अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के बीच 1 नवंबर से तेल विपणन कंपनियां एलपीजी गैस सिलेंडरों से जुड़े कई नियमों और दरों की समीक्षा करने जा रही हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड के भाव लगभग 117 डॉलर प्रति बैरल के चार साल के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में फेरबदल की पूरी संभावना बन रही है। इसके साथ ही घरेलू और व्यावसायिक दोनों ही श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग अंतराल, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, नए कनेक्शन की उपलब्धता और पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी में बदलाव से जुड़े नियम भी इस महीने चर्चा के केंद्र में हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत इंडेन, एचपी और भारत गैस के करोड़ों ग्राहकों पर इन व्यवस्थाओं का सीधा असर पड़ने वाला है।
कच्चे तेल में तेजी के बीच कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बदलाव
वैश्विक ऊर्जा संकट और मध्य पूर्व में जारी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संभावित हमलों की आशंकाओं और ईरान समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर किए जा रहे हमलों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जलमार्ग से होने वाले तेल एवं गैस परिवहन में भारी बाधा पैदा की है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से कच्चे तेल के दाम 117 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच चुके हैं। चूंकि कमर्शियल एलपीजी की कीमतें सीधे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं, इसलिए तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की दरें संशोधित करती हैं। भारत में सितंबर और अक्टूबर के दौरान भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई थी।
देश के 14 प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा दरें और हालिया बदलाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं
- नई दिल्ली: 2,810.00 रुपये (62.50 रुपये की वृद्धि)
- कोलकाता: 2,954.00 रुपये (70.00 रुपये की वृद्धि)
- मुंबई: 2,764.50 रुपये (63.50 रुपये की वृद्धि)
- चेन्नई: 2,983.00 रुपये (66.50 रुपये की वृद्धि)
- गुड़गांव: 2,828.00 रुपये (63.50 रुपये की वृद्धि)
- नोएडा: 2,810.00 रुपये (62.50 रुपये की वृद्धि)
- बेंगलुरु: 2,898.00 रुपये (67.00 रुपये की वृद्धि)
- भुवनेश्वर: 2,988.00 रुपये (69.00 रुपये की वृद्धि)
- चंडीगढ़: 2,833.00 रुपये (63.50 रुपये की वृद्धि)
- हैदराबाद: 3,065.00 रुपये (69.00 रुपये की वृद्धि)
- जयपुर: 2,839.00 रुपये (63.00 रुपये की वृद्धि)
- लखनऊ: 2,932.50 रुपये (62.50 रुपये की वृद्धि)
- पटना: 3,100.50 रुपये (71.50 रुपये की वृद्धि)
- तिरुवनंतपुरम: 2,849.00 रुपये (65.00 रुपये की वृद्धि)
घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों के दामों की वर्तमान स्थिति
होटल, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कमर्शियल सिलेंडरों के उलट 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर तुरंत नहीं डाला जाता। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार घरेलू रसोई गैस को आम जनता के बजट को ध्यान में रखकर नियंत्रित रखा जाता है। यही कारण है कि तेल कंपनियों ने घरेलू सिलेंडरों के दामों में लंबे समय से कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। देश भर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडरों की आखिरी समीक्षा 7 जून 2026 को की गई थी और तब से कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। नवंबर में भी घरेलू सिलेंडर की दरों में बदलाव न होने की प्रबल संभावना है।
देश के विभिन्न महानगरों और प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडरों के मौजूदा दाम निम्नलिखित हैं, जिनमें कोई बदलाव नहीं देखा गया है
- नई दिल्ली: 942.00 रुपये (स्थिर)
- कोलकाता: 968.00 रुपये (स्थिर)
- मुंबई: 941.50 रुपये (स्थिर)
- चेन्नई: 957.50 रुपये (स्थिर)
- गुड़गांव: 950.50 रुपये (स्थिर)
- नोएडा: 939.50 रुपये (स्थिर)
- बेंगलुरु: 944.50 रुपये (स्थिर)
- भुवनेश्वर: 968.00 रुपये (स्थिर)
- चंडीगढ़: 951.50 रुपये (स्थिर)
- हैदराबाद: 994.00 रुपये (स्थिर)
- जयपुर: 945.50 रुपये (स्थिर)
- लखनऊ: 979.50 रुपये (स्थिर)
- पटना: 1,031.50 रुपये (स्थिर)
- तिरुवनंतपुरम: 951.00 रुपये (स्थिर)
पाइप्ड नेचुरल गैस की कीमतों का समीकरण
रसोई में पाइप के जरिए पहुंचने वाली गैस यानी पीएनजी की लागत का सीधा संबंध कच्चे तेल के बजाय घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन और आयातित एलएनजी के अनुपात पर निर्भर करता है। इसके अतिरिक्त शहर गैस वितरण कंपनियों की वितरण लागत, टैक्स और सरकारी मूल्य निर्धारण नीतियां भी पीएनजी की अंतिम दर तय करती हैं। फरवरी के उत्तरार्ध में पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से गैस वितरण कंपनियों ने पीएनजी दरों में दो बार मामूली वृद्धि की है। हालांकि पीएनजी अब भी एलपीजी की तुलना में काफी सस्ती मानी जाती है।
प्रमुख शहरों में पीएनजी की मौजूदा कीमतें इस प्रकार हैं
- नई दिल्ली: 49.59 रुपये
- कोलकाता: 50.00 रुपये
- मुंबई: 52.00 रुपये
- चेन्नई: 52.00 रुपये
- गुड़गांव: 48.40 रुपये
- नोएडा: 49.46 रुपये
- बेंगलुरु: 53.00 रुपये
- भुवनेश्वर: 49.00 रुपये
- चंडीगढ़: 57.48 रुपये
- हैदराबाद: 56.00 रुपये
- जयपुर: 51.50 रुपये
- लखनऊ: 56.50 रुपये
- पटना: 52.50 रुपये
- तिरुवनंतपुरम: 51.00 रुपये
बायोमेट्रिक ई-केवाईसी और सब्सिडी के कड़े नियम
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी सक्रिय एलपीजी उपयोगकर्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न करने वाले ग्राहकों को रीफिलिंग और सिलेंडरों की बुकिंग में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह नियम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यदि कोई योजना लाभार्थी अपनी बायोमेट्रिक पहचान प्रमाणित नहीं कराता है, तो उसे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए मिलने वाली 200 से 300 रुपये की सरकारी सब्सिडी रोक दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर बुकिंग की सुविधा तभी दोबारा मिलेगी जब वे आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लेंगे। यह अनिवार्यता नवंबर में भी पूरी तरह लागू रहेगी।
ई-केवाईसी न कराने वाले ग्राहकों के लिए विकल्प
मंत्रालय ने उन उपभोक्ताओं के लिए भी एक वैकल्पिक व्यवस्था रखी है जो बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण कराने में असमर्थ हैं या इसे नहीं कराना चाहते। ऐसे ग्राहकों को पूरी तरह गैस आपूर्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्हें तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक डिजिटल माध्यमों जैसे वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, व्हाट्सएप चैटबॉट या आईवीआरएस के जरिए अपने इस फैसले का पंजीकरण कराना होगा। इन उपभोक्ताओं को बिना किसी सब्सिडी के, मौजूदा बाजार मूल्य पर 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी, जो स्थानीय गैस एजेंसी के पास स्टॉक की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल
गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से बुकिंग नियमों को कड़ा रखा गया है। तेल विपणन कंपनियों ने पहले ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए रीफिलिंग का अंतराल 45 दिनों से घटाकर 25 दिन किया था। वहीं शहरी इलाकों में मार्च 2026 से ही 25 दिनों का नियम प्रभावी है, जिसे पूर्व के 21 दिनों से बढ़ाकर लागू किया गया था। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला रिफिल बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना पड़ता है।
नए कनेक्शन जारी करने में राज्यों के सामने चुनौतियां
देश के कई राज्यों में 14.2 किलोग्राम वाले इंडेन, एचपी और भारत गैस के नए घरेलू कनेक्शन मिलने में आ रही दिक्कतों की खबरें सामने आ रही हैं। कर्नाटक जैसे तेजी से शहरीकृत हो रहे राज्य में यह समस्या काफी गंभीर रूप ले चुकी है। कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने स्पष्ट किया है कि नए बसे आवासीय क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और प्रवासी कामगारों के घरों तक नए एलपीजी कनेक्शन पहुंचने में रुकावटें आ रही हैं। कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह का संकट देखा जा रहा है और नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।
पीएनजी विस्तार और 30 दिनों में कनेक्शन सरेंडर का नियम
देश को गैस आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने पीएनजी ड्राइव 3.0 और माई-पीएनजी पोर्टल की शुरुआत की है। यह एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल उपभोक्ताओं को पाइप गैस सेवाओं, बिलिंग और सिटी गैस वितरण कंपनियों से सीधे जुड़ने में सहायता प्रदान करता है। इसके साथ ही मई 2026 से लागू वह नियम भी जारी रहेगा जिसके तहत किसी भी घर में पीएनजी आपूर्ति शुरू होने के बाद उपभोक्ता को अपने पुराने एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन (चाहे वह इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस का हो) को 30 दिनों के भीतर सरेंडर करना अनिवार्य है।
ओटीपी डिलीवरी और 'एक परिवार, एक गैस कनेक्शन' व्यवस्था
सिलेंडर की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी ओटीपी प्रणाली अनिवार्य बनी रहेगी। इसके तहत बुकिंग के बाद उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशेष कोड भेजा जाता है, जिसे डिलीवरी एजेंट को दिखाना अनिवार्य होता है। ओटीपी सत्यापित न होने की स्थिति में सिलेंडर सुपुर्द नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 'एक परिवार, एक रसोई गैस' का नियम भी सख्ती से लागू है, ताकि एक ही आवासीय पते पर अनधिकृत रूप से कई सब्सिडी वाले गैस कनेक्शन न रखे जा सकें।

















