सहारनपुर क्षेत्र को विशेष रूप से एक प्रमुख गन्ना बेल्ट के रूप में पहचान प्राप्त है, जहां के मेहनतकश किसान हर साल गन्ने की नई और उन्नत किस्मों की खेती के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, जब मानसून और बरसात का मौसम आता है, तो इन अन्नदाताओं के सामने कई प्रकार की गंभीर चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण कीटनाशक और खाद डालना बेहद कठिन हो जाता है, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इस कठिनाई को दूर करने के लिए गन्ना विभाग ने एक प्रभावी तकनीकी समाधान तैयार किया है, जिसके बारे में अभी बहुत से किसानों को पूरी जानकारी नहीं है।
सहारनपुर मंडल में 36 ड्रोन की विशेष व्यवस्था
किसानों की इस परेशानी का स्थायी और आधुनिक समाधान निकालते हुए गन्ना विभाग द्वारा सहारनपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले तीनों जनपदों यानी मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर की सहकारी गन्ना समितियों में कुल 36 आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। इन ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसान मानसून के इस कठिन समय में घंटों के काम को कुछ ही मिनटों में पूरा कर सकते हैं। इन विशेष ड्रोन की मदद से किसान बरसात के दिनों में गन्ने की फसल पर लगभग 6 बीघा खेत के क्षेत्रफल में केवल 5 मिनट के भीतर ही सभी आवश्यक दवाइयों का छिड़काव आसानी से पूरा कर सकते हैं।
किसानों को नहीं उठाना होगा कोई आर्थिक भार
इस पूरी आधुनिक सुविधा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए गन्ना किसानों को अपनी जेब से किसी भी तरह का कोई खर्च वहन करने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित गन्ना सहकारी समिति द्वारा किसानों को ड्रोन की सुविधा के साथ-साथ आवश्यक दवाइयां भी बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। यदि कोई भी गन्ना किसान अभी तक इन महत्वपूर्ण और आधुनिक सुविधाओं की जानकारी से वंचित है, तो उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपने नजदीकी गन्ना सहकारी समिति से संपर्क करें और विभाग द्वारा चलाई जा रही इस विशेष योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
उप गन्ना आयुक्त ओम प्रकाश सिंह ने दी पूरी जानकारी
इस पूरी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उप गन्ना आयुक्त ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि हमारी जितनी भी सहकारी गन्ना समितियां हैं, जिनमें हमारे तमाम गन्ना किसान भाई सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं, वहां किसानों की हरसंभव सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार की आधुनिक मशीनों का प्रबंध किया गया है। वर्तमान में चूंकि बरसात का मौसम चल रहा है, ऐसे में किसान भाई अक्सर गन्ने की लंबी फसल पर पारंपरिक तरीकों से दवाइयों का छिड़काव करने में असमर्थ हो जाते हैं।
बारिश के बीच भी आसानी से होगा छिड़काव
यदि बरसात के इस मौसम में गन्ने की फसल में किसी पोषक तत्व या खाद की कमी हो जाती है, या फिर कोई बीमारी फैल जाती है और खेतों में भारी जलभराव के कारण पैरों से चलना भी मुश्किल होता है, तो ऐसी विकट परिस्थितियों के लिए ही हमने किसानों के वास्ते विशेष ड्रोन की व्यवस्था की है। पूरे सहारनपुर मंडल में हमने किसानों के सुगम उपयोग के लिए कुल 36 ड्रोन तैनात किए हैं। इन ड्रोन का किसानों को अभूतपूर्व लाभ मिलने जा रहा है। यदि मानसून के सीजन में केवल आधे घंटे के लिए भी बारिश थम जाती है, तो किसान भाई सिर्फ 5 मिनट के समय में 1 एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि छिड़काव के ठीक आधे घंटे बाद दोबारा बारिश शुरू भी हो जाती है, तो हम दवाओं में एक विशेष स्टीकर मिला देते हैं, जिससे दवा का असर पौधे पर लंबे समय तक बना रहता है और बारिश से धुलता नहीं है।



















