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विदेश में डॉक्टरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत: अमेरिका और ब्रिटेन समेत 5 देशों से डिग्री लेने पर FMGE से मिलेगी छूटकरियर
9 अग॰ 2026, 1:13 pm (17 घंटे पहले)· 0

विदेश में डॉक्टरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत: अमेरिका और ब्रिटेन समेत 5 देशों से डिग्री लेने पर FMGE से मिलेगी छूट

अगर आप अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा या न्यूजीलैंड से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करते हैं और वहां का प्रैक्टिस लाइसेंस हासिल कर लेते हैं, तो भारत लौटने पर बिना FMGE परीक्षा दिए डॉक्टरी करने का अधिकार मिलता है।

भारत में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन सीमित सीटों और कठिन प्रतियोगिता के कारण हजारों विद्यार्थी अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के लिए विदेशों का रुख करते हैं। अधिकांश छात्र रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान या चीन जैसे देशों की ओर जाते हैं। हालांकि, विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल करने के बाद भारत में डॉक्टरी का लाइसेंस प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती साबित होता है। विदेशी मेडिकल स्नातकों को भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली में अभ्यास करने की अनुमति प्राप्त करने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) नामक स्क्रीनिंग परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है। इस परीक्षा का सफलता प्रतिशत ऐतिहासिक रूप से काफी कम रहा है, जिससे कई प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं है कि दुनिया में ऐसे पांच प्रमुख देश भी हैं जहाँ से पढ़ाई करने के बाद छात्रों को भारत वापस आकर यह कठिन FMGE परीक्षा नहीं देनी पड़ती।

फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) का पूरा गणित

विदेशों से मेडिकल शिक्षा पूरी करके लौटने वाले भारतीय छात्रों के लिए FMGE परीक्षा पास करना एक अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) इस परीक्षा का आयोजन यह सुनिश्चित करने के लिए करता है कि विदेशों से पढ़कर आए डॉक्टरों का ज्ञान और क्लिनिकल कौशल भारतीय मानकों के अनुरूप हो। रूस, कजाकिस्तान, फिलीपींस और उज्बेकिस्तान जैसे पारंपरिक गंतव्यों से पढ़ाई करने वाले मेडिकल ग्रेजुएट्स को भारत में मेडिकल काउंसिल या NMC में पंजीकरण कराने से पहले FMGE पास करना ही होता है। परीक्षा के कठिन पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न के कारण हर साल केवल सीमित संख्या में अभ्यर्थी ही इसे पहली बार में क्लियर कर पाते हैं। परीक्षा पास न कर पाने की स्थिति में छात्रों की वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये का निवेश संकट में पड़ जाता है। यही कारण है कि छात्र ऐसे विकल्पों की तलाश करते हैं जहाँ शिक्षा का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता हो और भारत लौटने पर अतिरिक्त परीक्षा का तनाव न रहे।

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वे 5 प्रमुख देश जहाँ से पढ़ाई पर नहीं देनी होती FMGE परीक्षा

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के दिशानिर्देशों के अनुसार, दुनिया के पांच प्रमुख अंग्रेजी भाषी देशों की मेडिकल शिक्षा और उनके लाइसेंसिंग सिस्टम को उच्च गुणवत्ता का माना जाता है। यदि कोई भारतीय छात्र इन देशों से अपनी मेडिकल डिग्री पूरी करता है और वहाँ की अधिकृत लाइसेंसिंग परीक्षा पास करके प्रैक्टिस करने का कानूनी अधिकार हासिल कर लेता है, तो भारत लौटने पर उसे FMGE परीक्षा दिए बिना ही सीधे मेडिकल रजिस्ट्रेशन का अधिकार मिल जाता है। जानिए वे पांच देश कौन-कौन से हैं और उनकी प्रक्रियाएं क्या हैं

1. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): अमेरिका में एमबीबीएस डिग्री को एमडी (MD) कहा जाता है। अमेरिकी मेडिकल शिक्षा प्रणाली को दुनिया भर में सर्वोच्च क्लिनिकल मानकों के लिए जाना जाता है। अमेरिका से एमडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों को यूनाइटेड स्टेट्स मेडिकल लाइसेंसिंग एग्जामिनेशन (USMLE) के सभी चरणों को उत्तीर्ण करना होता है। USMLE के सभी स्टेप्स पास करके अमेरिका में मेडिकल प्रैक्टिस का वैध लाइसेंस हासिल करने वाले डॉक्टरों को भारत आने पर FMGE परीक्षा से पूर्ण रूप से छूट दी जाती है।

2. यूनाइटेड किंगडम (UK): ब्रिटेन की मेडिकल डिग्रियों का भारत और दुनिया भर में बहुत सम्मान है। ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) से जुड़े अस्पतालों में मेडिकल छात्रों को शुरुआती दिनों से ही गहन क्लिनिकल ट्रेनिंग दी जाती है। ब्रिटेन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को प्रोफेशनल एंड लिंग्विस्टिक असेसमेंट बोर्ड (PLAB) की परीक्षा क्लियर करनी होती है। PLAB पास करने के उपरांत जनरल मेडिकल काउंसिल (GMC) में रजिस्ट्रेशन मिल जाता है। ब्रिटेन में लाइसेंस्ड डॉक्टर बनने के बाद भारत में बिना किसी FMGE परीक्षा के डॉक्टरी की अनुमति मिल जाती है।

3. ऑस्ट्रेलिया (Australia): ऑस्ट्रेलिया की मेडिकल यूनिवर्सिटीज अपने आधुनिक रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय क्लिनिकल सुविधाओं के लिए जानी जाती हैं। ऑस्ट्रेलिया से मेडिकल की डिग्री हासिल करने के बाद भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलियाई मेडिकल काउंसिल (AMC) द्वारा आयोजित परीक्षा को उत्तीर्ण करना पड़ता है। AMC लाइसेंस प्राप्त करते ही नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) छात्र को भारत में बिना स्क्रीनिंग परीक्षा के सीधे रजिस्ट्रेशन कराने और डॉक्टरी का अभ्यास शुरू करने की इजाजत दे देता है।

4. कनाडा (Canada): कनाडा में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता अत्यंत सख्त और उच्च स्तरीय मानी जाती है। कनाडा के मेडिकल कॉलेजों से स्नातक करने वाले छात्रों को मेडिकल काउंसिल ऑफ कनाडा क्वालिफाइंग एग्जामिनेशन (MCCQE) पास करना अनिवार्य होता है। MCCQE उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को कनाडा में बतौर पंजीकृत डॉक्टर कार्य करने का लाइसेंस मिलता है। इस लाइसेंस के बल पर भारत लौटने पर वे सीधे अपना क्लीनिक स्थापित कर सकते हैं या किसी अस्पताल में सेवा देना शुरू कर सकते हैं।

5. न्यूजीलैंड (New Zealand): न्यूजीलैंड अपने शांत वातावरण और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा ढांचे के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की प्रमुख यूनिवर्सिटीज से मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को न्यूजीलैंड रजिस्ट्रेशन एग्जामिनेशन (NZREX) प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। NZREX उत्तीर्ण करने के बाद न्यूजीलैंड में प्रैक्टिस का लाइसेंस प्राप्त होता है, जो भारत में FMGE परीक्षा से पूरी तरह छूट प्रदान करता है।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की सबसे महत्वपूर्ण शर्त

इन पांच देशों से पढ़ाई करने की योजना बना रहे छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए NMC की मूल शर्त को समझना बेहद आवश्यक है। केवल इन देशों के किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से मेडिकल की डिग्री प्राप्त कर लेना ही FMGE से छूट पाने के लिए पर्याप्त नहीं है। नेशनल मेडिकल कमीशन के नियमों के अनुसार, छात्र को संबंधित देश की अधिकृत मेडिकल काउंसिल द्वारा आयोजित लाइसेंसिंग परीक्षा जैसे USMLE, PLAB, AMC, MCCQE या NZREX को पास करना होगा और उस देश में डॉक्टर के रूप में अभ्यास करने का आधिकारिक लाइसेंस हासिल करना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र केवल डिग्री लेकर भारत लौट आता है और उस देश का प्रैक्टिस लाइसेंस हासिल नहीं करता है, तो उसे भारत में रजिस्ट्रेशन के लिए सामान्य प्रक्रिया के तहत FMGE परीक्षा देनी ही पड़ेगी। इसलिए छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वहाँ की लाइसेंसिंग प्रक्रिया को भी सफलतापूर्वक पूरा करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

सवाल-जवाब

किन 5 देशों से एमबीबीएस करने पर भारत में FMGE परीक्षा नहीं देनी पड़ती?
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), यूनाइटेड किंगडम (UK), ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड से मेडिकल की पढ़ाई और लाइसेंस मिलने पर FMGE से छूट मिलती है।
क्या केवल इन देशों से डिग्री लेना ही FMGE छूट के लिए काफी है?
नहीं, डिग्री के साथ-साथ उन देशों की आधिकारिक लाइसेंसिंग परीक्षा पास करके वहां का प्रैक्टिस लाइसेंस हासिल करना अनिवार्य है।
अमेरिका से पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को कौन सी परीक्षा पास करनी होती है?
अमेरिका में एमडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को USMLE परीक्षा के सभी चरणों को उत्तीर्ण करके वहां का लाइसेंस प्राप्त करना होता है।
रूस या कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए क्या नियम हैं?
इन देशों से लौटने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल रजिस्ट्रेशन के लिए NMC की FMGE परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
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