उपवास में सुस्ती दूर भगाएंगी अंजलि उपाध्याय की सुझाई 4 पौष्टिक रेसिपीज, जानें दिनभर ऊर्जावान रहने का तरीकाउत्तर प्रदेश के गोंडा में किसान संजय मौर्य ने अपनाया लौकी का मॉडल, 3 हजार की लागत से पाई 80 हजार रुपये तक की आमदनीकैटरीना कैफ और सलमान खान की जोड़ी का अनोखा रिकॉर्ड, साथ काम की 7 फिल्मों में एक भी नहीं रही फ्लॉपमेम्फिस क्लासिक में भीषण गर्मी बनी आफत, कोर्ट पर गिर गईं एकैटरीना अलेक्जेंड्रोवा; उधर वीनस विलियम्स भी हारकर बाहरपेपर लीक बिल पर लोकसभा में हंगामा, राहुल और प्रियंका गांधी के बयानों से भड़का सत्ता पक्षकस्टम एआई बाल पुस्तकों पर दाओझी शू की चेतावनी और अभिभावकों का बढ़ता विरोध'जेनरेशन गटर' विवाद पर कंगना रनौत का पलटवार, इंस्टाग्राम रील जारी कर आलोचकों और मीडिया को दिया करारा जवाबदैनिक राशिफल 30 जुलाई 2026: मेष से लेकर मीन तक, जानें किस राशि के खुलेंगे किस्मत के द्वारसुप्रीम कोर्ट ने EWS आरक्षण की आय सीमा को शुरुआती तौर पर बताया वाजिब, NTA नोटिफिकेशन पर सुनवाई जारीपहली तिमाही में अडाणी पोर्ट्स ने दर्ज किया ₹3,649.50 करोड़ का नेट प्रॉफिट, मजबूत नतीजों के बाद भी 3% से ज्यादा टूटे शेयर
शी जिनपिंग को 'दोस्त' बता रहे ट्रंप, बैठक में उइगरों के मुद्दे पर साधी चुप्पी से भड़के एक्टिविस्टचीन
26 जून 2026, 12:02 am (34 दिन पहले)· 11

शी जिनपिंग को 'दोस्त' बता रहे ट्रंप, बैठक में उइगरों के मुद्दे पर साधी चुप्पी से भड़के एक्टिविस्ट

ट्रंप और शी जिनपिंग की हाल की मुलाकात के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग के बयानों में उइगरों पर कथित उत्पीड़न का जिक्र तक नहीं हुआ, जिससे उइगर एक्टिविस्ट नाराज हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल में हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा, लेकिन इस बैठक के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों की तरफ से जारी आधिकारिक बयानों में एक बड़ा मुद्दा पूरी तरह गायब रहा, मानवाधिकार। खासकर चीन में उइगर समुदाय के खिलाफ कथित उत्पीड़न का जिक्र तक नहीं किया गया, और यही बात अब सवालों के घेरे में है।

यह चुप्पी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब ट्रंप शी जिनपिंग को लेकर अपने तेवर काफी नरम कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने शी को अपना 'दोस्त' और 'अच्छा इंसान' तक बता दिया था।

ये भी पढ़ें

एक बहन, आठ साल की कैद और टूटती उम्मीद

उइगर एक्टिविस्ट रुशान अब्बास को उम्मीद थी कि पिछले महीने ट्रंप की बीजिंग यात्रा उनकी बहन गुलशन अब्बास की रिहाई की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गुलशन अब्बास को चीन में करीब आठ साल से कैद रखा गया है।

ट्रंप की बीजिंग रवानगी से कुछ दिन पहले अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने ऐसे प्रस्ताव पास किए थे, जिनमें राष्ट्रपति से कहा गया था कि वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से हिरासत में लिए गए छह लोगों की रिहाई के लिए दबाव बनाएं। इस सूची में गुलशन अब्बास का नाम भी शामिल था।

14 मई को रुशान अब्बास ने लिखा, "मैं दुनिया के सबसे ताकतवर लोकतांत्रिक नेता से कह रही हूं कि वे एक तानाशाह की आंखों में आंखें डालकर मेरी बहन को वापस लाने की मांग करें।"

बातचीत से नहीं निकला कोई नतीजा

शी जिनपिंग के साथ ट्रंप की इन बैठकों से उइगरों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर फौरन कोई हल नहीं निकला। न तो वॉशिंगटन और न ही बीजिंग ने यह बताया कि बातचीत में मानवाधिकारों का मुद्दा उठा भी या नहीं।

अब कई उइगरों का भरोसा कमजोर पड़ गया है कि अमेरिका में हो रही कोशिशों से कोई बड़ा बदलाव आएगा। वे चीन के शिनजियांग इलाके में हिरासत में लिए गए या निगरानी में रखे गए अपने परिवार और दोस्तों की मदद के लिए दूसरे रास्ते तलाशने लगे हैं।

'पहले नरसंहार रोको, फिर बात करो'

33 साल के एक्टिविस्ट सालिह हुदयार ने नाराजगी जताते हुए कहा, "ट्रंप ने लगातार जारी नरसंहार के बावजूद शी जिनपिंग से मुलाकात की, यही हमारे लिए सबसे बड़ा झटका है। शर्त तो यह होनी चाहिए थी कि पहले आप यह नरसंहार खत्म करें, उसके बाद ही हमारे साथ बैठकर बात करें।"

2017 से जारी कार्रवाई

साल 2017 से अब तक चीनी सरकार ने कथित तौर पर 10 लाख से ज्यादा तुर्किक जातीय समूहों के लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें ज्यादातर उइगर हैं। उइगर एक मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय है, जो चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में रहता है।

सवाल-जवाब

ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक के बाद किस मुद्दे पर चुप्पी रही?
बैठक के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों के बयानों में मानवाधिकार, खासकर उइगरों के खिलाफ कथित उत्पीड़न का कोई जिक्र नहीं किया गया।
रुशान अब्बास कौन हैं और उनकी मांग क्या है?
रुशान अब्बास एक उइगर एक्टिविस्ट हैं, जो चीन में करीब आठ साल से कैद अपनी बहन गुलशन अब्बास की रिहाई की मांग कर रही हैं।
अमेरिकी सीनेट और हाउस ने ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले क्या किया?
दोनों ने प्रस्ताव पास कर राष्ट्रपति से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से हिरासत में लिए गए छह लोगों की रिहाई के लिए दबाव बनाने को कहा, जिनमें गुलशन अब्बास भी शामिल थीं।
सालिह हुदयार ने बैठक पर क्या कहा?
33 साल के एक्टिविस्ट सालिह हुदयार ने कहा कि नरसंहार जारी रहने के बावजूद ट्रंप का शी जिनपिंग से मिलना सबसे बड़ा झटका है, और शर्त यह होनी चाहिए थी कि पहले नरसंहार खत्म हो।
चीन ने 2017 से अब तक कितने लोगों को हिरासत में लिया है?
रिपोर्ट के मुताबिक 2017 से चीनी सरकार ने कथित तौर पर 10 लाख से ज्यादा तुर्किक जातीय समूहों के लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें ज्यादातर उइगर हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR