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मानसून का कहर: कालका-शिमला टॉय ट्रेनें 5 अगस्त तक रद्द, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का बदला रूटव्यापार
28 जुल॰ 2026, 3:59 pm (13 दिन पहले)· 0

मानसून का कहर: कालका-शिमला टॉय ट्रेनें 5 अगस्त तक रद्द, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का बदला रूट

देशभर में जारी भारी मानसूनी बारिश के चलते रेलवे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंबाला रेल मंडल ने सुरक्षा कारणों से कालका-शिमला रूट की चार लोकप्रिय टॉय ट्रेनों को 5 अगस्त तक के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि असम में जलभराव के चलते चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तित किया गया है।

देशभर में सक्रिय मानसून के कारण रेल यातायात पर भारी असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में प्रसिद्ध कालका-शिमला रूट की चार विशेष टॉय ट्रेनों को आगामी 5 अगस्त तक के लिए पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। पर्यटकों के बीच खासी पसंद की जाने वाली इन ट्रेनों के पहिए थमने से घूमने जाने वाले लोगों को निराशा हाथ लगी है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत में भारी जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने से लंबी दूरी की गाड़ियों के मार्गों में भी बदलाव किया गया है।

भूस्खलन के कारण कालका-शिमला रूट प्रभावित

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस ऐतिहासिक नैरो गेज लाइन पर प्रकृति का कहर लगातार जारी है। लगातार हो रही बरसात की वजह से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। अंबाला रेल मंडल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 52451 कालका-शिमला, ट्रेन संख्या 52459 कालका-शिमला, वापसी की ट्रेन संख्या 52452 शिमला-कालका और ट्रेन संख्या 52460 शिमला-कालका को 5 अगस्त तक नहीं चलाया जाएगा। इस रूट पर गत 3 जुलाई को काठलीघाट-कानो सेक्शन के बीच भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके बाद से ही रेल सेवाओं का संचालन लगातार बाधित चल रहा था।

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पूर्वोत्तर की ट्रेनों पर मानसूनी मार

पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश ने रेल नेटवर्क को अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम क्षेत्र में डिचोव नदी का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है और सिलघर रेलवे यार्ड में बड़े पैमाने पर पानी भर गया है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने पटरियों पर ट्रेनों के आवागमन को फिलहाल रोक दिया है। इस तकनीकी बाधा के चलते चंडीगढ़ से रवाना होने वाली 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस और वापसी दिशा में चलने वाली 15903 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के तय मार्ग में बदलाव किया गया है। अब ये दोनों गाड़ियां अपने पुराने रास्ते के बजाय रानी, रांगापानी और न्यू बोंगाईगांव के वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजरेंगी।

अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन और यात्रियों के लिए निर्देश

इस प्राकृतिक आपदा के कारण देश की अन्य प्रमुख रेलगाड़ियां भी अपनी समय-सारणी से पिछड़ गई हैं। राजधानी एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर राजधानी, विवेक एक्सप्रेस, कामरूप एक्सप्रेस और नागालैंड एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी इस खराब मौसम की चपेट में आई हैं। रेलवे प्रशासन ने सभी मुसाफिरों से विशेष आग्रह किया है कि वे घर से स्टेशन के लिए निकलने से पहले नेशनल ट्रेन एनक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप का उपयोग करें या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति की जांच अवश्य कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

सवाल-जवाब

कालका-शिमला टॉय ट्रेनें कब तक रद्द रहेंगी?
सुरक्षा कारणों से कालका-शिमला रूट की चारों टॉय ट्रेनें 5 अगस्त तक रद्द कर दी गई हैं।
ट्रेनें रद्द होने का मुख्य कारण क्या है?
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन होना इसका मुख्य कारण है।
चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस का रूट क्यों बदला गया है?
असम में डिचोव नदी का जलस्तर बढ़ने और सिलघर रेलवे यार्ड में जलभराव के कारण इस ट्रेन का रूट बदला गया है।
बदले हुए मार्ग में चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस किन स्टेशनों से गुजरेगी?
यह ट्रेन अब रानी, रांगापानी और न्यू बोंगाईगांव के रास्ते चलाई जा रही है।
यात्री अपनी ट्रेन की स्थिति कैसे जांच सकते हैं?
यात्री सफर पर निकलने से पहले नेशनल ट्रेन एनक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप या आधिकारिक हेल्पलाइन की मदद ले सकते हैं।
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