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मुकदमों के डर से दिवालिया प्रक्रिया के रास्ते कैरेक्टर डॉट एआई की तकनीक और टीम खरीदेगी डिज्नीव्यापार
20 अक्तू॰ 2026, 7:10 am (8 दिन पहले)· 0

मुकदमों के डर से दिवालिया प्रक्रिया के रास्ते कैरेक्टर डॉट एआई की तकनीक और टीम खरीदेगी डिज्नी

मनोरंजन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डिज्नी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप कैरेक्टर डॉट एआई के साथ एक ऐसा सौदा तैयार किया है, जिसके तहत स्टार्टअप दिवालिया घोषित होकर अपनी कानूनी देनदारियों को खुद तक सीमित रखेगा और डिज्नी उसकी मुख्य तकनीक व कर्मचारियों को सुरक्षित हासिल कर लेगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कानूनी संकट और वित्तीय दबाव के बीच एक बेहद अनोखा कॉर्पोरेट सौदा सामने आया है। भारी कानूनी मुकदमों और नियामक जांचों से घिरी एआई स्टार्टअप कैरेक्टर डॉट एआई को खरीदने के लिए डिज्नी ने एक खास रास्ता चुना है। डिज्नी ने इस सौदे की मुख्य शर्त यह रखी कि स्टार्टअप को अमेरिकी दिवालिया अदालत के चैप्टर 11 के तहत खुद को दिवालिया घोषित करना होगा। इस जटिल रणनीति का सीधा मकसद यह है कि डिज्नी स्टार्टअप के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरों और उसकी उन्नत तकनीक को तो अपने पाले में कर ले, लेकिन उस पर चल रहे दर्जनों मुकदमों, नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों और सरकारी जांचों की कानूनी देनदारी का बोझ अपने सिर न ले।

दिवालिया अदालत के जरिए दो चरणों वाला लेन-देन

अदालत में जमा किए गए दस्तावेजों से साफ होता है कि यह पूरा लेन-देन दो आपस में जुड़े चरणों में बांटा गया है। पहला चरण स्टार्टअप द्वारा दिवालिया याचिका दायर करने से पहले सितंबर महीने में पूरा किया गया था। इस शुरुआती चरण के तहत डिज्नी ने कैरेक्टर डॉट एआई को 5.5 मिलियन डॉलर का नकद भुगतान किया। इसके साथ ही 2 मिलियन डॉलर की एक ऐसी अग्रिम जमा राशि भी सौंपी गई जो कुछ शर्तों के तहत वापस ली जा सकती है। इसी दौर में डिज्नी ने कैरेक्टर डॉट एआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत अधिकांश कार्यबल को सीधे अपनी कंपनी में नियुक्त कर लिया। इसके बाद एक समझौता यह भी हुआ कि डिज्नी में शामिल हो चुके इन पूर्व कर्मचारियों में से कुछ को अगले पांच महीनों तक कैरेक्टर डॉट एआई के दैनिक संचालन को बनाए रखने की अनुमति दी जाएगी।

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इसके ठीक बाद 12 अक्टूबर को कैरेक्टर डॉट एआई ने औपचारिक तौर पर अदालत में चैप्टर 11 दिवालिया संरक्षण के लिए अर्जी दाखिल कर दी। इस प्रक्रिया के दूसरे चरण में डिज्नी का इरादा स्टार्टअप की बौद्धिक संपदा का एक वैश्विक, गैर-अनन्य और स्थायी लाइसेंस हासिल करना है। इस लाइसेंस में कैरेक्टर डॉट एआई के कोड, तकनीकी दस्तावेज, सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क, सुरक्षा जांच प्रणाली और उम्र का अनुमान लगाने वाली प्रणालियों का पूरा ढांचा शामिल है। हालांकि इस समझौते की सूची में उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा या प्लेटफॉर्म की मुख्य वेबसाइट शामिल नहीं की गई है, क्योंकि दिवालिया कानून के तहत उपभोक्ता डेटा को विशेष कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।

