पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव में बीजेपी का कब्जा, शंखरव सरकार ने 75 हजार से अधिक वोटों से दर्ज की जीतएकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में सर्वाधिक मुकाबलों की कमान संभालने वाले 5 दिग्गज अंपायरओटीटी दर्शकों की पहली पसंद बने 10 वेब शो, कॉमेडी से लेकर कारगिल वॉर तक की कहानियों ने जमाया रंगफ्रांसीसी कर्ज संकट और वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचल के बीच यूरोपीय सेंट्रल बैंक की कड़ी शर्तें सामने आईंजंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में कड़ा पहरा, रेल और मेट्रो सेवाएं प्रभावितबीमा नवीनीकरण में छूट के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी, गाजियाबाद में सात लोग दबोचे गएअग्निवीरों के पहले दल का कार्यकाल पूरा होने की तारीख तय, नकद पैकेज और सुरक्षा बलों में पचास फीसदी आरक्षण की तैयारीउत्तराखंड में 48 घंटे खराब रहेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारीसिंह राशि में 31 अक्टूबर को गुरु और केतु की युति, चार राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलावराजधानी में कड़े पहरे और 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कपिल सिब्बल
अग्निवीरों के पहले दल का कार्यकाल पूरा होने की तारीख तय, नकद पैकेज और सुरक्षा बलों में पचास फीसदी आरक्षण की तैयारीभारत
9 अक्तू॰ 2026, 7:04 pm (1 घंटे पहले)· 1

अग्निवीरों के पहले दल का कार्यकाल पूरा होने की तारीख तय, नकद पैकेज और सुरक्षा बलों में पचास फीसदी आरक्षण की तैयारी

भारतीय नौसेना से 21 नवंबर 2026 को अग्निवीरों का शुरुआती बैच चार साल की सेवा पूरी करेगा, जिसके बाद सेवामुक्त होने वाले जवानों को दस लाख रुपये से अधिक का कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज और अर्धसैनिक बलों में पचास प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय रक्षा बलों में भर्ती किए गए युवाओं के पहले समूह का सेवाकाल अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। भारतीय नौसेना से जवानों का पहला दल 21 नवंबर 2026 को अपनी चार साल की अनिवार्य सेवा पूरी करने के बाद नागरिक जीवन में लौटने के लिए तैयार है। जब इस भर्ती मॉडल की शुरुआत हुई थी, तब इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक चर्चाएं देखने को मिली थीं। अब जैसे-जैसे इन जवानों का कार्यकाल समाप्त होने की समयसीमा करीब आ रही है, वैसे-वैसे सशस्त्र बलों से बाहर आने वाले कर्मियों के करियर और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों पर सभी का ध्यान केंद्रित हो गया है।

तय नियमों के मुताबिक, चार वर्षों का कार्यकाल संपन्न होने के बाद लगभग 75 प्रतिशत कर्मियों को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा, जबकि शीर्ष स्तर का प्रदर्शन करने वाले 25 प्रतिशत सैनिकों को नियमित संवर्ग में स्थाई तौर पर शामिल किया जाएगा। इस बीच तीनों रक्षा सेनाएं रिटेंशन की दर को बढ़ाने के विभिन्न विकल्पों पर भी विचार-विमर्श कर रही हैं और इस संदर्भ में एक नया प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष पेश करने की योजना बनाई जा रही है। जो जवान चार साल का कार्यकाल पूरा करके मुख्यधारा में लौटेंगे, उनके वित्तीय स्थायित्व और आजीविका को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कई विशेष प्रबंध तैयार किए गए हैं।

ये भी पढ़ें

वित्तीय सुरक्षा और सेवा निधि पैकेज के प्रावधान

सशस्त्र बलों से चार साल की सेवा पूर्ण करके बाहर आने वाले सैनिकों को आर्थिक सहारा देने के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता की व्यापक रूपरेखा बनाई है। कार्यकाल समाप्त होने पर प्रत्येक सेवामुक्त कर्मी को एकमुश्त लगभग 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। यह पूरी धनराशि कर-मुक्त होगी, जिसका अर्थ है कि इस पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं काटा जाएगा। इस कोष का निर्माण सेवाकाल के दौरान जवान के स्वयं के मासिक अंशदान, सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले समान अनुपात के योगदान तथा उस पर अर्जित ब्याज को जोड़कर किया जाता है।

