EUR/USD ने पिछले बुधवार के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर कारोबार समाप्त किया। दिन के निचले स्तर के करीब 1.1406 पर बंद होने के साथ, एकल मुद्रा में एक तिहाई प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सबसे भरोसेमंद सदस्यों में से एक की सख्त टिप्पणियों और अमेरिका के कमजोर पेरोल आंकड़ों के बावजूद यूरो को कोई खास सहारा नहीं मिल सका।
भू-राजनीतिक संकट और बाजार की घबराहट
ईरान पर अमेरिका द्वारा देर रात किए गए हमलों और प्रतिबंधों की पूर्ण बहाली ने बुधवार को होने वाली फेडरल रिजर्व की मिनट्स के लिए माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और बिगड़ गई, जहां ताजा हमलों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और नए प्रतिबंधों की घोषणा ने डॉलर को एक सुरक्षित विकल्प (सेफ हेवन) के रूप में मजबूती प्रदान की है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीति और बाजार की धारणा
मंगलवार को यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के एक सदस्य ने नीतिगत रुख को लेकर सख्त संकेत दिए। यह बयान सोमवार को कार्यकारी बोर्ड के एक सदस्य द्वारा दी गई चेतावनी के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। बाजार वर्तमान में इस वर्ष एक और तिमाही-बिंदु की बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है, हालांकि 23 जुलाई की बैठक में बदलाव की उम्मीदें लगभग न के बराबर हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव
खाड़ी क्षेत्र से आ रही खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी बलों ने सोमवार और मंगलवार के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया, जिनमें कतर का एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस कैरियर और सऊदी अरब का एक टैंकर शामिल है। ओमान के तट के पास एक जहाज में आग लग गई, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी चालक दल के सदस्य के हताहत होने की खबर नहीं है।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
वॉशिंगटन ने मंगलवार देर रात दो चरणों में अपनी प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार साइटों पर जवाबी हमले किए और इन हमलों को वर्साय में हस्ताक्षरित युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया। इसके अलावा, वित्त विभाग ने ईरानी कच्चे तेल के निर्यात पर दी गई प्रतिबंधों में ढील को पूरी तरह वापस ले लिया है, जिससे खरीदारों को मौजूदा सौदों को निपटाने के लिए 17 जुलाई तक का समय दिया गया है।
फेडरल रिजर्व की मिनट्स का महत्व
निवेशकों की नजरें अब फेडरल रिजर्व की मिनट्स पर हैं, जो यह स्पष्ट कर सकती हैं कि समिति मुद्रास्फीति और गिरती रोजगार दर के बीच संतुलन कैसे बना रही है। वायदा बाजार में 29 जुलाई को दरें स्थिर रहने की संभावना लगभग 75 प्रतिशत है, जबकि बाकी अनुमान बढ़ोतरी की ओर झुके हुए हैं।
तकनीकी विश्लेषण और समर्थन-प्रतिरोध
बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। मंगलवार को 1.1450 के स्तर पर प्रतिरोध देखा गया, जबकि 1.1500 और 1.1550 के पास अगली बाधाएं हैं। समर्थन की बात करें तो 1.1400 का स्तर महत्वपूर्ण है, जिसके नीचे 1.1350 और जून के अंत का निचला स्तर 1.1300 प्रमुख आधार हैं। वर्तमान में बाजार का रुख मंदी की ओर है, जब तक कि मिनट्स में कोई नरम रुख या जलडमरूमध्य में तनाव कम न हो जाए।











