जुलाई 2026 के आखिरी कारोबारी दिन वैश्विक और घरेलू कमोडिटी बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में सुस्ती और मुनाफावसूली का माहौल देखा गया। 31 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स और भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों ही दबाव में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मंदी का रुख बना हुआ था, फिर भी बुलियन मार्केट में बिकवाली हावी रही। अमेरिका के वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ऑयल में 3 प्रतिशत के करीब गिरावट आई, जबकि ब्रेंट क्रूड 2.30 प्रतिशत टूटकर 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया। इस विपरीत माहौल के बीच कॉपर और नेचुरल गैस के वायदा भाव में 1-1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि एमसीएक्स पर क्रूड ऑयल दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला कमोडिटी बन गया।
सोने की चाल: कॉमेक्स और एमसीएक्स पर तकनीकी स्तरों का विश्लेषण
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोने की शुरुआत 4,163.9 डॉलर के स्तर पर हुई, लेकिन इसके बाद कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया। दिन के दौरान कॉमेक्स गोल्ड 0.69 प्रतिशत टूटकर हालिया तेजी के एक हिस्से को गंवा बैठा। दैनिक चार्ट के तकनीकी ढांचे को देखें तो दो सत्रों की जोरदार रिकवरी के बाद कीमतें ऊपरी प्रतिरोध स्तरों से ठंडी पड़ती दिख रही हैं और हालिया उच्च स्तरों के नीचे समेकित हो रही हैं। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉनमूडी आर के अनुसार, कॉमेक्स गोल्ड के लिए पहला तात्कालिक समर्थन दायरा 4,090 से 4,070 डॉलर के बीच स्थित है। यदि यह स्तर टूटता है, तो अगला मुख्य मनोवैज्ञानिक समर्थन आधार 4,000 से 3,980 डॉलर के बीच देखा जा रहा है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ 4,160 से 4,180 डॉलर का क्षेत्र तात्कालिक प्रतिरोध के रूप में काम कर रहा है। इस बाधा को पार करने पर अगला प्रतिरोध लक्ष्य 4,220 से 4,240 डॉलर का होगा। डॉलर में आई कमजोरी के कारण सोने में पहले तेजी आई थी, लेकिन अब रिकवरी को बनाए रखने के लिए कीमतों का 4,180 डॉलर की ओर टिकना जरूरी है, अन्यथा 4,000 डॉलर तक गिरावट का जोखिम बना रहेगा।
भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने की शुरुआत तेजी के साथ हुई। एमसीएक्स गोल्ड 144,000 रुपये के आंकड़े के पास गैप-अप ओपनिंग के साथ खुला और दिन में 0.58 प्रतिशत बढ़कर हालिया सत्रों की रिकवरी को आगे बढ़ाता दिखा। दैनिक चार्ट पर कीमतें हालिया कंसोलिडेशन जोन से बाहर निकलती नजर आ रही हैं। पॉनमूडी आर का कहना है कि एमसीएक्स गोल्ड के लिए immediate support 143,300 रुपये से 143,000 रुपये के दायरे में है, जबकि अगला support 142,300 रुपये से 142,000 रुपये के बीच बना हुआ है। वहीं ऊपर की दिशा में 144,000 रुपये से 144,300 रुपये का स्तर तात्कालिक प्रतिरोध है। इसे पार करने पर कीमतें 145,300 रुपये से 145,700 रुपये तक जा सकती हैं। हालांकि दिन के कारोबार के दौरान एमसीएक्स पर सोना 143,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर भी देखा गया, जो 890 रुपये या 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है, क्योंकि हाजिर सोने की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की नरमी आई। तेजी के रुझान को मजबूत करने के लिए 144,300 रुपये के ऊपर टिकाऊ बढ़त जरूरी है, जबकि 143,000 रुपये के नीचे फिसलने पर रिकवरी कमजोर पड़ जाएगी।
चांदी की कीमतें: कॉमेक्स और एमसीएक्स पर रेंजबाउंड कारोबार
