उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जनपद, जिसकी पहचान कभी पिछड़े और नक्सल प्रभावित इलाके के रूप में थी, अब एक बड़े औद्योगिक बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। कालीन और पीतल के बर्तनों के पारंपरिक कारोबार वाले इस जिले में अब थर्मल पावर से लेकर सीमेंट प्लांट तक की बड़ी इकाइयां आकार ले रही हैं, और देश की कई नामी कंपनियां यहां पूंजी लगा रही हैं।
निवेश का बड़ा पैमाना
आंकड़े बताते हैं कि मिर्जापुर ने उद्यमियों का ध्यान किस कदर खींचा है। जिले को कुल 78,148 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से करीब 30 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं अब जमीन पर उतरने लगी हैं, जबकि बाकी पर काम जारी है। प्राप्त 192 प्रस्तावों में से 104 परियोजनाओं का चयन किया जा चुका है, और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए चुने गए प्रस्तावों की कीमत 25,625 करोड़ रुपए आंकी गई है।
जमीन पर उतरती बड़ी परियोजनाएं
लगभग 25 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं अब साफ तौर पर धरातल पर दिखने लगी हैं, जिनमें Adani, Renewable Hydro Energy, Dalmia Cement, Indian Oil और Apollo Pipe जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा निवेश Adani का है, जिसने थर्मल पावर एनर्जी में 18,300 करोड़ रुपए लगाए हैं। इसके अलावा Renewable Hydro Energy की ओर से 5500 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है, जबकि Indian Oil 1100 करोड़ रुपए की लागत से अपना डिपो तैयार कर रही है। Brijdev Ethanol, Apollo Pipe Limited सहित कई अन्य कंपनियों ने भी यहां निवेश को लेकर अपनी मंशा जाहिर की है।
उत्पादन शुरू, रोजगार भी मिला
यह सिलसिला नया नहीं है। इससे पहले भी सरकार ने निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया था, जिसका असर अब दिखाई दे रहा है। फिलहाल 80 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है और इनसे करीब 3200 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल चुका है। मौजूदा समय में 1782 करोड़ रुपए की परियोजना संचालित हो रही है, और जल्द ही Indian Mill Depo का संचालन भी शुरू होने वाला है।
1000 हेक्टेयर में बसेगा पूर्वांचल का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया
जिले के मड़िहान क्षेत्र में 1000 हेक्टेयर में एक इंडस्ट्रियल एरिया प्रस्तावित है। योजना को मंजूरी मिलते ही यह पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बन जाएगा। यहां सिर्फ फैक्ट्रियां ही नहीं, बल्कि होटल और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां भी रफ्तार पकड़ेंगी। सरकारी स्वीकृति मिलते ही तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा, और इस क्षेत्र में भी कई बड़ी कंपनियों के निवेश की उम्मीद है।













