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अजीत अगरकर के बाद प्रज्ञान ओझा संभाल सकते हैं चयन समिति की कमानक्रिकेट
14 अक्तू॰ 2026, 9:04 pm (3 घंटे पहले)· 0

अजीत अगरकर के बाद प्रज्ञान ओझा संभाल सकते हैं चयन समिति की कमान

पार्थिव पटेल द्वारा आवेदन न किए जाने के बाद प्रज्ञान ओझा का मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहना लगभग तय माना जा रहा है। बीसीसीआई की समयसीमा खत्म होने के साथ ही चयन समिति में नए समीकरण उभरकर सामने आए हैं।

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की सीनियर चयन समिति के नए मुखिया को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती दिख रही है। पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह अहम पद रिक्त हुआ था। क्रिकेट बोर्ड ने इस खाली जगह को भरने के लिए औपचारिक रूप से प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें उम्मीद जताई जा रही थी कि पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल अपना दावा पेश करेंगे। सीनियर खिलाड़ी होने के नाते पार्थिव को इस दौड़ में सबसे आगे और पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद सामने आई जानकारी ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। पार्थिव पटेल ने चयन समिति में शामिल होने के लिए अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है, जिसके चलते प्रज्ञान ओझा का मुख्य चयनकर्ता पद पर बने रहना लगभग तय हो गया है।

प्रज्ञान ओझा की दावेदारी क्यों है सबसे मजबूत

अजीत अगरकर का कार्यकाल अक्टूबर के आरंभ में ही पूरा हो गया था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र के रिक्त पद को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। अगरकर के हटने के बाद से प्रज्ञान ओझा अंतरिम तौर पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले ओझा अब अपने कार्यकाल के शेष समय तक इस पद पर स्थायी रूप से बने रह सकते हैं। वर्तमान चयन पैनल में शामिल सदस्यों में प्रज्ञान ओझा के पास सर्वाधिक टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है, जो उनकी स्थिति को सबसे मजबूत बनाता है।

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आवेदन प्रक्रिया को लेकर बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर स्थिति साफ की। अधिकारी के अनुसार, उन्हें यह नहीं मालूम कि बोर्ड आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाएगा या नहीं, लेकिन तय तारीख 14 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक पार्थिव पटेल की ओर से कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समयसीमा में विस्तार किया जाता है या पार्थिव अपने निर्णय पर पुनर्विचार करते हैं, तभी चयन के समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल की परिस्थितियों में प्रज्ञान ओझा ही शीर्ष पद के सबसे स्वाभाविक और मजबूत उम्मीदवार बने हुए हैं।

पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधित्व की दौड़ और रमेश पोवार का नाम

पार्थिव पटेल के दौड़ से बाहर रहने के बाद पश्चिम क्षेत्र के कोटे को भरने के लिए नए नामों पर चर्चा तेज हो गई है। जूनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदार माने जा रहे रमेश पोवार अब सीनियर चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हो सकते हैं। पोवार के अलावा पूर्व विकेटकीपर समीर दिघे का नाम भी इस पद की रेस में शामिल है। उल्लेखनीय है कि जब पिछली बार चयनकर्ताओं के पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे, तब रमेश पोवार और समीर दिघे दोनों ने अपनी उम्मीदवारी पेश की थी।

पश्चिम क्षेत्र से इस विशिष्ट पद के लिए पात्र और प्रमुख पूर्व खिलाड़ियों की संख्या काफी सीमित मानी जा रही है। ऐसी स्थिति में चयन समिति का नया स्वरूप काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या क्रिकेट बोर्ड समयसीमा बढ़ाकर पार्थिव पटेल को दूसरा अवसर देता है या नहीं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो पोवार या दिघे में से किसी एक को सीनियर पैनल में जगह मिल सकती है, जबकि ओझा के पास मुख्य चयनकर्ता की पूर्ण कमान रहेगी।

सवाल-जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद क्यों खाली हुआ?
अजीत अगरकर का कार्यकाल अक्टूबर के आरंभ में पूरा हो जाने के कारण यह पद रिक्त हुआ था।
प्रज्ञान ओझा की मुख्य चयनकर्ता बनने की दावेदारी क्यों मजबूत है?
प्रज्ञान ओझा पहले से अंतरिम प्रभार संभाल रहे हैं और वर्तमान चयन समिति में उनके पास सबसे अधिक टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है।
पार्थिव पटेल के मुख्य चयनकर्ता बनने में क्या अड़चन आई?
पार्थिव पटेल ने 14 अक्टूबर को शाम पांच बजे की अंतिम समयसीमा तक चयन समिति के पद के लिए आवेदन नहीं किया।
सीनियर चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र से किन नए नामों की चर्चा है?
रमेश पोवार और समीर दिघे के नाम पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर सीनियर चयन समिति में शामिल होने की दौड़ में हैं।
प्रज्ञान ओझा वर्तमान में किस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं?
प्रज्ञान ओझा चयन समिति में दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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