सिनेमा के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो स्क्रीन पर बहुत कम समय के लिए आते हैं, लेकिन दर्शकों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। साल 1998 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म कुछ कुछ होता है का वह खामोश, तारों को निहारने वाला छोटा सरदार बच्चा आज भी लोगों की यादों में ताजा है। उस मासूम किरदार को परजान दस्तूर ने निभाया था, जिनकी उम्र उस समय महज 6 साल थी। पूरी फिल्म में लगभग शांत रहने वाले इस बच्चे का एक छोटा सा संवाद, 'तुस्सी जा रहे हो? तुस्सी ना जाओ', भारतीय पॉप कल्चर का ऐसा हिस्सा बना कि दशकों बाद भी लोग इसे रोजमर्रा की बातचीत में दोहराते हैं। बाल कलाकार के तौर पर रातोंरात शोहरत हासिल करने के बाद परजान ने कई दिग्गज सितारों के साथ काम किया, मगर बड़े होने पर उन्होंने मुख्यधारा के अभिनय से दूरी बना ली।
शाहरुख खान और काजोल के साथ शूटिंग के शुरुआती अनुभव
कम उम्र में बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन साझा करना किसी भी बाल कलाकार के लिए असाधारण अनुभव होता है। साल 2021 में दिए गए एक साक्षात्कार में परजान दस्तूर ने फिल्म के सेट से जुड़ी पुरानी यादें ताजा की थीं। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर उनसे कहते थे कि वह बेहद भाग्यशाली रहे, जिन्हें बचपन में ही शाहरुख खान जैसे बड़े अभिनेता के साथ काम करने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने अभिनेत्री काजोल के साथ बिताए खुशनुमा पलों का भी जिक्र किया था। परजान के अनुसार, शूटिंग के दौरान काजोल उन्हें बेहद स्नेह देती थीं और वह उनके साथ बाहर घूमने भी जाया करते थे। इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें घर-घर में एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया था।
अमिताभ बच्चन और करिश्मा कपूर के साथ चुनिंदा फिल्में
अपनी पहली ही बड़ी फिल्म से पहचान बनाने के बाद परजान दस्तूर ने कई प्रतिष्ठित बैनरों और बड़े कलाकारों के साथ काम जारी रखा। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट फिल्म मोहब्बतें और कभी खुशी कभी गम में स्क्रीन साझा की। इसके साथ ही वह करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म जुबैदा में भी नजर आए। उनके फिल्मी सफर में हाथी का अंडा, हम तुम और ब्रेक के बाद जैसी फिल्में भी शामिल रहीं। समय बीतने के साथ परजान केवल हल्की-फुल्की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने बेहद गंभीर और संवेदनशील विषयों पर आधारित सिनेमा का रुख भी किया।
परजानिया और सिकंदर में निभाए चुनौतीपूर्ण किरदार
साल 2007 में निर्देशक राहुल ढोलकिया की चर्चित फिल्म परजानिया रिलीज हुई, जिसमें परजान दस्तूर ने एक बेहद मार्मिक भूमिका निभाई। यह कहानी 2002 के गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित थी, जिसमें उनका किरदार दंगों के बीच अचानक लापता हो जाता है। इसके बाद साल 2009 में वह फिल्म सिकंदर में मुख्य भूमिका निभाते दिखे। इस फिल्म में उन्होंने कश्मीर के एक ऐसे स्कूली लड़के का किरदार निभाया था जो फुटबॉलर बनने के सपने देखता है, लेकिन एक दिन लावारिस बंदूक मिलने के बाद उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है। इन फिल्मों ने यह साबित किया कि वह एक परिपक्व और संजीदा अभिनेता के तौर पर जटिल भावनाओं को पर्दे पर उतारने में सक्षम थे।
वॉइस ओवर, बिजनेस मैनेजमेंट और पर्दे के पीछे का सफर
अभिनय के साथ-साथ परजान दस्तूर ने विज्ञापनों और वॉइस एक्टिंग के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। साल 2004 में आई सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की फिल्म हम तुम में उन्होंने एक लोकप्रिय एनिमेटेड किरदार को अपनी आवाज दी थी। हालांकि, जैसे-जैसे वह बड़े हुए, उनका रुझान कैमरे के सामने खड़े होने के बजाय फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने में अधिक होने लगा। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की और फिर फिल्म निर्देशन की राह चुनी। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। साल 2017 में वह शॉर्ट फिल्म पॉकेट मम्मी से जुड़े, जिसमें उन्होंने एक लेखक के रूप में काम किया था और पर्दे पर भी नजर आए थे। आज वह लाइमलाइट से दूर पर्दे के पीछे रहकर रचनात्मक काम कर रहे हैं।



















