पितृ पक्ष के दौरान स्वप्न में पूर्वजों की अलग-अलग अवस्थाएं क्या संकेत देती हैं और इनके समाधान के नियमझारखंड के आठ कराटे खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे प्रतिभा, पलामू से कश्मीर तक का सफरमूलांक 1 राशिफल 25 सितंबर 2026: कागजी कार्रवाई और नियमों में न बरतें ढिलाई, अहंकार से बचेंकच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक चर्चाओं के बीच संभली चांदी, पर बॉन्ड यील्ड से सीमित बढ़तअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड दबाव में, 1.3200 के स्तर पर टिकामुचिंतल में रामानुजाचार्य के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी इमर्सिव तकनीककम बारिश से पश्चिमी राजस्थान में खरीफ फसलों पर संकट, संकटग्रस्त ग्रामीणों ने की सरकारी मुआवजे की मांगझज्जर में 12 घंटे की पैरोल पर बाहर आए उम्रकैद के सजायाफ्ता मैनपाल ने कंबोडिया की मेटाचान संग रचाई शादीअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के कड़े रुख से सोने पर दबाव, चार हफ्तों के सबसे खराब प्रदर्शन की तरफ कीमती धातुमूलांक 2 दैनिक अंकज्योतिष 25 सितंबर 2026: जरूरत से ज्यादा नरमी छोड़ें और काम से लेकर रिश्ते तक रखें स्पष्ट रुख
झारखंड के आठ कराटे खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे प्रतिभा, पलामू से कश्मीर तक का सफरझारखंड
25 सित॰ 2026, 8:31 am (29 मिनट पहले)· 1

झारखंड के आठ कराटे खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे प्रतिभा, पलामू से कश्मीर तक का सफर

राज्य स्तरीय स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर पलामू के आठ कराटे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी जगह पक्की की है। यह टूर्नामेंट कश्मीर के शेरे कश्मीर इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

झारखंड के पलामू जिले के खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। आम तौर पर विकास की दौड़ में पिछड़े माने जाने वाले इस इलाके के आठ कराटे प्रतिभागी अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं। जिला मुख्यालय के पांकी रोड स्थित द कराटे एकेडमी के इन आठ खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इसी बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उनका चयन आगामी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए हुआ है, जहां वे अपने खेल का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक के दम पर राष्ट्रीय टीम में चयन

अकादमी से जुड़े इन चयनित प्रतिभागियों ने लगभग एक महीने पहले आयोजित हुई राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश की थी। वहां अपने दमदार दांव-पेंच के बल पर इन खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए। राज्य स्तर पर मिली इस स्वर्णिम सफलता के आधार पर ही इन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता का टिकट हासिल हुआ है। इस राष्ट्रीय आयोजन में अंडर-19, अंडर-25 और अंडर-30 आयु वर्ग के मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र पूरे कर लिए हैं और उनका स्पष्ट लक्ष्य राष्ट्रीय पटल पर भी गोल्ड मेडल जीतकर अपने गृह जिले का परचम लहराना है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता कश्मीर स्थित शेरे कश्मीर इंडोर स्टेडियम में 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाली है।

ये भी पढ़ें

शिक्षा के साथ खेल के मैदान में साध रहे संतुलन

चयनित खिलाड़ियों में शामिल आकर्ष प्रताप ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कराटे के प्रति उनका रुझान शुरुआती दिनों में बना, जिसके बाद उन्होंने नियमित अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। उनके पिता एक पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और वे लगातार उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी सक्रिय रहने की प्रेरणा देते हैं। आकर्ष का कहना है कि कश्मीर में होने वाली इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में वे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए कमर कस चुके हैं और उनका एकमात्र लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है।

