दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुआतु द्वीप समूह एक बार फिर जोरदार भूकंप के झटकों से दहल गया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के आंकड़ों के अनुसार, इस नए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 मापी गई है। इस तेज कंपन के बाद स्थानीय स्तर पर भूगर्भीय हलचल को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में यह इस इलाके में आया दूसरा बड़ा झटका है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इसके भौगोलिक निर्देशांक दक्षिणी अक्षांश 14.06 डिग्री और पूर्वी देशांतर 165.51 डिग्री दर्ज किए गए हैं। चूंकि इस झटके का केंद्र सतह के काफी करीब था, इसलिए इसके प्रभावों और संभावित नुकसान पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। हालांकि, सामने आई शुरुआती जानकारियों के अनुसार अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के बड़े नुकसान या किसी सुनामी की चेतावनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कुछ ही दिन पहले आया था एक और झटका
वानुआतु के तटीय क्षेत्रों में कुछ ही दिन पहले यानी मंगलवार को भी 6.3 तीव्रता का एक भूकम्प आया था जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई थी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, उस पिछले भूकंप का केंद्र पोर्ट ओलरी गांव से लगभग 200 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के भीतर स्थित था। हालांकि राहत की बात यह रही कि उस समय प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने साफ कर दिया था कि उस झटके से किसी भी प्रकार की सुनामी का कोई खतरा उत्पन्न नहीं हुआ है।
क्यों संवेदनशील है यह पूरा क्षेत्र
समुद्र के बीच बसे इन द्वीपों में इस तरह की भूगर्भीय हलचलें होना भौगोलिक स्थिति के कारण बहुत आम माना जाता है। वानुआतु असल में प्रशांत महासागर के उस भूभाग पर स्थित है जहां टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर हलचल बनी रहती है। इस पूरे इलाके को पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा माना जाता है, जो पूरी दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शुमार किया जाता है। यह संवेदनशील क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर पूरे प्रशांत महासागर के चारों तरफ तक फैला हुआ है, जहां प्लेटों के आपस में टकराने से लगातार ऊर्जा बनती रहती है। यही वजह है कि यहां बार-बार धरती डोलती है, हालांकि किसी भी आपदा का वास्तविक असर झटके की तीव्रता और उसके केंद्र की गहराई पर पूरी तरह निर्भर करता है।



