चांदी के बाजारों में भी सुस्ती का रुख बना रहा। कॉमेक्स सिल्वर की शुरुआत स्थिर रही, लेकिन बाद में कीमतें घटकर 58.600 डॉलर के स्तर पर आ गईं, जिससे पिछले सत्र में हासिल की गई रिकवरी का हिस्सा छिन गया। दैनिक चार्ट पर 54.000 डॉलर के पास सहारा मिलने के बाद चांदी रेंजबाउंड दायरे में घट-बढ़ रही है, जहां 59.500 डॉलर के पास बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। एनरिच मनी के सीईओ पॉनमूडी आर के मुताबिक, कॉमेक्स सिल्वर के लिए तात्कालिक सपोर्ट 56.500 से 57.000 डॉलर के बीच है, जबकि अगला मुख्य सपोर्ट 53.500 से 55.000 डॉलर के बीच स्थित है। ऊपर की तरफ प्रतिरोध 59.500 से 61.000 डॉलर पर है, और इसे तोड़ने पर कीमतें 62.000 से 63.500 डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ सकती हैं। भले ही चांदी पर अल्पकालिक दबाव और डॉलर के समीकरण हावी हैं, लेकिन मजबूत औद्योगिक मांग और संरचनात्मक आपूर्ति घाटे के कारण लंबी अवधि का नजरिया मजबूत बना हुआ है। रिकवरी बनाए रखने के लिए 58.000 डॉलर के ऊपर टिकना आवश्यक है।
घरेलू बाजार एमसीएक्स सिल्वर की बात करें तो यह 218,769 रुपये पर खुला और 219,000 रुपये के ऊपर बना रहा। दैनिक टाइमफ्रेम पर 214,000 से 215,000 रुपये के क्षेत्र में समर्थन मिलने के बाद कीमतें समेकित हो रही हैं। एमसीएक्स सिल्वर में तात्कालिक सपोर्ट 218,000 से 217,000 रुपये के बीच है, और अगला सपोर्ट 215,000 से 214,000 रुपये पर है। ऊपर की तरफ 221,000 से 222,000 रुपये तात्कालिक प्रतिरोध है, जबकि अगला प्रतिरोध 224,000 से 225,000 रुपये के बीच है। हाजिर चांदी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के चलते एमसीएक्स पर चांदी 1,135 रुपये या 0.52 प्रतिशत घटकर 218,832 रुपये प्रति 1 किलोग्राम के आसपास आ गई। हालिया बढ़त के बाद मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग के प्रति चांदी की अधिक संवेदनशीलता के कारण यह सोने के मुकाबले अधिक सुस्त दिखाई दी। 218,000 रुपये का स्तर टूटने पर 215,000 रुपये तक फिसलने की आशंका है।
कच्चे तेल में भारी गिरावट और अन्य कमोडिटीज की स्थिति
पश्चिम एशिया में जारी गंभीर तनाव के बावजूद क्रूड ऑयल के मोर्चे पर भारी नरमी देखने को मिली। एमसीएक्स क्रूड ऑयल गैप-डाउन के साथ खुला और 7,860 रुपये के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। पॉनमूडी आर के अनुसार, क्रूड ऑयल के लिए 7,840 से 7,810 रुपये का दायरा तात्कालिक सपोर्ट का काम कर रहा है। गिरावट को रोकने के लिए इस स्तर पर रुकना बेहद जरूरी है। यदि 7,810 रुपये का स्तर टूटता है, तो कीमतें 7,700 से 7,650 रुपये तक गिर सकती हैं। ऊपर की दिशा में 8,000 रुपये पहला प्रतिरोध है, जिसके बाद 8,080 से 8,150 रुपये का जोन आता है। तेजी का माहौल वापस लाने और 8,150 से 8,200 रुपये की रिकवरी के लिए 8,000 रुपये के ऊपर निरंतर बढ़त जरूरी है। 31 जुलाई को एमसीएक्स पर क्रूड ऑयल सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला एसेट रहा। इसके विपरीत, बेस मेटल्स में तांबा और जस्ता के साथ-साथ प्राकृतिक गैस में बढ़त दर्ज की गई।
मैक्रोइकोनॉमिक कारक: फेड नीति, मुद्रास्फीति और पश्चिम एशिया युद्ध
सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं को इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से समर्थन मिला, जिसमें बढ़ती मुद्रास्फीति और पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजे ऊर्जा संकट के बीच मुख्य ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, सख्त मौद्रिक नीति की निरंतर संभावनाओं ने बुलियन की तेजी पर अंकुश लगाया है। वित्तीय बाजार फिलहाल सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी की 63 प्रतिशत संभावना जता रहे हैं।
उधर, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज हो गया है। अमेरिकी संपत्तियों पर तेहरान के हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर नए हमले किए हैं, जिससे निकट भविष्य में किसी राजनयिक समझौते की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। फरवरी के उत्तरार्ध में अमेरिका-ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से ही सोने पर लगातार दबाव देखा जा रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। व्यापारी इन सभी व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक अपडेट्स पर नजर बनाए हुए हैं।



















