देशभर में साइबर ठगों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इस बात का अंदाजा इस ताज़ा घटना से लगाया जा सकता है कि अब वे आम नागरिकों के साथ-साथ देश के नामी वित्तीय दिग्गजों को भी अपने जाल में फंसाने से नहीं चूक रहे हैं। छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम फंड का प्रबंधन संभालने वाले कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह हाल ही में एक शातिर साइबर फ्रॉड का शिकार होते-होते बाल-बाल बचे हैं। जालसाजों ने उन्हें एक खास कोड डायल कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी अपनी सतर्कता और सूझबूझ के चलते वह ठगों के नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने पाए और उन्होंने समय रहते अपना बैंक खाता और निजी डेटा सुरक्षित बचा लिया।
नीलेश शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरे वाकये की विस्तार से जानकारी साझा की है। यह पूरा मामला दरअसल यूएसएसडी कोड आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से जुड़ा हुआ है। इस तरह के खतरनाक स्कैम में ठग किसी यूजर से मोबाइल पर एक खास कोड डायल करवाते हैं, जिसके जरिए फोन की सारी इनकमिंग कॉल्स उनके अपने नंबर पर डायवर्ट हो जाती हैं। इसके बाद जालसाज न केवल यूजर का बैंक खाता खाली कर सकते हैं, बल्कि उनकी तमाम निजी और गोपनीय जानकारियां भी आसानी से चुरा लेते हैं।
अपनी आपबीती साझा करते हुए नीलेश शाह ने बताया कि उन्हें शुरुआत में दो मिस्ड कॉल मिले थे और उसके तुरंत बाद एक अनजान मैसेज प्राप्त हुआ। उस संदिग्ध मैसेज में 15 अंकों का एक विशेष नंबर (*21*8969849428#) लिखा हुआ था और उन्हें उस पर तुरंत कॉल बैक करने के लिए कहा गया था। इस घटना के कुछ ही देर बाद ठगों की तरफ से दोबारा फोन आया और उन्होंने उसी नंबर को तत्काल अपने फोन से डायल करने का दबाव बनाया।
नीलेश शाह को इस पूरी प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ यानी दाल में कुछ काला नजर आया। उन्होंने बिना सोचे-समझे वह कोड डायल करने के बजाय मामले की गहराई से तह तक जाने का फैसला किया। उन्होंने इंटरनेट पर उस नंबर और फॉर्मेट की जैसे ही पड़ताल की, तो उनके सामने जो सच आया वह वाकई होश उड़ाने वाला था। अगर उन्होंने थोड़ी सी भी चूक करके वह कोड डायल कर दिया होता, तो उन्हें बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता था।
कैसे काम करता है यूएसएसडी कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम
यदि नीलेश शाह गलती से भी उस संदिग्ध कोड को अपने फोन से डायल कर देते, तो उनके मोबाइल पर बिना शर्त यानी अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग सर्विस तुरंत चालू हो जाती। इसके बाद उनके नंबर पर आने वाली हर एक कॉल, चाहे वह बैंक से आने वाला वॉयस ओटीपी हो, व्हाट्सएप वेरिफिकेशन कोड हो या फिर कोई अन्य गोपनीय जानकारी, वह सब सीधे तौर पर जालसाजों के फोन पर ट्रांसफर होने लगती। इस तकनीक के जरिए हैकर्स आसानी से किसी का भी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और बैंक अकाउंट अपने नियंत्रण में ले सकते हैं।
इस तरह के साइबर फ्रॉड से खुद को कैसे सुरक्षित रखें
किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका यह है कि आप ऐसे किसी भी अनजान मैसेज और कॉल्स का बिल्कुल जवाब न दें। इसके अलावा किसी भी अज्ञात नंबर से आए मैसेज में दिए गए किसी भी लिंक पर कभी क्लिक न करें। यदि आपने या आपके किसी जान-पहचान वाले ने गलती से भी ऐसा कोई खतरनाक कोड डायल कर दिया है, तो तुरंत अपने फोन का डायलर खोलकर ##002# डायल करें। इससे आपके मोबाइल फोन पर एक्टिव सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं तुरंत बंद हो जाएंगी। इसके अलावा यह जांचने के लिए कि आपके फोन पर आपकी जानकारी के बिना कोई कॉल फॉरवर्डिंग ऑन है या नहीं, आप अपने फोन से *#21# डायल करके उसका स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।



















