आईपीएल 2026 में जिस बल्लेबाज ने बड़े बड़े गेंदबाजों की नींद उड़ा दी थी, वही वैभव सूर्यवंशी अब वनडे फॉर्मेट में संघर्ष करते दिख रहे हैं। टी20 में उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने उन्हें इंडिया ए टीम तक पहुंचाया, मगर श्रीलंका में जारी ट्राई वनडे सीरीज में वो उस छाप को दोहरा नहीं पाए हैं। तीन मैचों में बल्ला खामोश रहा है और यही बात अब फैंस और जानकारों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
इस दौरे के तीसरे मुकाबले में सूर्यवंशी सिर्फ 21 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रीलंका ए के स्पिनर सहान अराच्चिगे की गेंद पर वो वानुजा सहान के हाथों लपके गए। दरअसल वो पहले ही ड्राइव खेलने का मन बना चुके थे, गेंद बल्ले के बीचोंबीच नहीं लगी और पॉइंट की दिशा में चली गई, जिससे कैच आसान हो गया। बस यहीं से वो सवाल और गहरा गया कि जो खिलाड़ी आईपीएल में मंझे हुए गेंदबाजों को धोता रहा, उसका बल्ला इस सीरीज में रंग क्यों नहीं जमा पा रहा।
तीनों मैचों में कैसा रहा हाल
यह दौरे का तीसरा मैच था और अब तक सूर्यवंशी अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। पहले मुकाबले में श्रीलंका ए के खिलाफ बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 14 गेंदों पर महज 12 रन बनाए और मिड-ऑफ पर कैच थमा बैठे। दूसरे मैच में अफगानिस्तान ए के सामने उन्होंने तेवर दिखाए और 22 गेंदों में 44 रन की तेज पारी खेली, लेकिन अब्दुल्ला अहमदजई की एक शॉर्ट गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। यानी एक पारी को छोड़ दें तो बड़ा स्कोर उनके बल्ले से दूर ही रहा।
आखिर क्यों नहीं चल रहा वैभव का बल्ला
टी20 में सूर्यवंशी का खेल गजब का रहा है और अंडर 19 स्तर पर वनडे फॉर्मेट में भी उन्होंने कमाल किया था, मगर सीनियर क्रिकेट में कदम रखते ही वनडे में वो फ्लॉप साबित हो रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह शायद फॉर्मेट को लेकर उनके मन में चल रहा संशय है। टी20 में जिस अंदाज में वो खुलकर बल्लेबाजी करते हैं, वही उनका स्वाभाविक खेल है, जबकि वनडे में वो संभलकर खेलने की कोशिश कर रहे हैं और इसी उधेड़बुन में लय टूट रही है।
दूसरी वजह अति आत्मविश्वास भी हो सकती है। ऐसा लगता है कि वो श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के गेंदबाजों को कुछ कमतर आंकने की गलती कर रहे हैं। उधर विरोधी गेंदबाज उनके पुराने वीडियो खंगालकर, बेहतर रणनीति और तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं और उनकी कमजोरियों पर सटीक वार कर विकेट निकाल ले जा रहे हैं। खुद सूर्यवंशी कह चुके हैं कि वो मैच से पहले किसी गेंदबाज को लेकर होमवर्क नहीं करते, और हो सकता है यही आदत उन पर भारी पड़ रही हो। सीनियर क्रिकेट में विरोधी गेंदबाजों के खिलाफ रणनीति और तैयारी बेहद काम आती है, और अब उन्हें इसी पहलू पर मेहनत करनी होगी।
कम उम्र में ही रच चुके हैं इतिहास
महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट में बेहद तेजी से उभरे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उन्हें सीनियर टीम में भी जगह मिल चुकी है। 15 साल और 71 दिन की उम्र में वो सीनियर टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं और इस मामले में उन्होंने दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्हें 16 साल की उम्र में भारतीय टीम में चुना गया था। ऐसे में फैंस को भरोसा है कि वनडे की मौजूदा फिसलन सिर्फ एक दौर है, बशर्ते वो अपनी तैयारी में थोड़ा बदलाव लाएं।













