दूरसंचार क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपनी कारोबारी रणनीति में एक बड़ा बदलाव शुरू किया है। अब तक बुनियादी ढांचे और नेटवर्क निर्माण पर भारी रकम खर्च करने के बाद कंपनी का मानना है कि नेटवर्क तैयार करने पर होने वाला खर्च अब अपने चरम स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में कंपनी अब नए निवेश चक्र के बजाय अपने मौजूदा विशाल ढांचे और बड़े ग्राहक आधार से ज्यादा राजस्व और मुनाफा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस नए चरण में कंपनी का मुख्य जोर एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, होम ब्रॉडबैंड और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर है, जिससे आगामी दिनों में परिचालन खर्च नियंत्रित रहेगा और कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे शुद्ध मुनाफे में तब्दील हो सकेगा।
पूंजीगत खर्च के चरम के बाद अब मुनाफे और नकदी प्रवाह पर ध्यान
व्यावसायिक मामलों की समझ रखने वाले जानकारों के अनुसार, जियो के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी लगाने वाला सबसे खर्चीला दौर अब समाप्त हो चुका है। कंपनी की योजना अब बिना नया पूंजीगत व्यय बढ़ाए अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा परिचालन लाभ यानी ईबीआईटीडीए में जोड़ने की है। कंपनी अब केवल साधारण कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसका लक्ष्य अपने डिजिटल सेवा कारोबार को कई नए क्षेत्रों में फैलाना है। इसके तहत मोबिलिटी, होम सॉल्यूशंस, एंटरप्राइज सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सॉल्यूशंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर तेजी से काम किया जा रहा है। ऑपरेटिंग लागत को अनुकूल बनाकर कंपनी वित्तीय संतुलन को और अधिक मजबूत कर रही है।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में आ सकता है पब्लिक इश्यू
सार्वजनिक निर्गम की समयसीमा को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, कंपनी 21 से 23 अक्टूबर के आसपास अपना आईपीओ बाजार में पेश करने की रूपरेखा बना रही है। इस प्रस्तावित निर्गम के लिए एंकर निवेशकों की एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि शेयर बाजारों में इसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर तक पूरी हो सकती है। कंपनी का अंतरराष्ट्रीय रोड शो पहले ही संपन्न हो चुका है, जहां विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस निर्गम में जबरदस्त रुचि दिखाई है। इन विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में पहले से मौजूद अन्य लिस्टेड कंपनियों की तुलना में जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए ज्यादा वैल्यूएशन पर निवेश करने की इच्छा जताई है।
विशाल ग्राहक आधार और 2जी से अपग्रेड का बड़ा अवसर
कंपनी के मौजूदा प्रदर्शन पर नजर डालें तो 31 मार्च तक जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कुल ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ दर्ज की गई थी, जिसके दम पर यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन चुकी है। आगामी समय में इस उपभोक्ता आधार में और तेज बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। देश में अभी भी लगभग 24 करोड़ 2जी उपभोक्ता मौजूद हैं, जो आने वाले समय में 4जी या 5जी नेटवर्क पर शिफ्ट हो सकते हैं। इस संभावित बदलाव का 60 फीसदी से अधिक हिस्सा जियो के पाले में जाने का अनुमान है, जिससे हर साल करीब ढाई करोड़ नए उपभोक्ता कंपनी से जुड़ सकते हैं। इस माइग्रेशन की मदद से प्रति यूजर औसत आय में 5 से 6 फीसदी तक का इजाफा देखा जा सकता है।
होम ब्रॉडबैंड और फाइबर नेटवर्क का बढ़ता जाल
सिर्फ मोबाइल नेटवर्क ही नहीं, बल्कि घरेलू इंटरनेट बाजार में भी कंपनी ने अपनी जड़ें काफी मजबूत कर ली हैं। कंपनी देश भर में 13 लाख किलोमीटर लंबा फाइबर फुटप्रिंट पहले ही बिछा चुकी है। इस मजबूत फाइबर नेटवर्क की बदौलत कंपनी अब तक 2.7 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने में सफल रही है, जो आने वाले समय में नियमित घरेलू राजस्व का एक अहम स्रोत साबित होगा।

