इसी क्रम में एक अन्य कराटे खिलाड़ी सत्यम कुमार ठाकुर ने बताया कि उन्होंने अपने कराटे प्रशिक्षण की शुरुआत ओरिएंट पब्लिक स्कूल से की थी। आगे चलकर उन्होंने कोच सुमित वर्मन से नियमित मार्गदर्शन लेना शुरू किया और विभिन्न स्पर्धाओं में उतरने लगे। जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता गया, खेल के प्रति उनका समर्पण और गहरा होता चला गया। सत्यम अब तक चार पदक अपने नाम दर्ज करा चुके हैं। उनका दीर्घकालिक लक्ष्य भविष्य में एक शीर्ष कराटे खिलाड़ी बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश को गौरवान्वित करना है।

जमीनी प्रतिभा को ओलंपिक मंच तक ले जाने का संकल्प

द कराटे एकेडमी के कोच सुमित वर्मन का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पलामू जैसे सुदूर जिले से भी युवा खिलाड़ी अपनी लगन के बूते लगातार आगे निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर अभिभावक केवल अकादमिक पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं, जो निश्चित रूप से जरूरी है, मगर साथ ही बच्चों को खेलों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उनका सबसे बड़ा सपना यह है कि पलामू का कोई खिलाड़ी आने वाले समय में ओलंपिक खेलों के मंच तक पहुंचे। इसके अलावा सरकारी स्तर पर भी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई सुविधाएं और नए मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

खेल कोटे से सरकारी नौकरियों और करियर के नए रास्ते

सुमित वर्मन ने करियर के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि खेल का दायरा केवल पदक बटोरने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार का एक मजबूत जरिया भी बन चुका है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों में खेल कोटे के तहत नौकरी के अवसर प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने रेलवे और बैंकिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि इन संस्थानों में प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए विशेष भर्तियां निकाली जाती हैं। ऐसे में युवा अपनी औपचारिक पढ़ाई जारी रखते हुए खेल को एक सशक्त आजीविका बना सकते हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरकत करने जा रहे पलामू के आठों खिलाड़ियों से इस बार भी पदक तालिका में शीर्ष पर रहने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

पलामू के कितने कराटे खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है?
पलामू स्थित द कराटे एकेडमी के कुल आठ खिलाड़ियों का चयन आगामी राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
इन खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए किस आधार पर हुआ?
इन सभी खिलाड़ियों ने करीब एक महीने पहले आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में अपने-अपने वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था, जिसके आधार पर उन्हें चुना गया।
राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता का आयोजन कहां और कब होने जा रहा है?
यह प्रतियोगिता कश्मीर के शेरे कश्मीर इंडोर स्टेडियम में 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कौन-कौन से आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल होंगे?
इस चैंपियनशिप में अंडर-19, अंडर-25 और अंडर-30 आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे।
खिलाड़ी आकर्ष प्रताप के पिता क्या काम करते हैं?
आकर्ष प्रताप के पिता एक पारा शिक्षक हैं और वे आकर्ष को पढ़ाई के साथ-साथ खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
सत्यम कुमार ठाकुर ने कराटे का शुरुआती प्रशिक्षण कहां से प्राप्त किया था?
सत्यम कुमार ठाकुर ने कराटे की शुरुआती ट्रेनिंग ओरिएंट पब्लिक स्कूल से ली थी और वे अब तक चार पदक जीत चुके हैं।
द कराटे एकेडमी के कोच कौन हैं?
द कराटे एकेडमी के कोच सुमित वर्मन हैं, जो पांकी रोड पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं।
कोच सुमित वर्मन के अनुसार कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन से करियर को क्या लाभ मिलता है?
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को रेलवे और बैंकिंग जैसे सरकारी विभागों में खेल कोटे के तहत नौकरी के अवसर मिलते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 मिनट पहले

पलामू से सीधे कश्मीर तक का सफर इन बच्चों के लिए बहुत बड़ी बात है। क्या इनके जाने-आने और रहने का पूरा खर्च सरकार उठा रही है या एकेडमी को ही सब देखना पड़ रहा है?

Rohan Verma@rohan-verma·17 मिनट पहले

करण भाई, खर्च की बात छोड़िए, कश्मीर में मुकाबला है तो वहां सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के इंतजाम कैसे होंगे, असली चिंता तो वो होनी चाहिए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp