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कोटा के ये सरकारी स्कूल बदल रहे हैं तस्वीर, कमजोर तबके के बच्चों को भी मिल रही दमदार पढ़ाईकरियर
25 जून 2026, 6:48 am (126 दिन पहले)· 3

कोटा के ये सरकारी स्कूल बदल रहे हैं तस्वीर, कमजोर तबके के बच्चों को भी मिल रही दमदार पढ़ाई

कोटा के कई सरकारी विद्यालय आज निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं, जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों से लेकर बालिकाओं तक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।

राजस्थान के कोटा को भले ही कोचिंग नगरी के नाम से जाना जाता हो, लेकिन यहां के कुछ सरकारी स्कूल अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ये विद्यालय गरीब परिवारों के बच्चों से लेकर बालिकाओं तक, हर तबके को बेहतर शिक्षा देने में पीछे नहीं हैं। यहां पढ़ाई के साथ अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर भी बराबर जोर दिया जाता है, और छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार की हर शैक्षणिक सुविधा और कल्याणकारी योजना का पूरा फायदा मिलता है।

छावनी का "जेल वाला स्कूल"

छावनी क्षेत्र में बसा यह विद्यालय स्थानीय लोगों के बीच "जेल वाला स्कूल" के नाम से मशहूर है। यहां कक्षा 8वीं तक के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक उनके शैक्षणिक के साथ-साथ निजी विकास पर भी लगातार खास नजर रखते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी यहां बिल्कुल घर जैसे माहौल में पढ़ाया जाता है। साथ ही इन विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली तमाम शैक्षणिक सुविधाओं और योजनाओं का पूरा लाभ भी पहुंचाया जाता है।

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बारां रोड का प्रमुख विद्यालय

बारां रोड पर स्थित एक और स्कूल इलाके के अहम सरकारी विद्यालयों में गिना जाता है। यहां बजरंग नगर समेत आसपास के कई क्षेत्रों के बच्चे पढ़ने आते हैं। इस स्कूल में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के साथ राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं और सुविधाओं का पूरा फायदा दिया जाता है। बच्चों का भविष्य संवारने के लिए यहां शिक्षा के अलावा अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण पर भी खास ध्यान दिया जाता है।

आदर्श विद्यालय की पहचान

एक विद्यालय ने तो आदर्श स्कूल के रूप में अपनी अलग ही छाप छोड़ी है। यहां बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाती है। समय-समय पर सेमिनार, जागरूकता कार्यक्रम और तरह-तरह की गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ जीवन में काम आने वाली जानकारी भी मिलती है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को भी राज्य सरकार की सभी जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलता है।

अंग्रेजी माध्यम का सबसे बड़ा स्कूल

कोटा के सबसे बड़े सरकारी विद्यालयों में शुमार यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए खास तौर पर जाना जाता है। यहां से पढ़ाई करके कई छात्र प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति और दूसरे अहम क्षेत्रों में ऊंचे पदों तक पहुंचे हैं। आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन पढ़ाई के साथ यहां विद्यार्थियों को राज्य सरकार की हर शैक्षणिक योजना का पूरा फायदा भी मिलता है, जो उनके सर्वांगीण विकास और पढ़ाई को मजबूत सहारा देता है।

बालिकाओं की शिक्षा का गढ़, महारानी स्कूल

बेटियों की पढ़ाई के लिहाज से कोटा का महारानी स्कूल एक प्रतिष्ठित संस्थान माना जाता है। यहां छात्राओं को कक्षा 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ-साथ यहां सांस्कृतिक, खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से होती रहती हैं। छात्राओं के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें भी राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सभी शैक्षणिक सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

सवाल-जवाब

कोटा का "जेल वाला स्कूल" किस लिए जाना जाता है?
छावनी क्षेत्र का यह स्कूल कक्षा 8वीं तक पढ़ाता है और कमजोर परिवारों के बच्चों को पारिवारिक माहौल में शिक्षा देने के लिए मशहूर है।
बारां रोड स्थित स्कूल में किन इलाकों के बच्चे पढ़ते हैं?
यहां बजरंग नगर समेत आसपास के कई क्षेत्रों के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं।
महारानी स्कूल किसके लिए खास है?
यह कोटा में बालिकाओं की शिक्षा का प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां छात्राओं को कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई दी जाती है।
अंग्रेजी माध्यम वाले सबसे बड़े स्कूल की क्या उपलब्धि है?
यहां से पढ़े कई छात्र प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति और दूसरे अहम क्षेत्रों में ऊंचे पदों तक पहुंचे हैं।
इन स्कूलों में बच्चों को क्या सुविधाएं मिलती हैं?
इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राज्य सरकार की सभी शैक्षणिक सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलता है।
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