अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने हाल ही में संकेत दिया है कि वे क्रिप्टो क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित नियमों को इसी महीने पेश कर सकते हैं। यह कदम अमेरिका में कुछ चुनिंदा क्रिप्टो गतिविधियों के लिए एक 'सेफ हार्बर' यानी सुरक्षित नियामक दायरे को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आयोग द्वारा जारी 2026 के अपडेटेड एजेंडे में इन नियमों को जुलाई में पेश किए जाने की योजना है। इसके बाद प्रस्तावित नीतियों पर जनता से राय मांगी जाएगी।
प्रस्तावित नियमों का दायरा
ये नियम मुख्य रूप से क्रिप्टो संपत्तियों की बिक्री और पेशकश को नियंत्रित करेंगे। इनमें ऑन-चेन वित्तीय गतिविधियों के विभिन्न प्रकारों के लिए कुछ विशेष छूट और सेफ हार्बर प्रावधान शामिल होंगे। यह घोषणा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि नियामक अब 'रेगुलेशन क्रिप्टो' प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से लाने की तैयारी कर रहा है, जिसका जिक्र आयोग के अध्यक्ष पॉल एटकिंस पहले भी कई बार कर चुके हैं। गौरतलब है कि इसे जनवरी में ही पेश किए जाने की बात कही गई थी।
कंपनियों को क्या लाभ मिलेगा?
इन प्रस्तावित छूटों के जरिए क्रिप्टो कंपनियों को यह गारंटी मिलेगी कि वे टोकनाइज्ड प्रतिभूतियों और विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) जैसे क्षेत्रों में बिना किसी डर के काम कर सकेंगी, क्योंकि ये गतिविधियां SEC की प्रवर्तन कार्रवाई के दायरे में नहीं आएंगी। पॉल एटकिंस ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि अमेरिका को दुनिया की क्रिप्टो राजधानी बनाने के डोनाल्ड ट्रंप के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नवाचार को अपनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाजार में स्पष्ट नियम लाना और यह स्पष्ट करना है कि कैसे बाजार प्रतिभागी टोकनाइज्ड प्रतिभूतियों की कस्टडी और ट्रेडिंग की सुविधा दे सकते हैं।
अतीत और भविष्य की राह
इस साल मार्च में, पॉल एटकिंस ने संकेत दिया था कि यह सेफ हार्बर उन स्टार्टअप्स पर लागू हो सकता है जिनकी कीमत 5 मिलियन डॉलर तक है और जो अपने शुरुआती चार वर्षों में क्रिप्टो संपत्तियों के साथ प्रयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, यह उन उद्यमियों के लिए भी है जो निवेश अनुबंधों के जरिए 75 मिलियन डॉलर तक जुटा रहे हैं, और उन क्रिप्टो संपत्तियों के लिए भी जिनके निर्माता अब सभी महत्वपूर्ण प्रबंधन प्रयासों से हट चुके हैं।
हालांकि, इन नियमों का आना कांग्रेस के 'क्लैरिटी एक्ट' के भविष्य पर भी निर्भर करता है। पॉल एटकिंस ने पहले माना था कि इस विधेयक की अनिश्चितता ने SEC की नियमन प्रक्रिया को प्रभावित किया है। क्लैरिटी एक्ट फिलहाल सीनेट में निर्णायक मोड़ पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगस्त तक यह विधेयक पारित नहीं हुआ, तो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के चलते इसके इस साल कानून बनने की संभावना काफी कम है।










