कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान आयोजित किए जाने वाले विशेष आयोजनों में आर्थिक अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया है। जांच एजेंसी की टीमों ने मंगलवार को शहर के लगभग 15 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। यह पूरा मामला महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी की गतिविधियों और उसके जरिए जुटाए गए पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ बताया गया है।
प्रीव्यू शो और यूनेस्को के नाम पर धन जुटाने का आरोप
जांच एजेंसी के सामने आई प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, मास आर्ट सोसाइटी पर आरोप लगाया गया है कि उसने खुद को यूनेस्को द्वारा प्रायोजित संस्था के रूप में प्रस्तुत किया। इसी कथित मान्यता का हवाला देकर आम लोगों से भारी मात्रा में धनराशि एकत्र की गई थी। अधिकारियों को संदेह है कि दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले 'प्रीव्यू शो' और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के नाम पर जुटाए गए इस धन का उपयोग उसके तय उद्देश्यों के बजाय निजी फायदे के लिए किया गया। इसी कारण धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी और जब्ती की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
टीएमसी के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई
इस जांच का दायरा तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबी सहयोगियों से संबंधित परिसरों तक भी विस्तृत हो गया है। जांच दल इन स्थानों पर पहुंचकर बैंकिंग लेन-देन, वित्तीय रिकॉर्ड, बही-खाते और अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अभियान के दौरान सामने आने वाली किसी भी तरह की संदिग्ध वित्तीय जानकारी या डिजिटल साक्ष्यों को विश्लेषण के लिए जब्त किया जा रहा है ताकि वित्तीय प्रवाह की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
धन के प्रवाह और वास्तविक उपयोग की पड़ताल
अधिकारी मुख्य रूप से इस बात की तहकीकात करने में जुटे हैं कि लोगों से जमा कराए गए पैसे को किस प्रकार और कहां स्थानांतरित किया गया। जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन व्यक्तियों तथा संस्थाओं की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी रही है। धन के मूल स्रोत, बैंक खातों के बीच इसके अंतरण और अंतिम लाभार्थी से जुड़े सभी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।
कोलकाता की भव्य दुर्गा पूजा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, ऐसे में इस आयोजन के मंचों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर माने जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह तलाशी अभियान अभी चल रहा है और बरामद सामग्री के पूर्ण विश्लेषण के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगामी कानूनी कदम तय किए जाएंगे।