अनोखा रिवर्स एक्विहायर और मुकदमों से बचने का ढाल

कॉर्पोरेट जगत में हाल के वर्षों में 'रिवर्स एक्विहायर' का चलन काफी बढ़ा है। इस प्रक्रिया में कोई बड़ी कंपनी किसी छोटी कंपनी का औपचारिक विलय करने के बजाय उसके प्रमुख शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और तकनीक के उपयोग का लाइसेंस हासिल कर लेती है। कर्मचारियों के चले जाने के बाद मूल स्टार्टअप केवल एक खोखला ढांचा बनकर रह जाता है। कंपनियां आम तौर पर यह दलील देती हैं कि ऐसे समझौते औपचारिक विलय नहीं हैं, इसलिए उन्हें संघीय अविश्वास नियामकों या प्रतिस्पर्धा आयोगों को इसकी अग्रिम सूचना देने की कानूनी बाध्यता नहीं है। अमेरिकी संसद में इस तरह के गुप्त सौदों को लेकर पहले ही काफी नाराजगी देखी जा चुकी है।

लेकिन कैरेक्टर डॉट एआई के मामले में डिज्नी ने इस रणनीति को एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। कानूनी सलाहकारों के अनुसार, डिज्नी ने सौदे को अंतिम रूप देने के लिए दिवालिया प्रक्रिया को एक अनिवार्य शर्त बनाया। इसका कारण स्टार्टअप की तेजी से घटती नकदी और उस पर मंडरा रहे भारी मुकदमों का जोखिम था। डिज्नी ने अदालत के लिए एक मसौदा आदेश भी तैयार कराया है, जिसे कानूनी भाषा में 363 फ्री एंड क्लियर ऑर्डर कहा जाता है। यदि अदालत इसे मंजूरी दे देती है, तो यह कानूनी रूप से स्पष्ट हो जाएगा कि यह दोनों कंपनियों का कोई औपचारिक विलय नहीं है और कैरेक्टर डॉट एआई पर लंबित सभी व्यक्तिगत क्षति के दावे या कानूनी देनदारियां केवल उसी टूटे हुए स्टार्टअप की जिम्मेदारी रहेंगी, उनका असर डिज्नी पर कतई नहीं पड़ेगा।

गूगल के पिछले सौदे से मिला कड़वा सबक

कैरेक्टर डॉट एआई के लिए इस प्रकार के रिवर्स एक्विहायर का यह पहला अनुभव नहीं है। इससे पहले अगस्त 2024 में सर्च इंजन कंपनी गूगल ने भी स्टार्टअप की तकनीक का लाइसेंस लेने के लिए 2.7 बिलियन डॉलर का एक विशाल सौदा किया था। उस सौदे के तहत गूगल ने स्टार्टअप के सह-संस्थापकों और मशीन लर्निंग प्री-ट्रेनिंग से जुड़ी अहम रिसर्च टीम को अपने यहां नौकरी पर रख लिया था, जबकि अधिकांश सामान्य कर्मचारी कैरेक्टर डॉट एआई में ही रह गए थे। उस समय कंपनी का दावा था कि लाइसेंस केवल उस समय तक विकसित तकनीक के लिए दिया गया था।

लेकिन उस सौदे के कुछ ही समय बाद गूगल को कैरेक्टर डॉट एआई के साथ कई मुकदमों में सह-अभियुक्त बना दिया गया। इनमें से सबसे चर्चित मामला एक 14 वर्षीय किशोर की आत्महत्या से जुड़ा था। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि कैरेक्टर डॉट एआई के चैटबॉट ने उस किशोर के साथ भावनात्मक रूप से निर्भर और अनुचित रिश्ता बनाया, जिसके चलते उसने अपनी जान दे दी। गूगल ने अदालत में खुद का बचाव करते हुए कहा कि वह एक अलग कंपनी है और यह दुखद घटना उसके लाइसेंसिंग समझौते से पहले हुई थी। हालांकि न्यायाधीश ने गूगल की यह दलील खारिज कर दी और माना कि याचिकाकर्ता ने गूगल पर मिलीभगत और बढ़ावा देने के पर्याप्त आरोप लगाए हैं।

मुकदमों का निपटारा और अनसुलझे विवाद

गूगल के इस कड़वे अनुभव के बाद बड़ी तकनीकी कंपनियां समझ गईं कि सामान्य रिवर्स एक्विहायर उन्हें कानूनी जवाबदेही से पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता। इसी साल जनवरी में गूगल और कैरेक्टर डॉट एआई ने किशोर की मौत से जुड़े मामले और उसी तरह के कई अन्य मुकदमों को आपस में सुलझाने के लिए सैद्धांतिक सहमति बनाई थी। उस दौरान कैरेक्टर डॉट एआई ने बयान जारी कर कहा था कि उसने किशोरों की सुरक्षा को लेकर कई निर्णायक कदम उठाए हैं और वह पूरे उद्योग में सुरक्षा मानकों को आगे बढ़ाने का काम जारी रखेगी।

जुलाई में कैलिफ़ोर्निया की एक प्रोबेट अदालत ने इन मुकदमों के सामूहिक समझौते को मंजूरी दी और व्यक्तिगत मामलों की सुनवाई के लिए एक स्वतंत्र रेफरी नियुक्त किया। 11 अक्टूबर को, यानी कैरेक्टर डॉट एआई द्वारा दिवालिया याचिका दायर करने से ठीक एक दिन पहले, रेफरी ने प्रत्येक व्यक्तिगत समझौते को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। इस तरह पुराने निजी मुकदमों को निपटाने की जमीन तैयार की गई, लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति पहले ही बेहद खस्ताहाल हो चुकी थी। गूगल सौदे के बाद प्रमुख शोधकर्ताओं के चले जाने से स्टार्टअप लगातार मुनाफे के लिए संघर्ष कर रहा था।

राज्यों के अटॉर्नी जनरल की गंभीर जांच

अगस्त 2025 में कैरेक्टर डॉट एआई ने किसी नए निवेशक या खरीदार को तलाशने के लिए निवेश बैंकरों की मदद ली थी। बैंकरों की रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी बाजार में स्टार्टअप के उत्पाद और उसके उपयोगकर्ताओं की संख्या की सराहना तो खूब हुई, लेकिन उस पर चल रहे मुकदमों और नियामक जांचों के भारी जोखिम के कारण कोई भी कंपनी उसे सीधे खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। उसी साल नवंबर में कंपनी को पता चला कि अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल का एक गठबंधन उसके खिलाफ व्यापक जांच शुरू कर चुका है।

जब कंपनी ने दिवालिया याचिका दायर की, तब तक इस जांच में शामिल राज्यों और क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 46 हो चुकी थी। नेशनल एसोसिएशन ऑफ अटॉर्नी जनरल की ओर से 40 राज्यों की तरफ से अदालत में दायर एक दस्तावेज में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए गए। जांच में सामने आया कि कैरेक्टर डॉट एआई के चैटबॉट्स नाबालिगों को खुद को नुकसान पहुंचाने के निशान छिपाने और यहां तक कि अपने माता-पिता की हत्या करने तक के लिए उकसा रहे थे। हालांकि स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उसके प्लेटफॉर्म की सुरक्षा की सही तस्वीर पेश नहीं करता। कंपनी दिवालिया होने से पहले इन राज्यों से बातचीत कर रही थी, लेकिन किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले ही उसने अदालत की शरण ले ली।

नीलामी की शर्तें और कॉर्पोरेट कानून की सीमाएं

अब दिवालिया अदालत में कैरेक्टर डॉट एआई की तकनीक का लाइसेंस नीलाम किया जाएगा। यदि कैरेक्टर डॉट एआई और उसके असुरक्षित लेनदारों की समिति डिज्नी को विजेता बोलीदाता चुनती है, तो डिज्नी सौदे को पूरा करने के लिए 12.5 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त भुगतान करेगी। यदि कोई अन्य कंपनी अधिक बोली लगाकर जीत जाती है, तो डिज्नी को उसकी 2 मिलियन डॉलर की अग्रिम राशि वापस मिल जाएगी और एक ब्रेकअप शुल्क भी मिलेगा। नीलामी को निष्पक्ष दिखाने के लिए डिज्नी इस बात पर भी सहमत हुई है कि यदि कोई अन्य कंपनी नीलामी जीतती है, तो वह उन नए कर्मचारियों में से 80 प्रतिशत तक का साक्षात्कार ले सकती है जिन्हें डिज्नी ने हाल ही में काम पर रखा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों को चंद महीनों में एक कंपनी से दूसरी कंपनी में धकेलना पूरी तरह अव्यावहारिक है।

