सुरक्षा का देशव्यापी चक्र और एआई आधारित निगरानी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए देश-विदेश में सुरक्षा का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों को मिलाकर कुल 5,440 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस बार अंग्रेजी के अलावा 12 भारतीय भाषाओं में 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा के दौरान किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए व्यापक तकनीकी निगरानी की जा रही है। 95,000 से अधिक कमरों में कुल 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर एआई (AI) आधारित विश्लेषण के जरिए की जा रही है। इसके अलावा केंद्रों पर 51,311 जैमर्स, हर कमरे में 2 इनविजिलेटर, 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और फेस ऑथेंटिकेशन के लिए 48,448 बायोमेट्रिक स्टाफ की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए करीब 6,700 ऑब्जर्वर्स के साथ ही स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों के औसतन 40 से 50 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं।
समय की पाबंदी और परीक्षा हॉल के विशेष नियम
नीट यूजी 2026 की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में केवल सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए जैमर्स को परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पहले यानी दोपहर 1:45 बजे चालू कर दिया जाएगा ताकि बायोमेट्रिक सत्यापन में कोई रुकावट न आए।
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस बार विशेष नियम लागू किए गए हैं। NTA ने परीक्षा केंद्रों के सभी कमरों के लिए विशेष रूप से दीवार घड़ियां भेजी हैं। परीक्षार्थियों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर्स और अन्य स्टाफ के भी परीक्षा केंद्र में हाथ की घड़ी पहनने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। केंद्र के भीतर मौजूद सभी लोग समय देखने के लिए केवल NTA की ओर से दी गई दीवार घड़ी का ही उपयोग करेंगे। साथ ही, स्टाफ और वीक्षकों को परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन ले जाने की भी अनुमति नहीं है।
राज्यों में प्रशासनिक मुस्तैदी और स्थानीय स्तर पर की गई मदद
नीट परीक्षा को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। महाराष्ट्र के नागपुर में 30 केंद्रों पर 12,512 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए नागपुर महानगरपालिका ने एक अनोखी पहल की है। उम्मीदवारों को परीक्षा प्रवेश पत्र दिखाने पर ‘आपली बस’ सेवा में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है और इसके लिए विशेष रूप से एसी बसों का संचालन किया गया है। वहीं अहिल्यानगर में उपजिलाधिकारी दादासाहेब गीते को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जहां 12 परीक्षा केंद्रों पर 5,385 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। यहां स्थानीय पुलिस के साथ CRPF का कड़ा बंदोबस्त किया गया है। लातूर जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या 34 से घटाकर 24 कर दी गई है, जहां करीब 14 हजार उम्मीदवार भारी सुरक्षा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और स्टेट ऑब्जर्वर्स की निगरानी में परीक्षा दे रहे हैं। खुद जिले के जिलाधिकारी ने केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया है।
चंडीगढ़ में 7 केंद्रों पर लगभग 3,800 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। डीसी निशांत कुमार यादव के अनुसार, 300 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय थाना प्रभारी और एरिया डीएसपी सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। गोपनीय परीक्षा सामग्री को बैंकों से केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी CRPF और चंडीगढ़ पुलिस के कड़े पहरे में की गई है।
हरियाणा के भिवानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त किया गया है। डीएसपी अनूप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने होटलों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। जिले के 7 परीक्षा केंद्रों पर 3,842 परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर 20 पुलिसकर्मियों और CRPF के जवानों की तैनाती की गई है, जिसकी निगरानी 5 डीएसपी कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान गड़बड़ी रोकने के लिए जिले के सभी कोचिंग संस्थानों और फोटोकॉपी की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। कुरुक्षेत्र में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। यहां 5 केंद्रों पर 1,980 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। शाहाबाद के एसडीएम शंभू राठी को इसके लिए नोडल ऑफिसर बनाया गया है। डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में केंद्रों के बाहर यातायात और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। उपायुक्त हेमराज बैरबा के मुताबिक, जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर स्थानीय पुलिस और ITBP के जवान तैनात हैं। यहां प्रश्नपत्रों और OMR शीट के सुरक्षित परिवहन पर नजर रखने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिव्यांग (PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे उनकी परीक्षा शाम 6:20 बजे समाप्त होगी।
बिहार के मुजफ्फरपुर और पूर्णिया जिलों में भी प्रशासन पूरी तरह चौकस है। मुजफ्फरपुर में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है और शहर में जाम से बचने के लिए ट्रैफिक रूट बदले गए हैं। पूर्णिया जिले में 12 परीक्षा केंद्रों पर 4,880 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठ रहे हैं।
कैंडिडेट्स के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और ड्रेस कोड
NTA ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की 'पेपर लीक' की अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें। उम्मीदवारों की सहायता के लिए परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, ORS घोल, एम्बुलेंस और अभिभावकों के बैठने के लिए शेड की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को नीचे दिए गए नियमों का सख्ती से पालन करना होगा:
- ड्रेस कोड: लड़कों और लड़कियों, दोनों को साधारण कपड़े पहनने होंगे। आधी आस्तीन (हाफ स्लीव्स) की टी-शर्ट या शर्ट ही पहनने की अनुमति है। पूरी आस्तीन (फुल स्लीव्स) के कपड़े पहनकर आने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
- प्रवेश पत्र और फोटोग्राफ: उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड का साफ रंगीन या ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटआउट (सभी पेजों के साथ) लाना होगा। एडमिट कार्ड के दूसरे पेज (प्रोफार्मा) पर घर से ही 4x6 इंच की पोस्टकार्ड साइज फोटो अच्छे से चिपकाकर लाएं। इसके अलावा, अटेंडेंस शीट पर लगाने के लिए अपने साथ कम से कम 2-3 अतिरिक्त पासपोर्ट साइज फोटो भी जरूर रखें। ध्यान रहे कि ये फोटो वही होनी चाहिए जो आवेदन पत्र में अपलोड की गई थी।
- पहचान पत्र: सुरक्षा जांच के समय सरकारी और वैध ओरिजिनल फोटो आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड (E-Aadhar भी मान्य), पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट दिखाना आवश्यक होगा। आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी या मोबाइल में दिखाई गई सॉफ्ट कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
- दिव्यांग उम्मीदवार: PwBD श्रेणी के तहत आने वाले जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा में एक्स्ट्रा टाइम या स्क्राइब (लेखक) की मांग की है, उन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओरिजिनल मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा।
मॉक ड्रिल और विदेशी केंद्रों की जानकारी
सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वायुसेना और डाक विभाग के सहयोग से परीक्षा से एक दिन पहले 20 जून को एक देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। भारत के अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई और शारजाह शहरों में भी नीट की परीक्षा आयोजित की जा रही है। दुबई में ‘द इंडियन हाई स्कूल’ और शारजाह में ‘शारजाह इंडियन स्कूल’ को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।













