भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। पिछले तीन वर्षों से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा की। तीनों प्रारूपों में भारत के मुख्य आधार स्तंभों में शामिल रहे रहाणे ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं।
ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कप्तानी
अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में यादगार जीत हासिल की थी। नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने टीम की कमान संभाली और विपरीत परिस्थितियों में खिलाड़ियों को एकजुट कर ऐतिहासिक श्रृंखला अपने नाम की थी। उनकी शांत और रणनीतिक कप्तानी की दुनिया भर में प्रशंसा हुई थी।
तीन साल का लंबा इंतजार और फैसला
भारतीय टीम में वापसी के लिए रहाणे लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन पिछले तीन सालों से उन्हें मौका नहीं मिल पाया था। लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद आखिरकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से दूर होने का निर्णय लिया। अपने संदेश में उन्होंने माना कि सच्चाई यही है कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।



