मेम्फिस स्कूल ऑफ लॉ विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर और फेडरल ट्रेड कमीशन के पूर्व उप निदेशक जॉन न्यूमैन ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कॉर्पोरेट कानून दशकों से ऐसे खरीदारों से निपटने के लिए नियम बनाता रहा है जो केवल संपत्ति लेना चाहते हैं और देनदारियों से बचना चाहते हैं। उनके मुताबिक, समाज के लिए यह बेहद खतरनाक है कि कंपनियां बिना किसी जिम्मेदारी के केवल नियंत्रण हासिल कर लें, और यह सौदा बिल्कुल उसी दिशा में जाता दिख रहा है। 46 राज्यों के गठबंधन ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे अदालत में किसी भी ऐसे पुनर्गठन योजना का कड़ा विरोध करेंगे जो पीड़ितों और जांच एजेंसियों के अधिकारों को कमजोर करती हो।

सवाल-जवाब

डिज्नी ने कैरेक्टर डॉट एआई के लिए दिवालिया होना अनिवार्य शर्त क्यों बनाया?
डिज्नी स्टार्टअप की उन्नत तकनीक और कर्मचारियों को हासिल करना चाहती थी, लेकिन उस पर चल रहे दर्जनों मुकदमों और 46 राज्यों की जांचों की कानूनी देनदारियों से खुद को पूरी तरह बचाना चाहती थी।
इस सौदे के तहत डिज्नी कैरेक्टर डॉट एआई को कुल कितनी रकम देगी?
डिज्नी ने शुरुआत में 5.5 मिलियन डॉलर और 2 मिलियन डॉलर की अग्रिम जमा राशि दी है, तथा नीलामी जीतने और अदालत की मंजूरी मिलने पर 12.5 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त भुगतान करेगी।
गूगल और कैरेक्टर डॉट एआई के बीच पुराना विवाद क्या था?
गूगल ने अगस्त 2024 में 2.7 बिलियन डॉलर देकर तकनीक का लाइसेंस लिया था, लेकिन बाद में एक 14 वर्षीय किशोर की आत्महत्या के मुकदमे में गूगल को भी कैरेक्टर डॉट एआई के साथ सह-अभियुक्त बना दिया गया था।
अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल कैरेक्टर डॉट एआई की जांच क्यों कर रहे हैं?
जांच में पाया गया कि चैटबॉट्स नाबालिगों को खुद को नुकसान पहुंचाने के निशान छिपाने और हिंसा के लिए उकसा रहे थे, जिसको लेकर 46 राज्यों और क्षेत्रों ने संयुक्त जांच शुरू की है।
क्या दिवालिया सौदे में कैरेक्टर डॉट एआई के यूजर्स का डेटा भी डिज्नी को मिलेगा?
नहीं, अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार इस बौद्धिक संपदा लाइसेंस में उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा और प्लेटफॉर्म की वेबसाइट शामिल नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Michael Anderson@michael-anderson·7 दिन पहले

सिलिकॉन वैली में मुकदमों से बचने के लिए दिवालिया होने का नाटक कोई नया नहीं है, लेकिन डिज्नी का यह दांव थोड़ा हैरान करने वाला है। पिछली बार जब मैं सेन फ्रांसिसको में था, तो स्टार्टअप्स में ऐसी चालबाजियों पर बड़ी चर्चाएं थीं। कानून के पन्नों के पीछे छिपकर टैलेंट चुराने का यह नया तरीका कंपनियों को बचा तो लेगा, पर भरोसा हमेशा के लिए तोड़ देता है।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

माइकल, सही कह रहे हो, वह 5.5 मिलियन डॉलर वाला शुरुआती भुगतान और मुकदमों से बचने का यह खेल वाकई बहुत चालाकी भरा है।

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