श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय क्रिकेट टीम के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम होने वाला है। पांच मैचों की इस टी20 सीरीज में टीम इंडिया फिलहाल 0-2 से पीछे चल रही है और लगातार दो हार ने पूरे कैंप में खलबली मचा दी है। इंग्लैंड की कठिन और उछाल भरी पिचों पर भारतीय खिलाड़ी संघर्ष करते नजर आ रहे हैं, जिससे सीरीज पर कब्जा बरकरार रखने की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। अगर भारत यह चौथा टी20 मुकाबला हार जाता है, तो उसे सीरीज गंवानी पड़ेगी। इसलिए अब टीम के सामने केवल 'करो या मरो' का विकल्प ही बचा है।
संजू सैमसन की वापसी पर सबकी नजरें
टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द संजू सैमसन का मुद्दा बना हुआ है। पिछले दो मैचों में उन्हें अंतिम एकादश से बाहर रखा गया और उनकी जगह 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया। हालांकि, सूर्यवंशी का प्रदर्शन कोई बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है, जिससे प्रशंसकों का गुस्सा उबाल पर है। ट्रेंट ब्रिज में मिली 125 रनों की करारी हार के बाद वहां मौजूद भारतीय समर्थकों ने 'वी वांट संजू' के नारे लगाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई थी। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संकेत दिए हैं कि अब टीम में बड़े बदलाव हो सकते हैं, जिससे संजू सैमसन की वापसी की संभावनाएं प्रबल हैं। टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम में न देख पाने की निराशा पहले से ही फैंस के बीच है, और अब सैमसन को दरकिनार करना प्रबंधन के लिए मुश्किल होता जा रहा है।
बल्लेबाजी क्रम में बड़ा बदलाव?
ट्रेंट ब्रिज की हार ने साफ कर दिया कि भारत की रणनीति में भारी कमियां हैं। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजी बिल्कुल बेबस नजर आई। इन दोनों इंग्लिश गेंदबाजों ने टॉप पांच बल्लेबाजों समेत कुल 7 विकेट झटके थे। अगर संजू सैमसन टीम में आते हैं, तो ईशान किशन को विकेटकीपिंग के लिए टीम में बनाए रखना तय माना जा रहा है क्योंकि कोच उन पर पूरा भरोसा जता रहे हैं। ऐसी स्थिति में तिलक वर्मा का स्थान खतरे में पड़ सकता है। तिलक आयरलैंड के खिलाफ एक पारी को छोड़कर पूरे इंग्लैंड दौरे पर फ्लॉप रहे हैं, जहां उन्होंने 13, 24 (नाबाद) और 3 रन की पारियां खेली हैं।
रणनीति और गेंदबाजी की नाकामी
पिछली हार के दौरान भारत केवल 76 रनों पर ढेर हो गया था, जो एक शर्मनाक प्रदर्शन है। इस मैच में एक अजीबोगरीब रणनीतिक भूल भी दिखी, जब फिनिशर शिवम दुबे से पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। इन फैसलों को लेकर गौतम गंभीर, श्रेयस अय्यर और अजीत अगरकर की चयन समिति की जमकर आलोचना हो रही है। केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी भी चिंता का विषय है। वरुण चक्रवर्ती, जिन्हें 'मिस्ट्री स्पिनर' कहा जाता है, इस पूरी सीरीज में बेअसर रहे हैं। उन्होंने 7 ओवर फेंके हैं और केवल 1 विकेट लिया है।
इंग्लैंड की तैयारी
हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम पूरी तरह से निडर और आत्मविश्वास से भरी है। फिल साल्ट का फॉर्म टीम के लिए वरदान साबित हो रहा है, जबकि आर्चर और टंग की तेज गेंदबाजी ने भारत के लिए मुश्किलें पैदा कर रखी हैं। मेजबान टीम का लक्ष्य है कि वे साउथम्प्टन में होने वाले आखिरी मुकाबले का इंतजार किए बिना गुरुवार को ही सीरीज को अपने नाम कर लें।
टीमें
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।
इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।











