मुंबई में धारावी पुनरुद्धार अभियान ने एक बड़ा व्यावहारिक कदम आगे बढ़ाया है। माटुंगा स्थित 22 एकड़ क्षेत्रफल वाली रेलवे भूमि पर पुनर्वास टावरों का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए औपचारिक भूमि पूजन संपन्न किया गया। इस चरण के तहत धारावी के योग्य परिवारों को नए पक्के आशियाने देने के लिए कुल 10,432 रिहैबिलिटेशन फ्लैट तैयार किए जाने हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अडाणी समूह के नेतृत्व वाली विशेष इकाई आगे बढ़ा रही है, जिससे एशिया के सबसे सघन अनौपचारिक रिहायशी इलाकों में शुमार धारावी की तस्वीर बदलने की उम्मीद की जा रही है।
10 ऊंची इमारतों का ढांचा और विशाल व्यावसायिक परिसर
इस पूरी टाउनशिप को धारावी रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट के लिए गठित स्पेशल पर्पज व्हीकल अडाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) विकसित कर रही है। माटुंगा की साइट पर कुल 10 विशाल रिहायशी टावर खड़े किए जाएंगे। इन गगनचुंबी इमारतों में केवल रिहायशी मकान ही नहीं, बल्कि आजीविका से जुड़े कामकाज को गति देने के लिए 1379 वाणिज्यिक तथा औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी। योजना इस तरह तैयार की गई है कि लोग अपने रिहायशी पते के करीब ही अपने पारंपरिक रोजगार और छोटे व्यवसायों को निरंतर जारी रख सकें।
भूमि पूजन के मौके पर अडाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडाणी ने योजना के मानवीय पक्ष पर जोर दिया। उन्होंने कहा,
"प्रत्येक परिवार एक ऐसे घर का हकदार है जहां वो सुरक्षित महसूस करे और भविष्य की योजना बना सके।"इस समारोह के दौरान महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे असीम कुमार गुप्ता भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
350 वर्ग फुट के आधुनिक फ्लैट और आवंटन की प्राथमिकता
पुनर्वास के मानकों पर खरे उतरने वाले प्रत्येक पात्र परिवार को 350 वर्ग फुट क्षेत्रफल का नया फ्लैट आवंटित किया जाएगा। आवंटन प्रक्रिया में एक चरणबद्ध रूपरेखा अपनाई जा रही है। शुरुआत में धारावी के सेक्टर-1 और सेक्टर-6 के पात्र बाशिंदों को माटुंगा के इन नवनिर्मित मकानों में स्थान दिया जाएगा। इसके उपरांत वरीयता सूची के आधार पर धारावी के अन्य वैध निवासियों के लिए लगभग 4500 अतिरिक्त फ्लैट्स का प्रबंध सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिक सुविधाओं का जाल और सामाजिक सुरक्षा
पुनर्वास परिसरों की रूपरेखा केवल कंक्रीट के मकानों तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि आधुनिक सामाजिक ढांचे को भी इसमें शामिल किया गया है। माटुंगा की इस नई आवासीय बस्ती में बच्चों के आरंभिक विकास के लिए किंडरगार्टन, सांस्कृतिक व सामूहिक आयोजनों हेतु कम्युनिटी हॉल और खुले वातावरण के लिए पोडियम गार्डन का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त बुजुर्गों और आम लोगों के टहलने व फुर्सत के पलों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सिटिंग एरिया भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
रखरखाव का दीर्घकालिक मॉडल और 10 साल की देखरेख
नई इमारतों के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए एक आत्मनिर्भर वित्तीय ढांचा तय किया गया है। हर पुनर्वास भवन के 10 प्रतिशत व्यावसायिक हिस्से को सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल इमारतों के साझा इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख में होगा। फ्लैट्स की चाबियां सौंपे जाने के बाद पहले 10 वर्षों तक सभी रिहायशी ढांचों, परिसरों और साझा सुविधाओं के रखरखाव एवं प्रबंधन का पूरा खर्च और दायित्व अडाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ही संभालेगी।


















