एक सरकारी सीट, 36 दावेदार: यही है असली जंग
री-नीट यूजी 2026 परीक्षा का दिन आ गया है। देश के 22,79,743 रजिस्टर्ड उम्मीदवार आज पेन-पेपर मोड में ओएमआर शीट पर यह परीक्षा दे रहे हैं। हर एक का सपना डॉक्टर बनने का है, लेकिन रास्ता बेहद कड़ा है, खासकर उन लोगों के लिए जो सरकारी कॉलेज में दाखिला चाहते हैं।
देश के 450 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 63,160 एमबीबीएस सीटें हैं। इन सीटों के मुकाबले रजिस्टर्ड उम्मीदवारों की संख्या देखें तो हर एक सरकारी सीट के लिए औसतन 36 अभ्यर्थी मुकाबले में खड़े हैं। यह आंकड़ा बताता है कि किफायती फीस वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाना कितनी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
सरकारी और प्राइवेट सीटों का पूरा गणित
जिन अभ्यर्थियों को सरकारी सीट नहीं मिलती, उनके लिए 373 प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी का रास्ता खुला है जहां 66,443 सीटें उपलब्ध हैं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर देश के 824 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,29,603 एमबीबीएस सीटें हैं। सभी सीटों के हिसाब से देखें तो प्रति सीट औसतन 18 छात्रों का मुकाबला बनता है। हालांकि, सरकारी सीट की प्रतिस्पर्धा इससे दोगुनी है क्योंकि वहां की फीस प्राइवेट कॉलेज की तुलना में बहुत कम होती है।
58 फीसदी लड़कियां: मेडिकल क्षेत्र में बेटियों की धमाकेदार दावेदारी
इस साल के रजिस्ट्रेशन आंकड़ों में एक रोचक रुझान सामने आया है। कुल 22,79,743 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 13,32,928 लड़कियां हैं, जो कुल का 58 फीसदी हिस्सा है। लड़कों की तादाद 9,46,815 यानी 42 फीसदी है। यह साफ दिखाता है कि चिकित्सा क्षेत्र में लड़कियों की रुचि और भागीदारी तेज़ी से बढ़ रही है। इससे पहले हुई नीट यूजी परीक्षा में भी उपस्थिति का रिकॉर्ड शानदार रहा था, जब 96.72 प्रतिशत यानी करीब 22,05,035 अभ्यर्थी परीक्षा हॉल तक पहुंचे थे।
देश-विदेश के 565 शहरों में 6,669 केंद्र
यह परीक्षा सिर्फ भारत की सरहदों तक नहीं रुकी। देश के 551 शहरों के साथ-साथ विदेशों के 14 शहरों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल मिलाकर 565 शहरों के 6,669 परीक्षा केंद्रों पर आज लाखों युवा अपना भविष्य संवारने की कोशिश कर रहे हैं। इस पैमाने पर परीक्षा आयोजित करना अपने आप में एक विशाल प्रशासनिक काम है।
परीक्षा से एक दिन पहले हुई बड़ी मॉक ड्रिल
नेशनल परीक्षा एजेंसी (NTA) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने शनिवार को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले देशभर के सभी केंद्रों पर व्यापक मॉक ड्रिल की। इस अभ्यास में सुरक्षा की हर कड़ी को कसौटी पर परखा गया। हर केंद्र पर दो स्तरों की तलाशी यानी डबल लेयर फ्रिस्किंग की व्यवस्था है। सीसीटीवी कैमरे चप्पे-चप्पे पर लाइव निगरानी कर रहे हैं और इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल डिवाइस को रोकने के लिए हाई-पावर जैमर लगाए गए हैं।
सशस्त्र बल और उड़नदस्तों की चौकस नज़र
ऑफलाइन मोड में आयोजित इस पेन-पेपर परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। Flying Squads यानी उड़नदस्तों की टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करती रहेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई होगी। 6,669 केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों को नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।













