परसा बाजार में प्रेम प्रसंग विवाद के बीच युवती पर जानलेवा हमला, मुर्गा काटने वाले चाकू से रेता गलाबिटगेट से चुराए 5 करोड़ डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग पर नियर इंटेंट्स ने लगाई रोकदुर्गा पूजा प्रीव्यू शो में वित्तीय गड़बड़ी की जांच, कोलकाता में 15 ठिकानों पर तलाशीएशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन जीते 8 पदक, विथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का चार दशक पुराना रिकॉर्डअमेरिकी चिंताओं और साझा दखल की चर्चा के बीच संभला जापानी येन, 157.50 के करीब अटका डॉलरगूगल जेमिनी में जेम्स का दौर खत्म, नए स्किल्स फॉर्मेट में बदले जाएंगे कस्टमाइज़्ड एआई बॉट्सआरबीएनजेड की ब्याज दरों पर सट्टा बढ़ने के बावजूद 0.5650 के निचले स्तर के करीब संभला न्यूजीलैंड डॉलरचीन को अमेरिकी हथियार बेचने की चर्चा पर डोनाल्ड ट्रंप का इनकार, राजदूत डेविड पर्ड्यू के बयान से वॉशिंगटन में हलचलसोलाना में हल्की गिरावट के बीच संस्थागत निवेशकों का भरोसा मजबूत, ईटीएफ में 18.82 करोड़ डॉलर का नया निवेशचीन के केंद्रीय बैंक ने युआन का दैनिक संदर्भ रेट बढ़ाकर 6.7411 तय किया, मुद्रा बाजारों में हलचल
भारतीय दवाओं को वॉशिंगटन से बड़ी राहत, बीस मुल्कों के चुनिंदा मेडिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क शून्यव्यापार
29 सित॰ 2026, 9:30 am (16 मिनट पहले)· 0

भारतीय दवाओं को वॉशिंगटन से बड़ी राहत, बीस मुल्कों के चुनिंदा मेडिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क शून्य

अमेरिका ने दुर्लभ बीमारियों और जटिल उपचारों में काम आने वाली दवाओं पर मूल्य आधारित शुल्क माफ कर दिया है, जिससे भारत सहित 20 मुल्कों के दवा निर्यातकों को सीधा सहारा मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय दवा बाजार में एक अहम व्यापारिक बदलाव करते हुए वॉशिंगटन प्रशासन ने भारत समेत बीस मुल्कों से आने वाली विशेष श्रेणी की दवाओं तथा उनके निर्माण में काम आने वाले आवश्यक घटकों को मूल्य आधारित प्रतिशत आयात शुल्क से मुक्त कर दिया है। यह कदम तब सामने आया है जब अमेरिकी प्रशासन कुछ खास पेटेंटयुक्त दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री पर सौ प्रतिशत तक भारी प्रशुल्क थोपने का पूरा खाका तैयार कर चुका है।

फेडरल रजिस्टर में बीस व्यापारिक साझेदारों की सूची प्रकाशित

अमेरिकी वाणिज्य विभाग की तरफ से आधिकारिक फेडरल रजिस्टर में जारी नए ब्योरे के मुताबिक शून्य प्रतिशत आयात शुल्क व्यवस्था का लाभ उन चुनिंदा मुल्कों को दिया गया है जो अमेरिका के साथ रणनीतिक व व्यापारिक समझ रखते हैं। इस रियायती सूची में भारत के अतिरिक्त अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम सहित कुल 20 देश दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन द्वारा 29 सितंबर से कुछ विशिष्ट पेटेंट दवाओं व उनसे जुड़े घटकों पर 100% आयात कर प्रभावी करने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी, जिसके ठीक पहले इस तरह की छूट आना निर्यातकों के लिए अत्यंत सुकूनदेह माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें

शून्य सीमा शुल्क के दायरे में आने वाले प्रमुख उत्पाद

अमेरिकी दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्लभ बीमारियों अथवा रेयर डिजीज के निदान में प्रयुक्त हर दवा, बांझपन से जुड़े उपचार की दवाएं, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी और एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADCs) को सीधे शून्य शुल्क की सूची में रखा गया है। यह व्यवस्था सिर्फ तैयार दवाइयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके फॉर्मूलेशन में लगने वाले सक्रिय अवयवों पर भी यही 0% प्रशुल्क लागू होगा। इसके साथ ही मवेशियों व पालतू जानवरों के उपचार में काम आने वाली चुनिंदा पशु चिकित्सा दवाओं को भी इस राहत में सम्मिलित किया गया है, जिसका सीधा अर्थ है कि इन खास दवाओं को अमेरिकी बंदरगाहों पर भेजने वाले सप्लायर्स पर किसी नए वित्तीय दंड या प्रशुल्क की मार नहीं पड़ेगी।

घरेलू दवा उद्योग और धारा 232 के प्रभाव

दुनिया भर में किफायती जेनेरिक दवाओं के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में शुमार भारत के लिए अमेरिकी बाजार हमेशा से प्राथमिक व्यावसायिक केंद्र रहा है। इस संबंध में अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने साफ किया है कि आम जेनेरिक दवाओं और उनकी आधारभूत सामग्रियों पर धारा 232 के तहत प्रस्तावित नए फार्मा टैरिफ का असर नहीं होगा। यह राहत खास तौर पर उन मुल्कों से आने वाले माल को सुरक्षित करती है जिनके साथ अमेरिका के वर्तमान या प्रस्तावित व्यापार एवं सुरक्षा समझौते सक्रिय हैं। दरअसल यह पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया 2 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित उस उद्घोषणा की कड़ी है, जिसका प्राथमिक मकसद पेटेंट वाली दवाओं तथा उससे जुड़ी जरूरी सामग्रियों के घरेलू विनिर्माण को रफ्तार देना था।

सवाल-जवाब

अमेरिका ने किन देशों की दवाओं को जीरो टैरिफ की सुविधा दी है?
अमेरिका ने भारत, बांग्लादेश, अर्जेंटीना, कंबोडिया, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम समेत 20 देशों को यह छूट दी है।
किन विशेष श्रेणियों की दवाओं पर 0% आयात शुल्क लागू होगा?
दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, बांझपन के इलाज की दवाएं, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स और उनके आवश्यक घटकों समेत चुनिंदा पशु चिकित्सा दवाओं पर 0% शुल्क लगेगा।
क्या सामान्य जेनेरिक दवाओं पर 100% अमेरिकी टैरिफ लगेगा?
अमेरिकी वाणिज्य विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार आम जेनेरिक दवाओं और उनके जरूरी अवयवों पर धारा 232 के तहत यह टैरिफ लागू नहीं होगा।
अमेरिका में 100% फार्मास्युटिकल टैरिफ किस तारीख से लागू होना था?
अमेरिका ने कुछ पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल दवाओं और उनसे जुड़ी सामग्रियों पर 29 सितंबर से 100% टैरिफ लागू करने की तैयारी की थी।
इस टैरिफ नीति का मुख्य उद्देश्य क्या बताया गया है?
यह कदम 2 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी घोषणा के तहत पेटेंट वाली दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री के अमेरिकी घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए उठाया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp