गूगल अपने जेमिनी प्लेटफॉर्म के एक प्रमुख कस्टमाइज़ेशन फीचर 'जेम्स' को पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है। विशेष कार्यों के लिए अलग-अलग कस्टमाइज़्ड असिस्टेंट तैयार करने की सुविधा देने वाले इस फीचर की जगह अब कंपनी 'स्किल्स' नाम का नया सिस्टम लागू करने जा रही है। उपयोगकर्ताओं द्वारा बनाए गए पुराने कस्टमाइज़्ड बॉट्स मिटाए नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें स्वचालित रूप से नए कौशल प्रारूप में स्थानांतरित कर दिया जाएगा ताकि उन्हें विभिन्न कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यों में सीधे काम में लाया जा सके।
17 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा बदलाव
इस बड़े फेरबदल की विस्तृत जानकारी जेमिनी ऐप के भीतर प्रदर्शित एक आधिकारिक सूचना के माध्यम से सामने आई है। इस संदेश में स्पष्ट किया गया है कि 17 नवंबर 2026 से जेम्स का अस्तित्व समाप्त होकर वे पूरी तरह स्किल्स में बदल जाएंगे। कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह माइग्रेशन पूरी तरह स्वचालित रहेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने डेटा या प्रॉम्ट्स को बचाने के लिए अलग से कोई तकनीकी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी। निर्धारित तारीख तक उपयोगकर्ता अपने वर्तमान जेम्स को पहले की तरह बेरोकटोक इस्तेमाल कर सकते हैं।
2024 में हुई थी जेम्स की शुरुआत
गूगल ने वर्ष 2024 में जेम्स को पहली बार पेश किया था। इसका मुख्य उद्देश्य यूज़र्स को बार-बार निर्देश दोहराए बिना अपनी पसंद के अनुसार विशेष सहायक तैयार करने की सहूलियत देना था। इस सिस्टम में गूगल ने कुछ पहले से बने डिफॉल्ट सहायक भी शामिल किए थे, जिनमें लर्निंग कोच, ब्रेनस्टॉर्मिंग पार्टनर, करियर गाइड, कोडिंग असिस्टेंट और एडिटर प्रमुख थे। इसके साथ ही यूज़र्स को अपने स्तर पर रनिंग कोच, न्यूट्रिशनिस्ट या वेकेशन प्लानर जैसे निजी बॉट्स बनाने की पूरी आजादी दी गई थी। इन तैयार सहायकों को अन्य लोगों के साथ साझा करने की सुविधा भी दी गई थी, जिससे कंपनी को ऐप की लोकप्रियता में बड़े उछाल की उम्मीद थी।
गूगल की रिब्रांडिंग रणनीति और तकनीकी चुनौतियां
उद्योग जगत में मेटा के म्यूज़ और इंस्टिंक्ट जैसे ऑल-इन-वन एजेंट्स के बढ़ते प्रभाव के बीच गूगल का यह कदम सामने आया है। विश्लेषकों का मानना है कि नए फीचर्स को जल्दबाजी में अलग नाम, आइकन और ऐप नेविगेशन में अलग स्थान देना और फिर कुछ ही समय बाद उन्हें दूसरे फीचर्स में विलीन कर देना गूगल की पुरानी रणनीति का हिस्सा रहा है। एआई युग से काफी पहले भी कंपनी एक साथ कई अलग-अलग मैसेजिंग और कम्युनिकेशन ऐप्स चलाकर बाद में उन्हें बंद या मर्ज करती रही है।
फॉरवर्ड स्लैश कमांड से एक्टिवेट होंगे नए स्किल्स
नए स्किल्स फॉर्मेट का यूजर इंटरफेस आम यूज़र्स के लिए बहुत सीधा और सहज नहीं दिखता। किसी चैट थ्रेड में सीधे टेक्स्ट टाइप करने के बजाय, यूज़र्स को वांछित स्किल चुनने के लिए फॉरवर्ड स्लैश यानी '/' दर्ज करना होगा। यह स्लैश-कमांड आधारित इंटरफेस तकनीकी डेवलपर्स और इंजीनियरों के बीच तो काफी लोकप्रिय है, लेकिन सामान्य स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के लिए यह पहले वाले जेम्स बटन की तुलना में थोड़ा जटिल साबित हो सकता है।



















