आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। छह साल पहले वैवाहिक बंधन में बंधा एक जोड़ा अब इस दुनिया में नहीं है और पीछे छूट गया है उनका इकलौता तीन साल का मासूम बेटा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के भारी दबाव के कारण डोड्डा साई कृष्णा और उनकी पत्नी सिरिशा ने यह खौफनाक कदम उठाया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से ठीक पहले, डोड्डा साई कृष्णा ने अपने कुछ रिश्तेदारों को एक संदेश भेजा था जिसमें केवल सावधान रहने की बात कही गई थी। इसके तुरंत बाद, चिंचिनाडा पुल पर उनका तीन साल का बच्चा अकेला रोता हुआ पाया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
यह पूरा मामला येलामंचिली मंडल के चिंचिनाडा क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, यह दंपती पिछले काफी समय से गहरी आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहा था। डोड्डा साई कृष्णा पहले हैदराबाद में बतौर ड्राइवर काम किया करते थे। लगभग दो महीने पहले ही वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ भीमावरम में अपने रिश्तेदारों के यहां रहने के लिए आए थे। ऐसा बताया जा रहा है कि इस घटना से ठीक पहले दोनों ने अपने पड़ोसियों से पाँच सौ रुपए उधार लिए थे और यह कहकर निकले थे कि वे पलकोल्लू जा रहे हैं। इसके बाद, रात के समय दोनों चिंचिनाडा पुल पर पहुँचे और पुलिस को इस त्रासदी की जानकारी तब मिली जब स्थानीय लोगों को वहाँ एक लावारिस बच्चा मिला।
पुल पर मासूम को अकेला छोड़ नदी में उतरे माता-पिता
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जोड़े ने अपने तीन साल के छोटे बेटे को पुल पर ही छोड़ दिया और नदी की तरफ चले गए। कुछ ही देर में जब बच्चा अकेला पड़ गया तो वह जोर-जोर से रोने लगा। आसपास के लोगों ने फौरन बच्चे को संभाला और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मामले की गहनता से जाँच शुरू कर दी। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है और इसके साथ ही दंपती के मोबाइल फोन तथा उनके आखिरी संदेशों की तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस बीच, घटना से सामने आए कथित वॉइस संदेश ने इस पूरी जाँच को एक नया मोड़ दे दिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि डोड्डा साई कृष्णा को किसी व्यक्ति ने पैसे उपलब्ध कराने के वादे के एवज में अपनी सोने की अंगूठी दी थी। आरोप है कि बाद में वे उस वादे के मुताबिक पैसे का इंतजाम नहीं कर पाए, जिसके चलते वह अंगूठी वापस करने का दबाव लगातार झेल रहे थे। सामने आए कथित ऑडियो में इसी विशेष परेशानी का जिक्र होने की बात कही जा रही है।
सोने की अंगूठी को लेकर बढ़ा दबाव और धमकियाँ
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दंपती ने कथित तौर पर यह भी बताया था कि उस सोने की अंगूठी को लौटाने के लिए उन पर भारी दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें यहाँ तक धमकी दी गई थी कि लोग उनके घर आकर उनके साथ मारपीट करेंगे। परिवार पहले से ही गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा था और उनके लिए किसी भी तरह का कर्ज चुका पाना असंभव होता जा रहा था। यह भी सामने आया है कि दंपती ने अपने माता-पिता से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उनके पास भी पैसे नहीं थे। कथित वॉइस संदेश में इस बात का भी जिक्र बताया जा रहा है कि इस मामले में उनके माता-पिता की कोई संलिप्तता नहीं है। हालांकि, इन तमाम दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि केवल पुलिस जाँच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि इस जोड़े को किस स्तर के आर्थिक और सामाजिक दबावों का सामना करना पड़ रहा था और इस खौफनाक कदम से ठीक पहले उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था।
डोड्डा साई कृष्णा और सिरिशा की शादी लगभग छह साल पहले हुई थी और उनका एक छोटा बेटा है। परिवार के लिए यह हादसा किसी वज्रपात से कम नहीं है। एक तरफ माता-पिता की अचानक हुई मौत का दुख है, तो दूसरी तरफ उस मासूम बच्चे के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंता गहरी हो गई है। इस हृदयविदारक घटना से स्थानीय लोग भी बेहद सदमे में हैं और हर कोई इस परिवार की स्थिति पर अपनी संवेदना व्यक्त कर रहा है।
पुलिस जाँच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जाँच कर रही है। कथित वॉइस संदेश, मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों के बयानों को इस जाँच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है। गंभीर आर्थिक तंगी और सोने की अंगूठी को लेकर बना कथित दबाव इस घटना की सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं। बहरहाल, पुलिस की विस्तृत जाँच पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि इस जोड़े को किन अवांछित परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। इस सबके बीच सबसे बड़ा और गंभीर सवाल उस तीन साल के मासूम बच्चे के भविष्य को लेकर है, जिसने अचानक अपने दोनों माता-पिता को खो दिया है।



