इसके अलावा, सेवा अवधि के दौरान प्रत्येक जवान को 48 लाख रुपये का व्यापक जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है, जो उनके और उनके आश्रितों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा घेरा बनाता है। सेवा से मुक्त होने वाले सभी कर्मियों को एक विशेष कौशल प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा। यह आधिकारिक दस्तावेज नागरिक जीवन में आने के बाद निजी संस्थानों या सार्वजनिक उपक्रमों में रोजगार पाने और साक्षात्कार के दौरान युवाओं को अतिरिक्त वरीयता दिलाने में मदद करेगा। हालांकि, योजना के तय नियमों के आधार पर इन कर्मियों को पेंशन, ग्रेच्युटी या जीवनभर मिलने वाली स्वास्थ्य और कैंटीन सुविधाओं का अधिकार नहीं दिया जाएगा।

केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्यों में रोजगार के नए अवसर

चार साल देश सेवा में बिताने वाले इन युवाओं को दोबारा रोजगार दिलाने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय सक्रिय कदम उठा रहे हैं। गृह मंत्रालय पूर्व कर्मियों को निजी कॉरपोरेट क्षेत्र और सरकारी महकमों में सुगमता से समायोजित करने के उद्देश्य से एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित कर रहा है। इस मंच के माध्यम से युवाओं को अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर रोजगार के कई नए विकल्प सीधे तौर पर मिल सकेंगे।

सुरक्षा बलों में बहाली के लिए भी एक बड़ा आरक्षण ढांचा तैयार किया गया है। सीएपीएफ यानी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) तथा राइफलमैन के कुल पदों पर पचास प्रतिशत स्थान पूर्व कर्मियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके लिए आधिकारिक तौर पर 'पूर्व-अग्निवीर' नामक एक अलग श्रेणी बनाई गई है। इतना ही नहीं, इन सुरक्षा बलों में भर्ती प्रक्रिया के दौरान पात्र उम्मीदवारों को शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा से पूरी छूट दी जाएगी।

इसके साथ ही विभिन्न राज्य सरकारों ने भी अपने स्तर पर पुलिस और अन्य प्रशासनिक विभागों में इन पूर्व जवानों के लिए विशेष कोटे का प्रावधान किया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसी राज्य सरकारों ने अपने प्रांतीय विभागों और पुलिस बल में दस से बीस प्रतिशत तक सीटें आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भर्ती नियमों में तीन से पांच वर्ष तक की आयु सीमा छूट भी दी गई है, जिससे चार साल बाद लौटने वाले युवा बिना किसी कानूनी रुकावट के राज्य की सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकें।

सवाल-जवाब

अग्निवीरों का पहला बैच कब सेवानिवृत्त होगा?
भारतीय नौसेना से अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करेगा।
चार साल की सेवा के बाद कितने प्रतिशत जवानों को सेना में रखा जाएगा?
लगभग 25 प्रतिशत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जवानों को सेना में स्थाई किया जाएगा, जबकि 75 प्रतिशत जवान सेवामुक्त होंगे।
सेवा पूरी होने पर जवान को कितना वित्तीय पैकेज मिलेगा?
प्रत्येक सेवामुक्त जवान को लगभग 10.04 लाख रुपये का कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
केंद्रीय सुरक्षा बलों में पूर्व कर्मियों के लिए कितना आरक्षण तय किया गया है?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल और राइफलमैन पदों पर 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।
क्या पूर्व कर्मियों को सुरक्षा बलों की भर्ती परीक्षा देनी होगी?
उन्हें शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा से पूरी छूट दी जाएगी।
राज्य सरकारों ने क्या राहत प्रदान की है?
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने 10 से 20 प्रतिशत आरक्षण और 3 से 5 साल की आयु छूट दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·21 मिनट पहले

पहले बैच के जाने पर 75% युवाओं के लिए आगे की नौकरियां सच में कितनी आसान होंगी, यह तो तभी पता चलेगा जब कंपनियां इन्हें सच में रखेंगी।

Nyra Kaif@nyra-kaif·20 मिनट पहले

रविकेश, दस लाख का सेवा निधि पैकेज तो ठीक है, पर 48 लाख के बीमा कवर वाली बात पर सच में सुकून मिला।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

चार साल बाद जो पचहत्तर प्रतिशत जवान वापस लौटेंगे, उनके पास पेंशन और मेडिकल सुविधा तो होगी नहीं। क्या इतने भर से वे समाज में सुरक्षित महसूस कर पाएंगे? नौसेना के इस पहले बैच के बाहर आने पर असली चुनौती तब समझ आएगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 मिनट पहले

करण, आप सही कह रहे हैं। जब मैं पिछले साल संसद कवर कर रहा था, तब एक पूर्व सैनिक से मिले थे जिन्होंने इसी चिंता का जिक्र किया था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp