नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी (CUET) यूजी 2026 के नतीजे आने के बाद अब देश भर के छात्र विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं। इस दौड़ में मध्य भारत का सबसे पुराना संस्थान, डॉक्टर हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, छात्रों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय बना हुआ है। देश की 49 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की सूची में शामिल इस संस्थान की अपनी अलग पहचान है। यहां हर साल भारत के लगभग 20 से 25 राज्यों से युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।
प्राकृतिक सुंदरता और विशाल परिसर
सागर स्थित यह विश्वविद्यालय अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इसका कैंपस 2000 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। यह संस्थान 6 करोड़ साल पुरानी हरी-भरी पहाड़ियों और वादियों के बीच स्थित है, जो इसे देश के सबसे सुंदर परिसरों में से एक बनाता है। यहाँ से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सफलता का परचम लहरा रहे हैं।
प्रमुख शैक्षणिक विभाग और पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय के मीडिया अधिकारी डॉक्टर विवेक जायसवाल के अनुसार, यह सेंट्रल यूनिवर्सिटी होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश का सबसे प्राचीन शिक्षण संस्थान भी है। यहाँ ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचडी और डिप्लोमा स्तर के अनेक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। विश्वविद्यालय में साइंस, सोशल साइंस और ह्यूमैनिटीज के कई भाषा विषयों के साथ-साथ बीए, बीएससी और बीसीए जैसे कोर्स उपलब्ध हैं।
आधुनिक शिक्षा और बेहतर करियर विकल्प
बदलते समय की मांग को देखते हुए संस्थान ने होटल मैनेजमेंट और एमबीए की विभिन्न शाखाओं जैसे नए स्किल-आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इसके अलावा, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के माध्यम से पांच वर्षों से तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है। फार्मेसी, क्रिमिनोलॉजी, लॉ, अप्लाइड जूलॉजी और बॉटनी जैसे विभाग देश के शीर्ष विभागों में गिने जाते हैं। कैंपस में छात्रों के लिए लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग हॉस्टल, आधुनिक प्रयोगशालाएं और लगातार विस्तारित हो रहे नए शैक्षणिक भवन उपलब्ध हैं। अपनी उन्नत शिक्षा प्रणाली और बेहतर प्लेसमेंट के कारण यह विश्वविद्यालय छात्रों के करियर को एक नई दिशा देने में सक्षम है।













