बताती है कि यदि मौजूदा करेक्शन जारी रहता है, तो बिटकॉइन का रुख 75,597 डॉलर पर स्थित अपने 50-सप्ताह के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए की ओर हो सकता है। यदि इस स्तर के नीचे साप्ताहिक क्लोजिंग मिलती है, तो गिरावट का दायरा और गहरा हो सकता है तथा भाव 67,776 डॉलर पर मौजूद 200-सप्ताह के एसएमए तक लुढ़क सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो साप्ताहिक चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 51 के स्तर पर है, जो तटस्थ 50 के बेहद करीब है। यह संकेत देता है कि तेजी का मोमेंटम अब ठंडा पड़ रहा है। दूसरी ओर, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी हिस्टोग्राम अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन इसके बार कमजोर पड़ रहे हैं। इसका अर्थ यह है कि लंबी अवधि का अपसाइड मोमेंटम बरकरार तो है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर रुकावट और हालिया गिरावट के कारण इसकी ताकत घट रही है।
दैनिक चार्ट का ढांचा और लाइव मार्केट डेटा
दैनिक आधार पर बिटकॉइन 77,821 डॉलर के करीब 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए और 76,466 डॉलर के आसपास 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका मध्यम अवधि का ढांचा अभी भी पूरी तरह बिगड़ा नहीं है। हालांकि, ऊपर की ओर लगभग 80,287 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए इसके लिए मजबूत बाधा बना हुआ है, जो किसी भी तत्काल उछाल को सीमित कर रहा है। दैनिक आरएसआई 38 के कमजोर स्तर पर है और शून्य से नीचे बना निगेटिव एमएसीडी हिस्टोग्राम यह दर्शाता है कि बुल्स का नियंत्रण बेहद नाजुक है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के क्लोजिंग सत्र में बिटकॉइन 77,916 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव 78,248 डॉलर की तुलना में 0.42 प्रतिशत कम है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 57,748 डॉलर से 87,364 डॉलर के बीच रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के मुकाबले 0.61 गुना दर्ज किया गया। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 39 पर है, जबकि एमएसीडी लाइन -1167.61 और सिग्नल लाइन -767.01 पर है, जिससे इसका हिस्टोग्राम -400.60 पर मंदी का स्पष्ट संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 80,144 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 80,208 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 76,342 डॉलर पर है। 50-दिवसीय एसएमए 81,937 डॉलर तथा 200-दिवसीय एसएमए 73,163 डॉलर पर है। बोलिंजर बैंड्स 76,831 डॉलर से 84,295 डॉलर के दायरे में फैले हैं, जबकि 14-दिवसीय एडीएक्स 21 पर है जो कमजोर ट्रेंड का संकेत है। स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 20 और सिग्नल लाइन 19 पर है। इंट्राडे स्तरों के लिहाज से पिवट पॉइंट 78,080 डॉलर, रेसिस्टेंस आर1 78,448 डॉलर, आर2 78,980 डॉलर तथा सपोर्ट एस1 77,548 डॉलर और एस2 77,179 डॉलर पर स्थित है।
शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म आउटलुक
मल्टी-होराइजन तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, पिछले कुछ समय से निवेशक बिकवाली के लिए कम कीमतों को भी स्वीकार कर रहे हैं, जिससे बिटकॉइन शॉर्ट टर्म यानी 1 से 6 हफ्तों के नजरिए से एक गिरते हुए ट्रेंड चैनल में आ गया है। 82,248 डॉलर के सपोर्ट के टूटने के बाद रेक्टेंगल फॉर्मेशन से मिले मंदी के सिग्नल के चलते कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। हालांकि 79,109 डॉलर का डाउनसाइड लक्ष्य पूरा हो चुका है, लेकिन चार्ट पैटर्न इसी दिशा में आगे दबाव बने रहने का इशारा कर रहे हैं। शॉर्ट टर्म में भाव को 76,000 डॉलर पर सपोर्ट और 81,000 डॉलर पर रुकावट का सामना करना पड़ेगा। गिरता हुआ आरएसआई भी इस मंदी के रुझान की पुष्टि करता है।
