देश के टेलीकॉम सेक्टर में शीर्ष स्थान रखने वाली रिलायंस जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। कंपनी इसी महीने प्राथमिक पूंजी बाजार में दस्तक देने की योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत प्रति शेयर मूल्य 1,100 रुपये के करीब रहने का अनुमान है। बाजार विशेषज्ञों और संबंधित घटनाक्रम की समझ रखने वाले जानकारों के मुताबिक, कंपनी 21 अक्टूबर को बोली के लिए अपना निर्गम खोल सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो अक्टूबर के अंत तक कंपनी के शेयर घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्ध भी हो जाएंगे। इस सार्वजनिक निर्गम के लिए कंपनी का कुल मूल्यांकन 10 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक आंका गया है।
30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी जुटाने का खाका
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स इस सार्वजनिक पेशकश से 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की भारी भरकम राशि जुटाने की तैयारी कर रही है। पूंजी जुटाने की इसी कवायद के तहत कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का संभावित मूल्य दायरा तय किया है। वित्तीय अनुमानों के अनुसार, कंपनी इस निर्गम से लगभग 30.2 हजार करोड़ रुपये की राशि जुटा सकती है। इतनी बड़ी राशि के साथ यह निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे विशाल सार्वजनिक प्रस्ताव बनने की राह पर है।
इश्यू का पूरा कार्यक्रम और अहम तारीखें
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ का विस्तृत कार्यक्रम भी लगभग तय माना जा रहा है। योजना के अनुसार, आम निवेशकों के लिए यह निर्गम 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 मई तक बोली लगाने की सुविधा रहेगी। हालांकि, खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए खिड़की खुलने से पहले ही 19 अक्टूबर को बड़े एंकर निवेशकों के लिए आवंटन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बिडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है, जिसके साथ ही इनमें सामान्य ट्रेडिंग की शुरुआत हो जाएगी।
ह्यूंडई के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की तैयारी
भारतीय पूंजी बाजार में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम पेश करने का कीर्तिमान ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी ह्यूंडई के नाम दर्ज था। ह्यूंडई ने अक्टूबर 2024 में 27.80 हजार करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो का यह नया प्रस्ताव 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है, जिससे यह पिछला रिकॉर्ड टूट जाएगा। इस निर्गम के माध्यम से बाजार में कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बनाई गई है। पूर्व में कंपनी का मूल्यांकन 11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था, जो अब संशोधित होकर लगभग 10.30 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है, जबकि जून महीने में इसका मूल्यांकन 115 अरब डॉलर बताया गया था। इतने बड़े निर्गम के सुचारू प्रबंधन के लिए कुल 19 प्रमुख मर्चेंट बैंकों को नियुक्त किया गया है, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बैंक ऑफ अमेरिका, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी परिबास और सिटीग्रुप जैसे दिग्गज वित्तीय संस्थान शामिल हैं।



















