टाटा समूह में नेतृत्व बदलाव की एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रेंट लिमिटेड को बीते करीब तीन दशक से संभाल रहे नोएल टाटा अब इस कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ने जा रहे हैं। इसकी वजह कोई कारोबारी विवाद या फैसला नहीं, बल्कि खुद टाटा समूह का बनाया एक सख्त नियम है, जो उम्र की सीमा तय करता है।
दरअसल, टाटा समूह सिर्फ एक कारोबारी घराने के तौर पर नहीं, बल्कि कारोबार में ऊंचे मानक और आदर्श तय करने वाले समूह के रूप में भी पहचाना जाता है। समूह ने एक तय व्यवस्था बना रखी है, जिसके मुताबिक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को 65 साल की उम्र में और नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को 70 साल की उम्र में रिटायर होना पड़ता है। नोएल टाटा अभी 69 साल के हैं और इस नवंबर में 70 साल के हो जाएंगे। इसी नियम की वजह से अगले साल उन्हें ट्रेंट लिमिटेड की कुर्सी छोड़नी होगी।
एजीएम में खुद किया ऐलान
नोएल टाटा ने 23 जून को कंपनी की 47वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में ही इसका खुलासा कर दिया। उन्होंने शेयरहोल्डर्स से दो टूक कहा कि बतौर चेयरमैन यह उनका आखिरी संबोधन है। उनकी अगुवाई में कंपनी ने जो रफ्तार पकड़ी, उसका अंदाजा इसी से लगता है कि आज ट्रेंट का रेवेन्यू बढ़कर 19,701 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मां ने रखी थी कंपनी की नींव
नोएल टाटा का ट्रेंट से रिश्ता काफी पुराना है। उन्होंने साल 1998 में बतौर डायरेक्टर ट्रेंट के बोर्ड में कदम रखा था। इस कंपनी को उनकी मां सिमोन टाटा ने लैक्मे के विनिवेश के बाद खड़ा किया था। इसके अगले ही साल, यानी 1999 में नोएल ने ट्रेंट के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कंपनी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली।
एक स्टोर से 1,200 स्टोर तक का सफर
ट्रेंट की कहानी की शुरुआत वेस्टसाइड के सिर्फ एक स्टोर से हुई थी। आज यह 1,200 स्टोर के विशाल नेटवर्क में बदल चुकी है। नोएल टाटा ने इस सफर को विकासवाद का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों में कंपनी ने लगातार अपने पोर्टफोलियो को मजबूत किया है और जूडियो व स्टार जैसे ब्रांड के दम पर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। उनका कहना था कि अब तक के कारोबार को देखें तो साफ है कि ट्रेंट का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन आना अभी बाकी है, और मौके सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में हैं।
10 गुना बढ़ने का लक्ष्य
साल 2023 की शेयरधारकों की बैठक में नोएल टाटा ने ट्रेंट को 10 गुना बड़ा बनाने का लक्ष्य रखा था। उस समय से अब तक कंपनी रेवेन्यू और प्रॉफिट के मामले में ढाई गुना (2.5 गुना) तक बढ़ चुकी है। नोएल ने भरोसा जताया कि कंपनी इस माइलस्टोन तक जरूर पहुंचेगी, लेकिन यह आगे का सफर अब उनके बिना ही तय होगा। उनकी अगुवाई में ट्रेंट का रिटेल कारोबार खूब फला-फूला और आज इसके स्टोर देशभर में खुल चुके हैं।