इसके विपरीत, मध्यम अवधि यानी 1 से 6 महीनों के परिप्रेक्ष्य में बिटकॉइन एक बढ़ते हुए ट्रेंड चैनल में बना हुआ है। यह सकारात्मक रुख दर्शाता है कि मध्यम अवधि के निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है। 66,259 डॉलर के स्तर को पार करने के बाद इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न से जो मजबूत खरीदारी का संकेत मिला था, उससे कीमत 74,244 डॉलर के लक्ष्य को पार कर चुकी है और इसका दीर्घकालिक ढांचा अब भी सहारा दे रहा है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी समझ और प्रमुख अवधारणाएं
बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है। यह एक ऐसी डिजिटल मुद्रा है जिसे पैसे के विकल्प के रूप में काम करने के लिए तैयार किया गया था। इस भुगतान प्रणाली को कोई एक व्यक्ति, संस्था या सरकार नियंत्रित नहीं कर सकती, जिससे लेन-देन के दौरान किसी बिचौलिए या वित्तीय संस्थान की आवश्यकता पूरी तरह खत्म हो जाती है।
बिटकॉइन के अलावा मौजूद किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को आमतौर पर ऑल्टकॉइन कहा जाता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ एथेरियम को ऑल्टकॉइन की श्रेणी से अलग मानते हैं क्योंकि इन्हीं दोनों नेटवर्कों से नए कॉइन्स की फोर्क प्रक्रियाएं शुरू हुईं। ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो लाइटकॉइन पहला ऑल्टकॉइन था, जिसे बिटकॉइन प्रोटोकॉल से अलग करके अधिक उन्नत संस्करण के रूप में बनाया गया था।
क्रिप्टो बाजार में स्टेबलकॉइन्स की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये ऐसी डिजिटल संपत्तियां हैं जिनका मूल्य किसी आरक्षित संपत्ति के आधार पर स्थिर रखा जाता है। आमतौर पर इनका मूल्य अमेरिकी डॉलर या किसी अन्य वित्तीय साधन से आंका जाता है। स्टेबलकॉइन्स का प्राथमिक उद्देश्य निवेशकों को सामान्य क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए प्रवेश और निकासी का एक सुरक्षित साधन प्रदान करना है, जिससे वे बाजार की तेज उथल-पुथल से अपनी पूंजी की रक्षा कर सकें।
इसी तरह, बिटकॉइन डॉमिनेंस कुल क्रिप्टो बाजार पूंजीकरण में बिटकॉइन की हिस्सेदारी का अनुपात है। यह निवेशकों के रुझान को समझने का सबसे सटीक पैमाना है। बुल रन के शुरुआती चरणों में डॉमिनेंस आमतौर पर बढ़ती है क्योंकि निवेशक स्थिरता के लिए बिटकॉइन की ओर भागते हैं। इसके विपरीत, जब बिटकॉइन डॉमिनेंस में गिरावट आती है, तो यह संकेत होता है कि निवेशक ज्यादा मुनाफे की तलाश में ऑल्टकॉइन्स में पूंजी लगा रहे हैं, जिससे अक्सर ऑल्टकॉइन्स में तेज उछाल देखने को मिलता है।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज का हाल
सोमवार को पूरे क्रिप्टो बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। कार्डानो 0.1894 डॉलर के सपोर्ट लेवल के ऊपर कंसोलिडेट होता दिखा, जो पिछले गुरुवार को आई लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट के बाद संभलने की कोशिश कर रहा है। ऑन-चेन आंकड़ों के मुताबिक, कार्डानो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ने के बावजूद बड़े निवेशकों यानी व्हेल्स की गतिविधियों में कमी दर्ज की गई है।
सोलाना पर भी दबाव जारी रहा और यह 95.48 डॉलर के आसपास कारोबार करता रहा, जिससे इसकी लगातार गिरावट का सिलसिला पांचवें हफ्ते में पहुंच गया। सोलाना स्पॉट ईटीएफ से पिछले हफ्ते 71.47 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी हुई, जो इनकी शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे बड़ा साप्ताहिक आउटफ्लो है।
चार हफ्तों के नुकसान के बाद सोमवार को बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी में हल्की रिकवरी भी दर्ज की गई। बिटकॉइन सपोर्ट जोन से संभलकर कुछ समय के लिए 78,462 डॉलर के ऊपर चढ़ा, जबकि एथेरियम 2,295 डॉलर से ऊपर लौटा लेकिन प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेजेज से नीचे रहने की वजह से इसका तात्कालिक रुझान अभी भी कमजोर बना हुआ है।



















